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Fact Check :  बैंक के बाहर खड़ी महिलाओं की भीड़ का वीडियो गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

विश्‍वास न्‍यूज ने जब वायरल दावे की पड़ताल की तो पाया कि यह दावा गलत है। वीडियो यूपी के मुजफ्फरनगर के बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लगी लाइन का है। जिसे अब गलत दावे के साथ यूजर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।

  • By Vishvas News
  • Updated: January 31, 2022

विश्‍वास न्‍यूज (नई दिल्‍ली)। बुर्का पहने कतार में बैठी बहुत-सी औरतों के एक वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह औरतें भारत सरकार की ओर से फ्री में मिलने वाले राशन के लिए लाइन में लगी है। इस वीडियो को उत्तर प्रदेश चुनाव से जोड़ते हुए कहा जा रहा है कि इन्हें मोदी का शासन नहीं, सिर्फ मोदी का राशन चाहिए। विश्‍वास न्‍यूज ने जब वायरल दावे की पड़ताल की तो पाया कि यह दावा गलत है। वीडियो अप्रैल 2020 में यूपी के मुजफ्फरनगर के बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लगी लाइन का है। जिसे अब गलत दावे के साथ यूजर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

फेसबुक यूजर Kapil Varshney Modi ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है कि इन्हें मोदी का शासन नहीं चाहिए पर मोदी का राशन जरूर चाहिए।

सोशल मीडिया पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है। फेसबुक पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। इसके आकाईव्‍ड वर्जन को यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल –

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की सच्‍चाई जानने के लिए InVID टूल का इस्‍तेमाल किया। वायरल वीडियो के कई ग्रैब्‍स इसके माध्‍यम से निकाले गए। इसके बाद इनकी मदद से गूगल रिवर्स सर्च टूल का इस्‍तेमाल करते हुए ओरिजनल सोर्स तक पहुंचने की कोशिश की गई। इस दौरान हमें वायरल दावे से जुड़ी एक वीडियो रिपोर्ट न्‍यूज 18 के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अप्रैल 2020 को अपलोड मिला। रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, यह भीड़ किसी राशन की दुकान के सामने नहीं, बल्कि बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने दिखी थी।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। इस दौरान हमें दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 15 अप्रैल 2020 को प्रकाशित एक रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने लॉकडाउन के दौरान गरीबों की सुविधा के लिए जनधन खातों में 500 रुपए की अनुग्रह राशि ट्रांसफर की थी। जिसकी पहली किस्त आते ही कई राज्यों में ये अफवाह फैल गई कि सरकार जल्द पैसे वापस ले लेगी। जिसके बाद महिलाओं ने बैंक जाकर रकम को निकालना शुरू कर दिया था। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, अफवाह फैलते ही यूपी के मुजफ्फरनगर के गांधी कॉलोनी में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के बाहर करीब एक किमी लंबी लाइन लग गई थी।

अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण, मुजफ्फरनगर के ब्यूरो चीफ मनीष शर्मा से संपर्क किया। हमने वायरल वीडियो को उनके साथ शेयर किया। उन्‍होंने हमें बताया कि यह वीडियो वर्ष 2020 में लगे लॉकडाउन की है। इसका चुनाव से कोई संबंध नहीं है। ये लाइन राशन लेने के लिए नहीं, बल्कि बैंक खातों से पैसे निकालने के लिए लगी थी। इस वीडियो में जो लंबी लाइन दिखाई गई है, वह नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के अधीन गांधी कॉलोनी के बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर की है। अफवाह के कारण महिलाओं ने सरकार द्वारा जनधन खाते में भेजे गए पैसों को निकालने शुरू कर दिए थे। पिछले साल भी यह दावा काफी वायरल हुआ था। उस समय भी हमने वायरल दावे की जांच कर सच्चाई सामने रखी थी।

पड़ताल के अंत में हमने इस पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Kapil Varshney Modi की सोशल स्कैनिंग की। स्कैनिंग से हमें पता चला कि यूजर एक विचारधारा से प्रभावित है। Kapil Varshney Modi उत्तर प्रदेश के भजोई शहर के रहने वाले हैं।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज ने जब वायरल दावे की पड़ताल की तो पाया कि यह दावा गलत है। वीडियो यूपी के मुजफ्फरनगर के बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लगी लाइन का है। जिसे अब गलत दावे के साथ यूजर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।

  • Claim Review : इन्हें मोदी का शासन नहीं चाहिए पर मोदी का राशन जरूर चाहिए
  • Claimed By : Kapil Varshney Modi
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