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Fact Check: ड्यूटी के दौरान नमाज पढ़ते जवान का वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो में दिख रहा जवान भारतीय सीआरपीएफ का नहीं, बल्कि बांग्लादेशी सेना का है। इस वीडियो का भारत या कश्मीर से कोई संबंध नहीं है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वर्दी पहने एक जवान को सड़क किनारे एक इमारत के पास नमाज अदा करते देखा जा सकता है। यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि यह एक भारतीय सीआरपीएफ (CRPF) जवान है, जो कश्मीर या किसी भीड़भाड़ वाले बाजार में अपनी ड्यूटी के दौरान नमाज पढ़ रहा है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर GULISTAN NEWS ने वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए लिखा “ड्यूटी पर आस्था: कश्मीर में ड्यूटी के दौरान CRPF जवान ने नमाज पढ़ी माशाअल्लाह। कश्मीर से एक दिल को छू लेने वाला पल, जब सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स का एक जवान ड्यूटी पर रहते हुए नमाज़ पढ़ रहा है, जहां आस्था और ज़िम्मेदारी एक साथ मिलते हैं। वर्दी के पीछे एक ऐसी आत्मा है जो भक्ति, अनुशासन और इंसानियत में डूबी हुई है।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के स्क्रीनग्रैब्स को रिवर्स इमेज सर्च किया। सर्च करने पर हमें यह वीडियो बांग्लादेशी पत्रकार फहाद भुइयां के फेसबुक अकाउंट पर 18 जनवरी 2024 को अपलोड मिला। यहाँ उन्होंने बताया है कि वीडियो ढाका में चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन के दौरान का है, जब सुरक्षा में तैनात एक सैन्यकर्मी ने कुर्सी मांग कर जोहर की नमाज अदा की थी।

इसी वीडियो को बांग्लादेशी समाचार आउटलेट्स जैसे NTV News, Bangla Tribune  ने भी पब्लिश किया था। इन सभी ने पुष्टि की कि नमाज पढ़ रहा व्यक्ति ‘बांग्लादेश सेना’ का जवान है, जो ढाका के अगरगांव स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय पर तैनात था।

हमने इस विषय में पुष्टि के लिए सीधा फहाद भुइयां से संपर्क किया। उन्होंने कन्फर्म किया कि यह वीडियो बांग्लादेश का ही है। नमाज़ पढ़ते हुए दिख रहे यह शख्स बांग्लादेश आर्मी से हैं और यह वीडियो ढाका के अगरगांव में इलेक्शन कमीशन हेडक्वार्टर का है, जहां ये जवान सुरक्षा में तैनात थे।

गलत पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर GULISTAN NEWS  को 81 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो में दिख रहा जवान भारतीय सीआरपीएफ का नहीं, बल्कि बांग्लादेशी सेना का है। इस वीडियो का भारत या कश्मीर से कोई संबंध नहीं है।

  • Claim Review : ड्यूटी के दौरान नमाज पढ़ते जवान का वीडियो भारत का है
  • Claimed By : FB User GULISTAN NEWS
  • Fact Check : झूठ

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