Fact Check: ट्रेन पर पत्थर मारते बच्चे का बांग्लादेश का वीडियो फर्जी सांप्रदायिक दावे से वायरल
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। ट्रेन पर पत्थर मारते हुए बच्चों का यह मामला बांग्लादेश का है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ भारत से जोड़ते हुए फैलाया जा रहा है।
- By: Umam Noor
- Published: Jan 19, 2026 at 05:49 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर कुछ बच्चों का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में बच्चों को ट्रेन पर चढ़ते, ऊपर- नीचे करते देख सकते हैं। वहीं, एक बच्चे को ट्रेन पर पत्थर मारते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो भारत का है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। ट्रेन पर पत्थर मारते हुए बच्चों का यह मामला बांग्लादेश का है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ भारत से जोड़ते हुए फैलाया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
फेसबुक पेज 7 न्यूक ने 14 जनवरी को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “खतरा पाकिस्तानी सेना से नहीं है | खतरा है भारत में ही बैठे मजहबी विचारों से।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के की फ्रेम्स को सर्च किया। सर्च में हमें इसी वीडियो का बड़ा वर्जन और भी कई सोशल मीडिया हैंडल पर सामान दावे के साथ मिला। यहां वीडियो को हमने गौर से देखा। एक फ्रेम में हमें ट्रेन पर बीआर और बांग्ला भाषा लिखी हुई नजर आई।

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढाया और हमें अल- अमीन बाबूखली नाम का एक बांग्लादेश से संचालित फेसबुक अकाउंट मिला। इस अकाउंट पर वायरल वीडियो के बड़े वर्जन को अपलोड किया गया है। 28 दिसंबर 2025 को अपलोड हुए इस वीडियो में ट्रेन पर सिटी लिखा हुआ भी देखा जा सकता है।

पड़ताल को हमने आगे बढ़ाया और गूगल ओपन टूल के जरिए बांग्लादेश रेलवेज (बीआर) की तस्वीरों को सर्च किया। गेट्टी इमेजेज पर दी गई तस्वीरें वायरल वीडियो और बांग्लादेश के हवाले से मिले वीडियो से मिल खाती हैं। नीचे दिए गए कोलाज में समानता देखी जा सकती है।

वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने बांग्लादेश के पत्रकार सदिकुर रहमान से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह बांग्लादेश की ट्रेन है और पिछले दिनों यह वीडियो वायरल हुआ था।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक पेज 7 न्यूज की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 500 से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वहीं, इस प्रोफाइल से विचारधारा प्रेरित पोस्ट शेयर की जाती हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो को भारत का बताकर सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। हालांकि, यह दावा फर्जी है। यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है।
- Claim Review : यह वीडियो भारत का है।
- Claimed By : फेसबुक पेज 7 न्यूज
- Fact Check : झूठ
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