Fact Check: दिल्ली के राजेंद्र नगर में जूस में मिलावट का आरोप छह माह पुराना, जांच में खाने में मिलाया जाने वाला रंग निकला था
सितंबर 2024 में दिल्ली के राजेंद्र नगर में जूस की दुकान में काम करने वाले लोगों पर अनार के जूस में केमिकल मिलाने का आरोप लगा था। जांच में वह खाने में मिलाया जाने वाला रंग निकला था। उस घटना के वीडियो को गलत सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Mar 27, 2025 at 05:08 PM
- Updated: Mar 28, 2025 at 01:21 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली के राजेंद्र नगर में एक जूस की दुकान का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इसमें जूस की दुकान पर काम करने वाले लोगों के साथ पुलिसकर्मी और अन्य लोग भी खड़े हैं। कुछ यूजर्स इस वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर दावा कर रहे हैं कि दिल्ली में अनार के जूस में हार्ड केमिकल मिलाकर पिलाया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच तो पता चला कि वायरल वीडियो पिछले साल सितंबर में हुई घटना का है। पुलिस जांच में दुकान में रखा रंग हार्ड केमिकल नहीं बल्कि खाने में मिलाने वाला रंग निकला था। इसके बाद दुकान कर्मियों या मालिक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। अब उस वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर गलत दावे से वायरल किया जा रहा है।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर Dileep Kumar Gauttam ने 27 मार्च को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,
“जूस में मूत्र के बाद अब मिलावटखोरों की अनार के जूस में हार्ड केमिकल की नई पेशकश– राजधानी दिल्ली में अनार के जूस में हार्ड केमिकल मिलाकर पिलाया जा रहा था… पकड़े जाने पर “अयूब खान ने बताया मेरे मालिक शोएब” ने मुझे जूस में केमिकल मिला कर दुकान पर आने वाले ग्राहकों को पिलाने को बोला था!!“

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया। आजतक की वेबसाइट पर 24 सितंबर 2024 को छपी खबर में दिया गया है, “राजेंद्र नगर में शंकर रोड पोस्ट ऑफिस के पास जूस की दुकान में अनार के जूस में केमिकल मिलाने का आरोप लगा है। दुकान के कर्मचारी अयूब खान और राहुल ने कहा कि दुकान के मालिक शोएब ने जूस में रंग मिलाकर पिलाने को कहा था। आसपास के लोगों ने दुकान पर काम करने वालों की पिटाई भी की थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सैंपल ले लिए है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।” खबर में वायरल वीडियो को भी देखा जा सकता है।

ईटीवी भारत की वेबसाइट पर 25 सितंबर 2024 को छपी खबर में भी इस मामले की जानकारी को पढ़ा जा सकता है।

इससे यह तो साफ हो गया कि वायरल वीडियो पिछले साल सितंबर का है।
इसकी अधिक जानकारी के लिए हमने इस केस की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी सब इंस्पेक्टर एमके खान से संपर्क किया। उनका कहना है कि यह वीडियो करीब छह माह पुराना है। पिछले साल सितंबर में जूस की दुकान पर काम करने वालों पर जूस में केमिकल मिलाने का आरोप लगा था। इसके बाद रंग की जांच कराई गई थी, जो खाने में मिलाया जाने वाला कलर निकला था। वह कोई हार्ड केमिकल नहीं था। इस कारण इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
करीब छह माह पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के करीब 1400 फ्रेंड्स हैं।
निष्कर्ष: सितंबर 2024 में दिल्ली के राजेंद्र नगर में जूस की दुकान में काम करने वाले लोगों पर अनार के जूस में केमिकल मिलाने का आरोप लगा था। जांच में वह खाने में मिलाया जाने वाला रंग निकला था। उस घटना के वीडियो को गलत सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : दिल्ली में अनार के जूस में हार्ड केमिकल मिलाकर पिलाया जा रहा है।
- Claimed By : FB User- Dileep Kumar Gauttam
- Fact Check : झूठ
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