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Fact Check: केदारनाथ में आतंकी हमले का दावा झूठा, पुलिस ने दर्ज किया केस

केदारनाथ धाम में कोई आतंकवादी हमला नहीं हुआ है। पूर्णागिरि धाम का पुराना वीडियो एडिट कर केदारनाथ का बताकर झूठा दावा किया जा रहा है। इस मामले में रुद्रप्रयाग पुलिस ने केस दर्ज किया है। वहीं, इसी वीडियो को एडिट कर इसमें फायरिंग और खतरे के सायरन की आवाज जोड़कर पूर्णागिरि धाम का बताकर भी वायरल किया जा चुका है। इस मामले में भी चंपावत पुलिस ने बाराबंकी से पोस्ट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया था।

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नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत-पाक तनाव के बाद सोशल मीडिया पर केदारनाथ धाम के नाम से एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोगों को पहाड़ी रास्तों पर लगी भीड़ में से भागते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि केदारनाथ में आतंकियों ने हमला कर दिया।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल दावा झूठा निकला। केदारनाथ में कोई आतंकी हमला नहीं हुआ है। पूर्णागिरि धाम का पुराना वीडियो एडिट कर केदारनाथ का बताकर झूठा दावा किया जा रहा है। इस मामले में रुद्रप्रयाग पुलिस ने केस दर्ज किया है। इसी वीडियो को एडिट कर इसमें फायरिंग और खतरे के सायरन की आवाज जोड़कर पूर्णागिरि धाम का भी बताकर वायरल किया जा चुका है। इस मामले में भी चंपावत पुलिस ने बाराबंकी से पोस्ट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया था।

वायरल पोस्ट

इंस्टा यूजर india_explore2 ने 13 मई को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया। इस पर लिखा हुआ है, “केदारनाथ से हमला हो गया है, आतंकवादी आ गए हैं वहां पर

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया, लेकिन ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। अगर ऐसी कोई घटना हुई होती तो मीडिया में जरूर खबर आती।

रुद्रप्रयाग पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल से लगभग रोजाना केदारनाथ धाम यात्रा का अपडेट पोस्ट किया गया है। इसमें यात्रा के जारी रहने की जानकारी दी गई है।

इसी एक्स हैंडल से उत्तराखंड पुलिस की पोस्ट को शेयर किया गया है। इसमें एक वीडियो को पोस्ट किया गया है, जिसमें वायरल वीडियो क्लिप को भी देखा जा सकता है। पोस्ट के अनुसार, चंपावत पुलिस ने मां पूर्णागिरि मेले में जाम और फायरिंग की फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में बाराबंकी से सुरेश राजपूत को गिरफ्तार किया है।

पोस्ट किए गए वीडियो में आरोपी कह रहा है कि वह मां पूर्णागिरि दर्शन करने आया था और जाम लगने का वीडियो बनाया। बाद में उसमें आवाज अलग से जोड़कर वायरल कर दिया।

वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च करने पर इंस्टा यूजर ansh_gangwar_0007 की प्रोफाइल पर वायरल वीडियो मिला। 2 अप्रैल को अपलोड किए गए इस वीडियो के साथ में जानकारी दी गई कि यह वीडियो 30 मार्च 2025 को पूर्णागिरि धाम में हनुमान चट्टी के पास हुए मामले का है।

इंस्टा यूजर itsvivekbharti ने भी 2 अप्रैल को इस वीडियो को पोस्ट कर इसे पूर्णागिरि में हुए हादसे का बताया है। पोस्ट में वीडियो को 31 मार्च का बताया गया है।

इस बारे में हमने पहले रुद्रप्रयाग जिले के एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे से संपर्क कर उनको वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने बताया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। यह वीडियो केदारनाथ का नहीं है। इस मामले में हमने केस दर्ज कर इस पोस्ट को करने वाले आरोपी को पकड़ा है। आजकल लोग सोशल मीडिया पर रीच और फॉलोअर्स के लिए इस तरह के फेक वीडियो बनाकर वायरल कर देते हैं। पुलिस इन पर नजर रखे हुए है।

उन्होंने हमें आरोपी का वह वीडियो भी भेजा, जिसमें वह कह रहा है कि उसने केदारनाथ का फेक वीडियो डाला था। वह उसके लिए माफी मांगता है।

वीडियो के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने चंपावत में दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रभारी गणेश पांडे से भी बात की। उन्होने बताया कि यह वीडियो पूर्णागिरि में फायरिंग व खतरे के सायरन की आवाज के साथ भी वायरल हुआ था। इस मामले में पुलिस ने बाराबंकी से वीडियो शेयर करने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार किया था। दरअसल, पूर्णागिरि के पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। नवरात्र के पहले दिन पूर्णागिरि धाम पर काफी श्रद्धालु पहुंचे थे। उस दौरान जाम लगने और एक-दो पत्थर गिरने की वजह से भगदड़ की स्थिति बन गई थी। उस हादसे के वीडियो को अलग-अलग गलत दावों के साथ शेयर किया जा रहा है।

गणेश पांडे ने हमें चंपावत के एसपी अजय गणपति का वीडियो भी भेजा, जिसमें वह इस वीडियो के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसमें एसपी ने इसको टनकपुर के पूर्णागिरि धाम में लगे जाम का पुराना वीडियो बताया है, जिसे एडिट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था।

पूर्णागिरि धाम के पुराने वीडियो को फर्जी दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल पर कुछ और फेक पोस्ट देखी जा सकती है।

निष्कर्ष: केदारनाथ धाम में कोई आतंकवादी हमला नहीं हुआ है। पूर्णागिरि धाम का पुराना वीडियो एडिट कर केदारनाथ का बताकर झूठा दावा किया जा रहा है। इस मामले में रुद्रप्रयाग पुलिस ने केस दर्ज किया है। वहीं, इसी वीडियो को एडिट कर इसमें फायरिंग और खतरे के सायरन की आवाज जोड़कर पूर्णागिरि धाम का बताकर भी वायरल किया जा चुका है। इस मामले में भी चंपावत पुलिस ने बाराबंकी से पोस्ट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया था।

  • Claim Review : केदारनाथ में आतंकियों ने हमला कर दिया।
  • Claimed By : Insta User india_explore2
  • Fact Check : झूठ

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