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Fact Check : हरियाणा के गुलाब सिंह के बयान को कवि प्रदीप का बताकर किया जा रहा वायरल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। यह फर्जी निकली। वायरल वीडियो में कवि प्रदीप नहीं, बल्कि हरियाणा के गुलाब सिंह राजपूत का है। इसे कुछ लोग कवि प्रदीप के नाम से वायरल कर रहे हैं। कवि प्रदीप का निधन 1998 में ही हो चुका है।

  • By Vishvas News
  • Updated: May 16, 2022

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स दाव कर रहे हैं कि दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित कवि प्रदीप ने 15 अगस्‍त और बंटवारे को लेकर यह बयान दिया है।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। यह फर्जी निकली। वायरल वीडियो में कवि प्रदीप नहीं, बल्कि हरियाणा के गुलाब सिंह राजपूत का है। इसे कुछ लोग कवि प्रदीप के नाम से वायरल कर रहे हैं। कवि प्रदीप का निधन 1998 में ही हो चुका है।

क्या हो रहा वायरल?

फेसबुक पेज “खटीक समाज दिल्ली” ने 5 मई को एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “15 Aug को क्या मिला। दादा साहब फाल्के अवार्ड से सम्मानित कवि बोले। कवि के चुभते हुए सवाल।”

वीडियो के थंबनेल में लिखा हुआ है : “दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित कवि प्रदीप जी चुभते हुए सवाल। 15 अगस्त को हमें क्या मिला था? हिंदू हो तो इस वीडियो को अवश्य सुने। ऐसा सवाल जिसका जवाब शायद किसी के पास नहीं है।” वीडियो में दिख रहे शख्‍स को 15 अगस्‍त और आजादी के बारे में बोलते हुए देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया में कई अन्य यूजर्स ने फेसबुक, ट्विटर पर इससे मिलते-जुलते दावों के साथ इसे शेयर किया है। फैक्ट चेक के उद्देश्य से फेसबुक पोस्ट के कंटेंट को हूबहू लिखा गया है। पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए ऑनलाइन टूल इनविड का इस्तेमाल करते हुए इसके कई ग्रैब्स निकाले। प्राप्त ग्रैब्स को गूगल रिवर्स इमेज टूल के जरिए सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल वीडियो में दिख रहे बुजुर्ग का एक वीडियो 22 नवंबर 2017 को केशु फिल्म्स के यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो के टाइटल में अंग्रेजी में लिखा हुआ है, “गांधी और जिन्ना के बारे में गुलाब सिंह राजपूत विकास शर्मा के साथ बात करते हुए”। वीडियो में दिए डिस्क्रिप्शन के अनुसार, 86 वर्ष के गुलाब सिंह हरियाणा सरकार के कुरुक्षेत्र सहकारी समिति से रिटायर्ड हैं।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने केशु फिल्म्स के यूट्यूब चैनल को खंगालना शुरू किया। हमें 26 जुलाई 2017 को 03:14 मिनट का अपलोड एक वीडियो मिला। जिसका अंग्रेजी में टाइटल है, “हम 15 अगस्त क्यों मनाते हैं? इसमें गुलाब सिंह को वही बात कहते हुए देखा जा सकता है, जो वायरल वीडियो में है। पूरा वीडियो यहां देखा जा सकता है।

इसकी पुष्टि करने के लिए हमने केशु फिल्म्स को चलाने वाले केशव मेहता से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा फर्जी है। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति हरियाणा के गुलाब सिंह राजपूत हैं।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने संगीत समीक्षक पवन झा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति कवि प्रदीप नहीं हैं। उनकी मृत्यु तो 90 के दशक में हो गई थी।

विश्वास न्यूज ने पड़ताल के अंत में वायरल वीडियो को फर्जी दावे से शेयर करने वाले प्रोफाइल की जांच की। हमने सोशल स्कैनिंग में पाया कि फेसबुक पेज ‘खटीक समाज दिल्ली’ के 48 सौ फॉलोअर्स हैं। पेज सोशल सर्विस का दावा करता है।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। यह फर्जी निकली। वायरल वीडियो में कवि प्रदीप नहीं, बल्कि हरियाणा के गुलाब सिंह राजपूत का है। इसे कुछ लोग कवि प्रदीप के नाम से वायरल कर रहे हैं। कवि प्रदीप का निधन 1998 में ही हो चुका है।

  • Claim Review : दादा साहब फाल्के अवार्ड से सम्मानित कवि प्रदीप जी ने चुभते हुए सवाल पूछा कि 15 अगस्त को हमें क्या मिला?
  • Claimed By : फेसबुक पेज खटीक समाज दिल्ली
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