Fact Check : नेपाल हिंसा का वीडियो लद्दाख का बताकर वायरल
नेपाल में हुई हिंसा के वीडियो को लद्दाख का बताकर शेयर किया जा रहा है। लद्दाख में हिंसा 24 सितंबर को हुई थी, जबकि वायरल वीडियो 10 सितंबर से इंटरनेट पर मौजूद है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Oct 1, 2025 at 04:03 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लद्दाख में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद अब हालात सामान्य हैं। लद्दाख हिंसा से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें कई गाड़ियों को जलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर कर कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि लद्दाख में लोगों ने भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों में आग लगाई है।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो नेपाल में हुई हिंसा का है। इसका लद्दाख से कोई संबंध नहीं है। 24 सितंबर को लद्दाख में हिंसा हुई थी, जबकि वायरल वीडियो 10 सितंबर से वायरल है।
वायरल पोस्ट
इंस्टाग्राम यूजर lalesh_rathour ने 25 सितंबर को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, “लद्दाख में बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन लोग उतरे महा आंदोलन पे“

पड़ताल
वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने इसका स्क्रीनशॉट निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। इंस्टा यूजर jamuadhakabihar ने 11 सितंबर को इस वीडियो को नेपाल का बताते हुए पोस्ट किया है।

कुछ अन्य सोशल मीडिया यूजर्स charminar_vlogger26c और Md Ahsan Sabib ने 11 सितंबर को इस वीडियो को नेपाल में हुई हिंसा का बताते हुए पोस्ट किया है।

टिकाटॉक यूजर shinedesignprint0 ने 10 सितंबर को इस वीडियो को नेपाल का बताते हुए शेयर किया है।

इस बारे में हमने नेपाल के स्वतंत्र पत्रकार अनुज अरोड़ा से संपर्क कर उनको वीडियो भेजा। उनका कहना है कि यह वीडियो नेपाल का है। इसमें गाड़ी पर दिख रही नंबर प्लेट बागमती प्रोविंस की है।

30 सितंबर को आजतक की वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार, “लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा में चार लोगों की मौत के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था। 30 सितंबर को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के हिंसा प्रभावित लेह में 7 घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है। शहर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अभी भी निलंबित हैं और लोगों को एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाने वाली निषेधाज्ञा लागू है।”

दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 29 सितंबर को छपी खबर के मुताबिक, “लेह में हिंसा और सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद हालात काबू में हैं। जिले में कर्फ्यू में ढील नहीं दी गई और इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं।”

नेपाल के वीडियो को लद्दाख का बताकर शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के करीब 18 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: नेपाल में हुई हिंसा के वीडियो को लद्दाख का बताकर शेयर किया जा रहा है। लद्दाख में हिंसा 24 सितंबर को हुई थी, जबकि वायरल वीडियो 10 सितंबर से इंटरनेट पर मौजूद है।
- Claim Review : लद्दाख में लोगों ने भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों में आग लगाई है।
- Claimed By : Insta User- lalesh_rathour
- Fact Check : झूठ
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