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Fact Check: केदारनाथ में साधुओं के भिड़ने की घटना पुरानी, प्रयागराज महाकुंभ के नाम पर भ्रामक दावे से किया जा रहा शेयर

आपसे में भिड़ते दो साधुओं के वीडियो को महाकुंभ का बताकर शेयर किया जा रहा है। विश्वास न्यूज ने जांच में पाया कि यह वीडियो प्रयागराज महाकुंभ का नहीं है, बल्कि केदारनाथ का है। वीडियो को अब कुछ यूजर्स गलत दावे से शेयर कर रहे हैं।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो साधुओं को आपस में भिड़ते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को हालिया बताते हुए शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो प्रयागराज महाकुंभ का है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो का महाकुंभ से कोई संबंध नहीं है। वायरल वीडियो केदारनाथ का है, जिसे अब भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘जर्नलिस्ट शनि राज वर्मा’ ने 13 जनवरी 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “#महाकुंभ_प्रयागराज_2025

कुंभ में ऐसे युद्ध भी हो सकते हैं क्या?”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

कई यूजर्स ने इस वीडियो को प्रयागराज महाकुंभ का बताकर शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च  किया। हमें Uttrakhand Times (News) नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो मिला। वीडियो को 13 जुलाई 2024 को अपलोड किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो केदारनाथ का है।

सर्च के दौरान हमें वीडियो JK News7 के फेसबुक पेज पर मिला। 17 जुलाई 2024 को शेयर किए गए वीडियो के कैप्शन में लिखा था, “केदारनाथ धाम में जमकर भिड़े दो साधु बाबा, केदारनाथ धाम से इस तरह की वीडियो आना धाम में श्रद्धा को भंग करने के जैसा लगता है।”

हमें वायरल वीडियो कई अन्य इंस्टाग्राम और फेसबुक यूजर द्वारा शेयर किया हुआ मिला। वीडियो को जुलाई 2024 को शेयर कर केदारनाथ का बताया गया है।

हमने वीडियो को रुद्रप्रयाग में दैनिक जागरण के रिपोर्टर बृजेश भट्ट के साथ शेयर किया। उन्होंने बताया, वीडियो केदारनाथ का ही है, इसमें पीछे जो त्रिशूल और शीला नजर आ रही है, वो केदारनाथ में है।

प्रयागराज महाकुंभ को लेकर कई दावे वायरल किए गए हैं, जिनकी फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने वीडियो को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को स्कैन किया। पता चला कि यूजर को फेसबुक पर 5 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: आपसे में भिड़ते दो साधुओं के वीडियो को महाकुंभ का बताकर शेयर किया जा रहा है। विश्वास न्यूज ने जांच में पाया कि यह वीडियो प्रयागराज महाकुंभ का नहीं है, बल्कि केदारनाथ का है। वीडियो को अब कुछ यूजर्स गलत दावे से शेयर कर रहे हैं।

  • Claim Review : यह वीडियो प्रयागराज महाकुंभ का है।
  • Claimed By : फेसबुक यूजर - जर्नलिस्ट शनि राज वर्म
  • Fact Check : भ्रामक

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