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Fact Check: प्रयागराज महाकुंभ में एक टन की शार्क मछली मिलने का दावा झूठा

प्रयागराज महाकुंभ में एक टन की शार्क मछली मिलने का दावा झूठा है। इस तरह की कोई घटना महाकुंभ प्रयागराज में नहीं हुई है।    

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। महाकुंभ प्रयागराज से जोड़कर सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हुई हैं, जिनकी पड़ताल विश्वास न्यूज ने की है। अब कुछ यूजर्स एक वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि इस बार महाकुंभ प्रयागराज में एक टन (एक हजार किलो) की शार्क मछली मिली है। वायरल वीडियो में कुछ लोगों को एक बड़ी मछली को लाते हुए देखा जा सकता है।

विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि महाकुंभ में एक टन की शार्क मछली मिलने का दावा झूठा है। प्रयागराज क्षेत्र में गंगा में शार्क नहीं पाई जाती है। हालांकि, हम वायरल वीडियो के स्थान और समय की पुष्टि नहीं करते हैं। 

वायरल पोस्ट

फेसबुक यूजर Rajesh Kumar Yadav ने 19 फरवरी को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) किया है।  

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। इंस्टाग्राम यूजर sharkgirlmadison ने 17 जनवरी को इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है कि रईसा को उन्होंने टैग किया था और फिर 6 महीने बाद एक नाव से टकराकर उसकी मौत हो गई। उसको नाव से लाया गया था। यह आखिरी बार था, जब उन्होंने उस शार्क को देखा था। प्रोफाइल के अनुसार, यूजर ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले हैं।

इसके बाद हमने कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया, लेकिन ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिससे वायरल दावे की पुष्टि हो सके। अगर महाकुंभ प्रयागराज में गंगा-यमुना से शार्क मछली पकड़ी जाती, तो सुर्खियों में जरूर आती।

12 मई 2024 को दैनिक जागरण की वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार, गंगा यमुना में देसी मछलियों की प्रजातियां रोहू, कतला और नैनी की संख्या फिर से बढ़ रही है। केंद्रीय अंतरस्थलीय मात्सयिकी अनुसंधान केंद्र (सिफरी) प्रयागराज क्षेत्रीय केंद्र के अध्ययन में देसी प्रजातियों की संख्या में 6 से 7 गुना बढ़ोतरी के सबूत मिले हैं। एक्सपर्ट इसके पीछे आठ वर्षों से निरंतर जारी रैचिंग कार्यक्रम और जल प्रदूषण में आई गिरावट को बड़ी वजह मानते हैं।

वाइल्ड एरिया नेटवर्क के फेसबुक पेज पर अपलोड बीबीसी अर्थ के वीडियो में जानकारी दी गई है कि गंगा नदी में गंगा शार्क पायी जाती है, जो आकार में छोटी होती हैं। इसका रंग भूरा या सिलेटी होता है, यह नदी की तली में छिपी रहती हैं।

इसकी अधिक जानकारी के लिए हमने प्रयागराज के रिपोर्टर मृत्युंजय मिश्रा से संपर्क किया। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में गंगा में शार्क नहीं है। यहां बड़ी मछली पकड़े जाने की कोई घटना नहीं हुई है। वायरल दावा झूठा है।    

इससे यह तो साबित हो गया कि महाकुंभ में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। हालांकि, विश्वास न्यूज वायरल वीडियो के स्थान और समय की कोई पुष्टि नहीं करता है।

प्रयागराज महाकुंभ में एक टन की शार्क मछली मिलने का दावा करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। बिहार के बांका के रहने वाले यूजर के करीब 35 हजार फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: प्रयागराज महाकुंभ में एक टन की शार्क मछली मिलने का दावा झूठा है। इस तरह की कोई घटना महाकुंभ प्रयागराज में नहीं हुई है।    

  • Claim Review : महाकुंभ प्रयागराज में एक हजार किलो की शार्क मछली मिली है।
  • Claimed By : FB User- Rajesh Kumar Yadav
  • Fact Check : झूठ

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