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Fact Check: गुजरात का वीडियो असम में बांग्लादेशियों की पिटाई के दावे से वायरल

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो गुजरात के बनासकांठा जिले का है, जब पुलिस अधिकारी हत्या के आरोपियों को घटनास्थल पर घटना के रिक्रिएशन के लिए ले गए थे। उसी दौरान पुलिस ने आरोपियों की पिटाई की थी। उसी वीडियो को अब असम का बताकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बांग्लादेश में हाल में हिंदुओं समेत अन्य अल्पसंख्यकों पर हुई हिंसा से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में सड़क पर पुलिस वालों और लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। वीडियो में कुछ लोग डंडों से कुछ युवकों की सरेआम पिटाई करते हुए नजर आ रहे हैं। अब कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह घटना असम की है, जहां बांग्लादेशियों को पीटा जा रहा है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वायरल वीडियो का असम से कोई संबंध नहीं है। असल में यह वीडियो गुजरात के बनासकांठा के पालनपुर का है, जहां पुलिस ने हत्या के आरोपियों को सरेआम पीटा था। उसी वीडियो को अब असम का बताकर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Aman Gupta’ ने 30 दिसंबर 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “आसाम में बांग्लादेशी का इलाज होना शुरू हो गया है और अब मैं यही कहूंगा सभी से जैसे बांग्लादेशी ने हमारे भाईयों के साथ किया है वैसे अब हमें बांग्लादेशीयो के साथ करना चाहिए जय भगवान परशुराम।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें ‘Ahmedabad Mirror’ के फेसबुक पेज पर वीडियो 27 दिसंबर 2025 को अपलोड हुआ मिला। दी गई जानकारी के अनुसार, “पालनपुर के एक युवक की हत्या के मामले में गिरफ्तार छह लोगों को आज घटनास्थल पर ले जाया गया और पुलिस ने घटना के सीन को रिक्रिएट किया। इस दौरान, पुलिस ने मौके पर ही आरोपियों को सरेआम लाठियों से पीटा।”

हमें वीडियो से जुड़ी खबर ‘bombaysamachar.com’ की वेबसाइट पर भी मिली। रिपोर्ट को 27 दिसंबर 2025 को प्रकाशित किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, “बनासकांठा पुलिस ने आज पालनपुर-अहमदाबाद राजमार्ग पर भरत चौधरी नामक युवक की निर्मम हत्या के मामले में निर्णायक कार्रवाई की। पुलिस सभी आरोपियों को लेकर घटना को रिक्रिएट करने के लिए घटनास्थल पहुंची थी। पुलिस अधिकारी आरोपियों को अरोमा सर्कल से उस निजी होटल तक पैदल ले गए, जहां हत्या हुई थी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने ‘गुजरात पुलिस जिंदाबाद’ के नारे लगाए थे। पुलिस ने अपराधियों की डंडों से पिटाई की थी।”

हमें वीडियो ‘News18 India’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया हुआ मिला। 28 दिसंबर 2025 को अपलोड हुए वीडियो में बताया गया, “गुजरात के बनासकांठा में हत्या के आरोपियों को सरेआम लाठियां बरसाते पुलिसवालों का वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस वाले हत्या के आरोपियों को अच्छे से सबक सिखाते दिख रहे हैं। दरअसल, पूरा मामला 20 दिसंबर को हुई भरत चौधरी की हत्या से जुड़ा है। हत्याकांड में गिरफ्तार 6 आरोपियों को पुलिस रिक्रिएशन के लिए घटनास्थल लेकर पहुंची थी। इसी दौरान आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को सरेआम लाठियों से पीटा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक एक कर पुलिस वालों ने सभी 6 आरोपियों की अच्छे से पिटाई की थी।”

वीडियो से जुड़ी अन्य खबरें यहां पढ़ें।

हमने वीडियो को लेकर गुजराती जागरण के एसोसिएट एडिटर जीवन कपूरिया सेसंपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह वीडियो गुजरात का है। हत्यारोपियों को लेकर पुलिस वाले घटनास्थल पर गए थे, उसी समय का यह वीडियो है।

अंत में हमने वीडियो को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को चार हजार से अधिक लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो गुजरात के बनासकांठा जिले का है, जब पुलिस अधिकारी हत्या के आरोपियों को घटनास्थल पर घटना के रिक्रिएशन के लिए ले गए थे। उसी दौरान पुलिस ने आरोपियों की पिटाई की थी। उसी वीडियो को अब असम का बताकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : यह घटना असम की है, जहां बांग्लादेशियों को पीटा जा रहा है।
  • Claimed By : फेसबुक यूजर -‘Aman Gupta’
  • Fact Check : झूठ

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