Fact Check : सेना पर पत्थरबाजी का यह वीडियो भारत का नहीं, केन्या का वीडियो फर्जी दावे से वायरल
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा वीडियो केन्या का है। वहां हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान फ़ौज की गाड़ी पर पत्थरबाजों ने पत्थर मारे थे। उसी के वीडियो को फर्जी दावे के साथ भारत से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
- By: Umam Noor
- Published: Aug 5, 2025 at 05:33 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर फ़ौज की गाड़ी पर पत्थरबाजी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में कुछ लोगों को सड़क पर फ़ौज की गुजरती हुई गाड़ी पर पत्थर मारते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए यूजर दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो भारत का है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा वीडियो केन्या का है। वहां हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान फ़ौज की गाड़ी पर पत्थरबाजों ने पत्थर मारे थे। उसी के वीडियो को फर्जी दावे के साथ भारत से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर किया जिस पर लिखा था, “ये $##@ लोग हैं जो फौजी की गाड़ी पर पत्थर फेंकते हैं। भारत के वीर फ़ौजी हैं, इन सबका भी जल्दी इलाज किया जाएगा फौज के द्वारा।”
वहीं, इस वीडियो को इंस्टाग्राम यूजर ने 5 जुलाई को कश्मीर के हवाले से शेयर करते हुए लिखा, “यह है जम्मू व कश्मीर की जनता।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल वीडियो के की- फ्रेम्स निकाले और उन्हें गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च किये जाने पर हमें यह वीडियो एक एक्स हैंडल पर 19 जुलाई 2025 को पोस्ट किया हुआ मिला। यहां वीडियो की लोकेशन में नैरोबी केन्या लिखा हुआ नजर आया।
इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें यह वीडियो एक फेसबुक पेज पर भी केन्या के हवाले से 2 जुलाई को पोस्ट किया हुआ मिला।
सर्च किये जाने पर हमें इस वीडियो से मिलता जुलता वीडियो केन्या के टीवी चैनल Mutembei TV पर 25 जून 2025 को अपलोड किया हुआ मिला। यहां वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, यह ‘जेन जी’ का थीका रोड पर हुए प्रदर्शन का वीडियो है।
न्यूज़ सर्च किये जाने पर हमें इस मामले से जुड़ी खबर एक न्यूज़ वेबसाइट पर भी मिली। दी गई जानकारी के अनुसार, केन्या में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में ज्यादातर जेन जी शामिल हैं इसलिए इस प्रोटेस्ट को जेन जी प्रोटेस्ट का नाम दिया गया है।
29 जुलाई को संसद में दिए गए गृह मंत्री अमित शाह के बयान के अनुसार कश्मीर पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “पहले संगठित होकर पत्थरबाज़ी होती थी, अब उनकी संख्या शून्य हो गई है। पहले पाकिस्तान से हड़तालों का ऐलान होता था और कश्मीर घाटी बंद हो जाती थी, लेकिन अब पाकिस्तान और घाटी में कोई भी ऐसा कुछ नहीं कर सकता। विपक्षी दल के शासन के दौरान घाटी साल में 132 दिन बंद रहती थी, लेकिन पिछले तीन सालों से हड़तालों की संख्या शून्य हो गई है। पहले पत्थरबाज़ी में हर साल 100 से ज़्यादा लोग मारे जाते थे, अब नागरिकों की मौत और घायल होने की संख्या शून्य हो गई है। वहीं, विपक्षी सरकार के कार्यकाल में एक वर्ष में पत्थरबाजी की 2,654 घटनाएं हुईं, जबकि मोदी सरकार के दौरान पत्थरबाजी की घटनाओं की संख्या शून्य हो गई।”
वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे साथी दैनिक जागरण कश्मीर के वरिष्ठ संवाददाता नवीन नवाज से संपर्क किया और वायरल पोस्ट उनके साथ शेयर किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो कश्मीर का नहीं है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 221 लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा वीडियो केन्या का है। वहां हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान फ़ौज की गाड़ी पर पत्थरबाजों ने पत्थर मारे थे। उसी के वीडियो को फर्जी दावे के साथ भारत से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : यह वीडियो भारत का है।
- Claimed By : Instagram User- indian_soldier199
- Fact Check : झूठ
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