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Fact Check: लड़कियों के साथ छेड़छाड़ पर पुलिस ने नहीं निकाला युवकों की पिटाई कर जुलूस, वीडियो सांप्रदायिक दावे से हुआ वायरल 

युवकों की पिटाई वाले वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल हो रहा वीडियो मध्य प्रदेश का है और यह छात्राओं से छेड़छाड़ से संबंधित भी नहीं है। दरअसल, मध्य प्रदेश के उज्जैन में आरोपित युवकों ने तोड़फोड़ कर उत्पात मचाया था। फिर पुलिस ने आरोपियों को मारते हुए उनका जुलूस निकाला था। इसी घटना के वीडियो को अब सांप्रदायिक रंग देकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर तीन युवकों को पीटती हुई पुलिस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि ये तीनों युवक कॉलेज के बाहर छात्राओं को परेशान करते थे और स्कूल जाने वाली कई छात्राओं के साथ भी छेड़छाड़ करते थे। शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन मुस्लिम युवकों की पिटाई की और उनका जुलूस निकाला। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया। असल में वायरल हो रहा वीडियो मध्य प्रदेश का है और यह छात्राओ से छेड़छाड़ से संबंधित भी नहीं है। दरअसल, मध्य प्रदेश के उज्जैन में इन युवकों ने तोड़फोड़ कर उत्पात मचाया था। पुलिस ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पीटा और उनका जुलूस निकाला था। इसी घटना के वीडियो को अब सांप्रदायिक रंग देकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। घटना में पकड़े गए तीनों युवक हिंदू थे।

क्या हो रहा है वायरल?

एक्स यूजर ‘ocean jain’ ने 12 जून 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “मोहम्मद आरिफ़ ..अशरफ़ अली …आसिफ़ खान..उम्र 22 साल तीनों का काम स्कूल के बाहर लड़कियों को छेड़ना और गंदे इशारे करना आज पुलिस ने उन्हें पकड़ा और उनकी अच्छी तरह से धुनाई कर दी।” 

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘Ujjain Sanchar’ नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर मिली। इसमें मौजूद वीडियो को 17 अप्रैल 2026 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो उज्जैन के ढांचा भवन क्षेत्र का है। पुलिस से पिटते युवकों पर घर और गाड़ियों में तोड़फोड़ करने का आरोप था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों का जुलूस निकाला था। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 18 अप्रैल 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “उज्जैन की बाफना पार्क कॉलोनी में एक घंटे तक बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। मामूली रंजिश में बदमाशों ने न सिर्फ वाहनों के कांच तोड़े, बल्कि एक घर पर पथराव भी किया। हालांकि, उज्जैन पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को दबोच लिया और उसी घटनास्थल पर उनका जुलूस निकालकर उनकी हेकड़ी निकाल दी।”

‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, बदमाशों के उत्पात मचाने के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उनका जुलूस निकाला गया। पुलिस ने किशन अहिरवार (20), पिता मगनलाल, विकास सरोनिया (25), पिता रमेश सरोनिया और विशाल (20), पिता रमेश चंद्र को गिरफ्तार किया था।

अधिक जानकारी के लिए हमने ‘नईदुनिया’ उज्जैन के रिपोर्टर अमित कुमार से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। इन युवकों को पुलिस ने तोड़फोड़ करने और उत्पात मचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल भी नहीं था। यह वीडियो करीब दो महीने पुरानी घटना का है।

क्या है संदर्भ?

लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने और उन्हें परेशान करने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बख्शी का तालाब थाने क्षेत्र में एक युवक ने छात्रा से छेड़छाड़ की। विरोध करने पर उसने छात्रा पर चाकू से हमला कर दिया। छात्रा ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करती है। यूजर को एक्स पर करीब दो लाख 60 हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि युवकों की पिटाई वाले वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल हो रहा वीडियो मध्य प्रदेश का है और यह छात्राओं से छेड़छाड़ से संबंधित भी नहीं है। दरअसल, मध्य प्रदेश के उज्जैन में आरोपित युवकों ने तोड़फोड़ कर उत्पात मचाया था। फिर पुलिस ने आरोपियों को मारते हुए उनका जुलूस निकाला था। इसी घटना के वीडियो को अब सांप्रदायिक रंग देकर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

  • Claim Review : लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले मुस्लिम युवकों की पुलिस ने पिटाई की।
  • Claimed By : X User- Ocean jain
  • Fact Check : झूठ

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