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Fact Check : भगवा ध्वज लहराए जाने के कर्नाटक के वीडियो को किया जा रहा नेपाल का बताते हुए वायरल

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है। इस वीडियो का नेपाल या वहां के विरोध- प्रदर्शनों से कोई लेना- देना नहीं है। यह कर्नाटक के मांड्या का वीडियो है।

  • By: Umam Noor
  • Published: Sep 16, 2025 at 02:23 PM
  • Updated: Sep 16, 2025 at 06:32 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भ्रष्टाचार और इंटरनेट मीडिया पर बैन के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद अब वहां सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने काम संभाल लिया है। लेकिन अभी भी नेपाल के जेन- जी प्रदर्शनों के नाम पर असंबंधित वीडियो वायरल हो रहे हैं।

इसी कड़ी में एक वीडियो वायरल है। वीडियो में बहुत-से लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। वहीं, लोगों के हाथों में भगवा झंडा नजर आ रहा है। इसी में कथित तौर पर एक शख्स को एक खम्बे पर चढ़कर इस्लामी झंडा हटाकर भगवा ध्वज लगाते हुए भी देख सकते हैं। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नेपाल प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है। इस वीडियो का नेपाल या वहां के विरोध- प्रदर्शनों से कोई लेना- देना नहीं है। यह कर्नाटक के मांड्या का वीडियो है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

वायरल वीडियो को फेसबुक पेज ‘पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ फैंस’ ने 14 सितंबर को पोस्ट करते हुए लिखा, “नेपाल में हिंदुओं ने। मुश्लिमो के झंडे उतार कर। भगवा ध्वज लहराना शुरु कर दिया है।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को सर्च किया। सर्च किए जाने पर हमें यह वीडियो FoejMedia नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर अपलोड किया हुआ मिला। 10 सितंबर 2025 को अपलोड किए गए वीडियो के अनुसार, 8 सितंबर को सैकड़ों हिंदुत्व कार्यकर्ताओं ने नरसिंह स्वामी मंदिर से मांड्या के मद्दूर में एक मस्जिद के पास सरकारी गेस्ट हाउस तक मार्च निकाला। विरोध प्रदर्शन के दौरान, उन्होंने कथित तौर पर एक इस्लामी झंडा हटा दिया और उसकी जगह भगवा ध्वज लगा दिया, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया।”

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें मुस्लिम मिरर डॉट कॉम के फेसबुक पेज भी पर वायरल वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। 9 सितंबर को अपलोड हुए वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, यह मामला 8 सितंबर को कर्नाटक के मांड्या में सामने आया।

इस मामले पर हमें 8 सितंबर को द हिंदू की वेबसाइट पर पब्लिश हुई खबर मिली। खबर के अनुसार, “मद्दूर (मंड्या) में रविवार रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई पथराव की घटना के विरोध में सोमवार को संघ परिवार संगठनों के आह्वान पर भाजपा और जेडी(एस) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। वहीं, पुलिस से हुई झड़प के बाद भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। इस घटना में 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है। शहर में धारा 144 लागू की गई है।”

वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने कर्नाटक के पत्रकार यासिर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो कर्नाटक का है।

अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक पेज ‘पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ फैंस’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि इस पेज को 5 हजार लोग फॉलो करते हैं। वहीं, इस पेज से विचारधारा विशेष से जुड़ी पोस्ट शेयर की जाती हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है। इस वीडियो का नेपाल या वहां के विरोध- प्रदर्शनों से कोई लेना- देना नहीं है। यह कर्नाटक के मांड्या का वीडियो है।

  • Claim Review : यह वीडियो नेपाल प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।
  • Claimed By : FB User- Pushpendra Kulshrestha Fans
  • Fact Check : भ्रामक

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