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Fact Check: बांग्लादेश का वीडियो मालदा में हुई हिंसा से जोड़कर वायरल

पश्चिम बंगाल के मालदा में 27 मार्च को हिंसा हुई थी। हालांकि, इससे जोड़कर वायरल हो रहा वीडियो बांग्लादेश का है। इसका मालदा से कोई संबंध नहीं है।

Bangladesh Video Falsely Linked to Malda Violence

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल के मालदा में हुई हिंसा से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोगों को गाड़ियों में तोड़फोड़ और उनमें आग लगाते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर मुस्लिमों पर निशाना साधते हुए दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो मालदा में हुई हिंसा की है।

विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि वेस्ट बंगाल के मालदा में 27 मार्च को उपद्रवियों ने बवाल मचाया था, लेकिन इससे जोड़कर वायरल हो रहा यह वीडियो बांग्लादेश का है। इसका मालदा में हुई हिंसा से कोई संबंध नहीं है।

वायरल पोस्ट

फेसबुक यूजर Reality Check with Mukesh Sharma ने 28 मार्च को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,

“सौगात ए मोदी”…मिलने की खुशी में अब मालदा का मुसलमान पूरी तरह नफ़रत भूल हिंदू भाइयों की बस्ती में दीपावली मना रहा है..!!”

थ्रेड यूजर k_k_s400 ने इस वीडियो को वक्फ कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा से जोड़कर शेयर (आर्काइव लिंक) किया है।

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया। 27 मार्च को दैनिक जागरण की वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार, “मालदा के मोथाबाड़ी क्षेत्र में उपद्रवियों ने थाने का घेराव किया और पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इस दौरान उपद्रवियों ने कई घरों और दुकानों को भी निशाना बनाया। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। विवाद 24 मार्च को मस्जिद के सामने पटाखा फोड़ने के बाद हुआ। इस घटना के बाद एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें पहुंची भीड़ थाने की ओर निकली और रास्ते में पड़ने वाली दुकानों और घरों को निशाना बनाया। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।”

आजतक की वेबसाइट पर छपी खबर में भी इस घटना के बारे में पढ़ा जा सकता है।

इसके बाद हमने वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। इसमें एक दुकान के ऊपर Afza’s Sweet & Dessert का बोर्ड लगा हुआ है।

गूगल पर सर्च करने पर पता चला कि यह दुकान बांग्लादेश के सिलेट में है। वायरल तस्वीर और इस तस्वीर में बोर्ड और लोकेशन एक सी ​दिख रही है।

वीडियो को कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च करने पर हमें फेसबुक यूजर মুক্তিযুদ্ধার চেতনা और Red Times द्वारा 18 जनवरी को शेयर की गई पोस्ट मिली। इसमें वायरल वीडियो के हिस्से को देखा जा सकता है। दोनों यूजर्स की लोकेशन बांग्लादेश की दी गई है। हालांकि, इसमें वीडियो के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।

इस बारे में बांग्लादेश के फैक्ट चेकर तनवीर महताब आबिर का कहना है कि यह वीडियो बांग्लादेश में नवंबर 2023 में हुए उपद्रव का है।

हमने मालदा में दैनिक जागरण के रिपोर्टर सो​मक लाहिरी से भी संपर्क किया। उनका कहना है कि वायरल वीडियो यहां का नहीं है। यहां दोपहर में हिंसा हुई थी, जिसके बाद पुलिस फोर्स लगा दी गई थी।

इससे यह तो साफ हो गया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश के सिलेट का है।

बांग्लादेश के वीडियो को भारत का बताकर शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के करीब 70 हजार फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: पश्चिम बंगाल के मालदा में 27 मार्च को हिंसा हुई थी। हालांकि, इससे जोड़कर वायरल हो रहा वीडियो बांग्लादेश का है। इसका मालदा से कोई संबंध नहीं है।

  • Claim Review : यह वीडियो मालदा में हुई हिंसा की है।
  • Claimed By : FB User- Reality Check with Mukesh Sharma
  • Fact Check : भ्रामक

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