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Fact Check: पेट्रोल की कीमत का वायरल ब्रेकअप गलत है, राज्यों के हिसाब से बदल जाता है टैक्स

  • By Vishvas News
  • Updated: February 18, 2021

विश्वास न्यूज (नई दिल्ली)। सोशल मीडिया पर पेट्रोल की कीमत का एक ब्रेकअप वायरल हो रहा है। इसमें पेट्रोल की कीमतों को राज्य, केंद्र के टैक्स, वितरक के हिस्से के रूप में बांटा गया है। इस वायरल ब्रेकअप की मदद से दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार की तुलना में राज्य सरकार पेट्रोल पर अधिक टैक्स ले रही है।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में ये वायरल ब्रेकअप फर्जी निकला है। हर राज्य में पेट्रोल पर लगने वाले सेल्स टैक्स/वैट की दर अलग-अलग है। इसके अलावा इसमें दिया जा रहा डीलर कमीशन और केंद्र सरकार के टैक्स का आंकड़ा भी सही नहीं है।

क्या हो रहा है वायरल

विश्वास न्यूज को अपने फैक्ट चेकिंग वॉट्सऐप चैटबॉट (+91 95992 99372) पर भी ये पेट्रोल की कीमत का ये कथित ब्रेकअप फैक्ट चेक के लिए मिला है। कीवर्ड्स से सर्च करने पर ये दावा फेसबुक पर भी वायरल मिला है। फेसबुक यूजर DrRamniwas Manav ने इस वायरल ब्रेकअप को शेयर करते हुए लिखा है, ‘पेट्रोल पंपों पर जब ऐसे बोर्ड लगेंगे, तब जनता स्वयं समझ जाएगी कि पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य-वृद्धि के लिए केंद्र सरकार जिम्मेवार है या उससे अढ़ाई गुणा अधिक टैक्स लगाने वाली राज्य सरकारें।’ यहां इस पोस्ट में लिखी बात को ज्यों का त्यों पेश किया गया है। इस पोस्ट के आर्काइव्ड वर्जन को यहां क्लिक कर देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने सबसे पहले जरूरी कीवर्ड्स की मदद से इस दावे को इंटरनेट पर सर्च किया। हमें 17 फरवरी 2021 को फाइनेंशियल एक्सप्रेस की साइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट FY21 में फ्यूल टैक्स से केंद्र की होने वाली कमाई पर आधारित है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बीते मंगलवार यानी 16 फरवरी 2021 को दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची और यह 89.29 रुपये प्रति लीटर बिका। इस रिपोर्ट में पेट्रोल प्राइस का ब्रेकअप भी बताया गया है। इसके मुताबिक, दिल्ली में पेट्रोल का बेस प्राइस (प्राइस टू डीलर) रिटेल प्राइस का 36 फीसदी, स्टेट वैट 23 फीसदी तक और सेंट्रल टैक्स करीब 37 फीसदी तक है। इस रिपोर्ट को यहां क्लिक कर विस्तार से देखा जा सकता है।

रिपोर्ट में मौजूद जानकारी का स्क्रीनशॉट।

इंटरनेट पर पड़ताल के दौरान हमें इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन की साइट पर दिल्ली में पेट्रोल प्राइस का बिल्डअप मिला। 16 फरवरी 2021 के इस बिल्डअप के मुताबिक, दिल्ली में पेट्रोल का बेस प्राइस 31.82 रुपये, फ्रेट इत्यादि 0.28 रुपये, डीलर के लिए मूल्य (एक्साइज और वैट हटाकर) 32.10 रुपये, एक्साइज ड्यूटी (केंद्र को जाने वाला टैक्स) 32.90 रुपये, डीलर कमीशन (एवरेज) 3.68 रुपये, वैट (डीलर कमीशन पर वैट सहित, राज्य को जाने वाला टैक्स) 20.61 रुपये प्रति लीटर है। इन सबको जोड़कर आम आदमी को ये कीमत 89.29 रुपये प्रति लीटर पड़ी। इस प्राइस बिल्डअप को यहां नीचे देखा जा सकता है।

इसी तरह भारत पेट्रोलियम की साइट पर भी 16 फरवरी 2021 का पेट्रोल प्राइस बिल्डअप यहां क्लिक कर देखा जा सकता है। यह कमोबेश इंडियन ऑयल के बराबर ही है।

सोशल मीडिया पर वायरल प्राइस ब्रेकअप में डीलर कमीशन से लेकर सेंट्रल और स्टेट टैक्स तक के आंकड़े न तो इन साइट पर मौजूद आंकड़ों से मेल खाते हैं और न ही उनका अनुपात ही अभी के टैक्सेशन रिजीम से मेल खाता है।

इंटरनेट पर पड़ताल के दौरान हमें पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल की साइट (/www.ppac.gov.in) पर पेट्रोलियम प्राइस का सेक्शन मिला। यहां पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर लगने वाले टैक्सों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर लगने वाला सेल्स टैक्स (राज्यों को मिलने वाला टैक्स) राज्यों के हिसाब से अलग-अलग है। जैसे- असम के लिए पेट्रोल पर सेल्स टैक्स/वैट 32.66 फीसदी या 22.63 रुपये (जो भी अधिक हो) है, तो वहीं छत्तीसगढ़ के लिए यह 25 फीसदी वैट के साथ 2 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त वैट है। दिल्ली की बात करें तो यहां 30 फीसदी वैट है। यानी अलग-अलग राज्यों में टैक्स के हिसाब से पेट्रोल की कीमतें अलग-अलग हैं। ऐसा डीजल के साथ भी है। राज्यवार इस जानकारी को यहां क्लिक कर देखा जा सकता है।

विश्वास न्यूज ने इस वायरल दावे के संबंध में ऑल इंडियो पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल से बात की। उन्होंने भी पुष्टि करते हुए बताया कि पहली बात तो डीलर कमीशन का आंकड़ा गलता है। उन्होंने हमें बताया कि अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल पर लगने वाला टैक्स अलग-अलग है। इसलिए ये कीमतें राज्यों के हिसाब से बदल जाएंगी।

विश्वास न्यूज ने इस वायरल दावे को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर DrRamniwas Manav की प्रोफाइल को स्कैन किया। प्रोफाइल पर दी गई जानकारी के मुताबिक, यूजर नारनौल, हरियाणा के रहने वाले हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में पेट्रोल की कीमत का वायरल ब्रेकअप फर्जी निकला है। हर राज्य में पेट्रोल पर लगने वाले सेल्स टैक्स/वैट की दर अलग-अलग है। इसके अलावा इसमें दिया जा रहा डीलर कमीशन और केंद्र सरकार के टैक्स का आंकड़ा भी वर्तमान उपलब्ध आंकड़ों से मेल नहीं खाता।

  • Claim Review : वायरल ब्रेकअप की मदद से दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार की तुलना में राज्य सरकार पेट्रोल पर अधिक टैक्स ले रही है।
  • Claimed By : DrRamniwas Manav
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