X

Fact Check: बिहार की लोकल ट्रेन के पुराने वीडियो को प्रयागराज से जोड़कर किया जा रहा वायरल

यूपीपीईटी से जोड़कर प्रयागराज से गुजरने वाली ट्रेन का बताया जा रहा यह वीडियो पुराना है। साढ़े चार साल से ज्यादा समय से यह इंटरनेट पर मौजूद है। इसे गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • By Vishvas News
  • Updated: October 17, 2022
UPPET

नई दिल्ली (विश्‍वास न्‍यूज)। यूपीपीईटी परीक्षा के नाम से सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रही हैं। इनमें से एक ओवरक्राउडेड ट्रेन की भी है। इसमें यात्री ट्रेन के दरवाजे पर लटके हुए हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इसे यूपीपीईटी परीक्षा से जोड़कर दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो प्रयागराज में ट्रेन से लटके यपीपीईटी अभ्यर्थियों की है।

विश्‍वास न्‍यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो करीब साढ़े चार साल से इंटरनेट पर मौजूद है। यह ट्रेन मध्य पूर्व रेलवे (East Central Railway) जोन की है, जिसका हेडक्वार्टर बिहार के हाजीपुर में है। इसका प्रयागराज और यूपीपीईटी परीक्षा से कोई संबंध नहीं है।

क्या है वायरल पोस्ट

फेसबुक यूजर Ramji Madeshiya (आर्काइव लिंक) ने 30 सेकंड का यह वीडियो शेयर कर लिखा,

दिल दहला देने वाली यह वीडियो #Prayagraj का बताया जा रहा है।

यह अभ्यार्थी #PET का परीक्षा देने जा रहे हैं।

अगर कोई हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन??

ट्विटर यूजर Ashish Paswan (आर्काइव लिंक) ने भी वीडियो शेयर करते हुए समान दावा किया।

पड़ताल

वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। इसमें ट्रेन के कोच पर पू म (EC) लिखा हुआ है। मतलब यह ट्रेन पूर्व मध्य रेलवे (ईस्ट सेंट्रल रेलवे जोन) की है। इसका मुख्यालय बिहार के हाजीपुर में है। इसका उद्घाटन 8 सितंबर 1996 को हुआ था। 1 अक्टूबर 2002 को पूर्वी और उत्तर पूर्वी रेलवे जोन के क्षेत्रों को मिलाकर इसे चालू किया गया। इसमें धनबाद, दानापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय (पुराना नाम मुगलसराय), सोनपुर और समस्तीपुर डिवीजन शामिल हैं।

गूगल के इनविड टूल से वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल रिवर्स इमेज से सर्च किया। इसमें हमें Neeraj Anand यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो मिला। इसे 27 फरवरी 2018 को अपलोड किया गया है। इसका टाइटल है, #train ये नज़ारा केवल पटना में ही देखने को मिलेगा। इसके डिस्क्रिप्शन में लिखा है, Gaya to patna local train passengers crowd। मतलब गया से पटना लोकल ट्रेन में यात्रियों की भीड़।

North Central Railway के ट्विटर अकाउंट से वायरल वीडियो के संबंध में ट्वीट किया गया है। 15 अक्टूबर 2022 को किए गए इस ट्वीट में कहा गया है कि इस मेमू ट्रेन का कोच नंबर प्रयागराज से नहीं गुजरा है। इसका UPPET से कोई लेना-देना नहीं है।

इस बारे में नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय का कहना है, ‘वायरल वीडियो का यूपीपीईटी से कोई संबंध नहीं है। यह ट्रेन प्रयागराज से नहीं गुजरी थी।

15 अक्टूबर 2022 को जागरण डॉट कॉम में छपी खबर के मुताबिक, यूपी में 15 और 16 अक्टूबर को 37 लाख से अधि‍क अभ्‍यर्थी UPSSSC PET 2022 की परीक्षा दे रहे हैं। इस वजह से दूसरे जिलों से आए अभ्‍यर्थ‍ियों के कारण ट्रेनों और बसों में भारी भीड़ हो गई है।

वीडियो को गलत दावे से शेयर करने वाले फेसबुक यूजर ‘रामजी मदेशिया‘ की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। इसके मुताबिक, वह कुशीनगर में रहते हैं।

निष्कर्ष: यूपीपीईटी से जोड़कर प्रयागराज से गुजरने वाली ट्रेन का बताया जा रहा यह वीडियो पुराना है। साढ़े चार साल से ज्यादा समय से यह इंटरनेट पर मौजूद है। इसे गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : यह वीडियो प्रयागराज में ट्रेन से लटके यपीपीईटी अभ्यर्थियों की है।
  • Claimed By : FB User- Ramji Madeshiya
  • Fact Check : झूठ
झूठ
फेक न्यूज की प्रकृति को बताने वाला सिंबल
  • सच
  • भ्रामक
  • झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later