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Fact Check: बिहार के भरत भूषण तिवारी की अंतिम यात्रा में भीड़ के नाम पर राजस्थान का पुराना वीडियो वायरल

भरत भूषण तिवारी की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ के दावे से वायरल वीडियो राजस्थान के पाली जिले के निमाज के स्थानीय पत्रकार गोविंद सेन के अंतिम संस्कार का है। इसके जरिए झूठ फैलाया जा रहा है।

  • By: Ashish Maharishi
  • Published: Jun 22, 2026 at 05:35 PM
  • Updated: Jun 22, 2026 at 06:21 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह भरत भूषण तिवारी की अंतिम यात्रा का वीडियो है। इस वीडियो में काफी तादाद में लोगों को देखा जा सकता है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। राजस्थान के एक पत्रकार की अंतिम यात्रा के वीडियो को बिहार के भरत भूषण तिवारी की शव यात्रा बताकर शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

फेसबुक पेज ‘छोटा पीके’ ने 20 जून 2026 को एक वीडियो को पोस्ट करते हुए दावा किया, “भरत तिवारी की अंतिम यात्रा में जुटी ये भीड़ ही बता रही है कि उसका एनकाउंटर लोगों को कितना गलत लगा…!”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। इसके आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच के लिए सबसे पहले वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया।

असली वीडियो हमें ‘nimaj_vala83’ इंस्टाग्राम हैंडल पर मिला। इसे 10 मार्च 2026 को अपलोड किया गया था। जबकि, भरत का एनकाउंटर 17 जून 2026 को हुआ था। इससे यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो का भरत के अंतिम संस्कार से कोई संबंध नहीं है।

विश्वास न्यूज ने इसके बाद गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। कीवर्ड सर्च के दौरान हमें एक खबर मिली। इसमें बताया गया कि निम्बाज के युवा पत्रकार गोविंद सेन के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। यह खबर लोकमत भारत नाम के एक यूट्यूब चैनल पर 11 मार्च 2026 को अपलोड की गई थी।

विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान ‘nimaj_vala83’ इंस्टाग्राम हैंडल के फाउंडर हनुमान गहलोत से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो को उन्होंने ही बनाया था। मार्च में निमाज के पत्रकार गोविंद सेन का निधन हो गया था। वायरल वीडियो उन्हीं की अंतिम यात्रा का है।

विश्वास न्यूज ने दैनिक जागरण, आरा के संपादकीय प्रभारी कंचन किशोर से भी संपर्क किया। उन्होंने बताया कि भरत भूषण तिवारी का अंतिम संस्कार हो चुका है। वायरल वीडियो यहां का नहीं है।

क्या है संदर्भ

बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून को भरत भूषण तिवारी नाम के एक युवा का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। मृतक भरत भूषण तिवारी के स्वजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और पिस्तौल भी फेंक दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया।

22 जून 2026 को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर फौरन सुनवाई करने से मना कर दिया है। जस्टिस बी. वी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के सामने मेंशनिंग करने का निर्देश दिया है।

दैनिक जागरण की 22 जून 2026 की एक खबर के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज से इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में बिहार के भरत भूषण तिवारी के अंतिम संस्कार के नाम पर वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। भरत भूषण तिवारी की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ के दावे से वायरल वीडियो राजस्थान के पाली जिले के निमाज के स्थानीय पत्रकार गोविंद सेन के अंतिम संस्कार का है। इसके जरिए झूठ फैलाया जा रहा है।

  • Claim Review : बिहार में एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की अंतिम यात्रा।
  • Claimed By : FB Page Chota PK
  • Fact Check : झूठ

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