X

Fact Check: बिहार के मंत्रियों की शिक्षा को लेकर भ्रामक पोस्ट वायरल

बिहार के विभिन्न मंत्रियों के शिक्षा विवरण की वायरल सूची भ्रामक निकली। सूची में मंत्रियों के विभाग भी गलत हैं। बिहार सरकार की ओर से ऐसा कोई आरटीआई जवाब नहीं दिया गया।

  • By Vishvas News
  • Updated: October 15, 2022

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज): सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में बिहार के कुछ नेताओं के नाम, शैक्षणिक योग्यता और उनके कैबिनेट पद लिखे हुए हैं। पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह एक आरटीआई पर बिहार सरकार का जवाब है। विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में वायरल संदेश को भ्रामक पाया।

वायरल पोस्ट में क्या है?

फेसबुक यूजर अमिताभ चौधरी ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर एक लंबा मैसेज पोस्ट किया और लिखा:

बिहार सरकार का आरटीआई जवाब :

बिहार कैबिनेट सदस्य .. उनके विभाग .. शैक्षिक योग्यता ..

  1. नीतीश कुमार मुख्यमंत्री – इंजी
  2. तेजस्वी यादव – उप मुख्यमंत्री – 9वीं कक्षा विफल
  3. तेज प्रताप यादव – स्वास्थ्य, सिंचाई और परिवहन – कक्षा 12 फेल
  4. अब्दुल बारी – वित्त मंत्री – 12 वीं कक्षा
  5. बिजेंद्र यादव – ऊर्जा मंत्री – कक्षा 10 विफल
  6. मंजू वर्मा – समाज कल्याण – 12वीं कक्षा
  7. मनमोहन झा – भूमि – 7वीं कक्षा
  8. मदन साहनी – उर्वरक – 10 वीं कक्षा
  9. अशोक चौधरी – शिक्षा – 10वीं कक्षा
  10. विजय प्रकाश – मजदूर – 5वीं कक्षा
  11. कपिल देव कामत – पंचायत – तृतीय श्रेणी
  12. संतोष निराला – एससी / एसटी विभाग – 12 वीं कक्षा
  13. अब्दुल जलील – योजना – 8वीं कक्षा
  14. चंद्रशेखर – आपदा प्रबंधन – चौथी कक्षा
  15. जय कुमार सिंह – उद्योग – 10 वीं कक्षा
  16. कृष्ण चंद्र वर्मा – कानून – 6 वीं कक्षा
  17. खुर्शीद फिरोज – लघु उद्योग – 5 वीं कक्षा
  18. शैलेश कुमार – ग्रामीण विकास – द्वितीय श्रेणी
  19. आलोक मेहता – सहकारी – तृतीय श्रेणी
  20. शिव चंद्र राम – कृषि – निरक्षर

मतदाता: स्नातक और स्नातकोत्तर दूसरों के बीच

सुप्रभात

पोस्ट और उसके आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल:

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट में नामांकित सभी मंत्रियों की पढ़ाई की एक-एक करके जांच की।

सबसे पहला नाम सीएम नीतीश कुमार का था तो हमने उन्हीं से शुरुआत की। नीतीश कुमार के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी उच्चतम शिक्षा योग्यता वास्तव में बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पटना से बीएससी (इंजीनियरिंग) है। नीतीश कुमार वास्तव में बिहार के मुख्यमंत्री हैं जैसा कि पोस्ट में दावा किया गया है।

वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव 9वीं फेल हैं। हालांकि उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक वे 9वीं पास हैं। यह सच है कि तेजस्वी इस समय बिहार के डिप्टी सीएम हैं।

वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि तेज प्रताप यादव इंटरमीडिएट हैं। इस बात की पुष्टि उनके चुनावी हलफनामे से भी होती है। तेज प्रताप यादव स्वास्थ्य, सिंचाई और परिवहन मंत्री नहीं हैं, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया है, लेकिन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री हैं।

वायरल पोस्ट के आंकड़े बताते हैं कि अब्दुल बारी सिद्दीकी सिर्फ 12वीं क्लास तक पढ़े हैं। लेकिन हमने पाया कि उसके पास मगध विश्वविद्यालय के एएन कॉलेज से डिग्री है। अब्दुल बारी वित्त मंत्री हैं जैसा कि वायरल पोस्ट में भी दावा किया गया है।

वायरल मैसेज के मुताबिक बिजेंद्र प्रसाद यादव 10वीं फेल हैं. लेकिन चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक वह 12वीं पास हैं। जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है, बिजेंद्र प्रसाद यादव विधायक हैं न कि बिजली मंत्री।

मंजू वर्मा वास्तव में 12वीं पास हैं जैसा कि वायरल संदेश में कहा गया है। मंजू वर्ना बिहार विधान सभा की सदस्य हैं न कि समाज कल्याण मंत्री।

वायरल हो रहे एक मैसेज के मुताबिक मुरारी मोहन झा ने सातवीं तक पढ़ाई की है। हालांकि, चुनाव आयोग की वेबसाइट इस बात की पुष्टि करती है कि उन्होंने 10वीं कक्षा पास की है। मुरारी मोहन झा विधायक हैं न कि भूमि मंत्री।

वायरल मैसेज के मुताबिक मदन साहनी 10वीं पास हैं। हालांकि, ईसीआई की वेबसाइट के मुताबिक, वह ग्रेजुएट हैं। मदन साहनी एक विधायक हैं न कि उर्वरक मंत्री, जैसा कि वायरल संदेश में कहा गया है।

वायरल हो रहे मैसेज में कहा गया है कि अशोक चौधरी ने दसवीं तक पढ़ाई की है। हालांकि, वह पटना विश्वविद्यालय से एमए और बोधगया में मगध विश्वविद्यालय से पीएचडी हैं। अशोक चौधरी विधायक हैं न कि शिक्षा मंत्री।

वायरल मैसेज के मुताबिक विजय प्रकाश महज 5वीं पास हैं। हालांकि उन्होंने एएन कॉलेज से एमए किया है। विजय प्रकाश पूर्व श्रम सुधार मंत्री हैं, न कि वर्तमान मंत्री जैसा कि वायरल संदेश में कहा गया है।

वायरल पोस्ट से उलट, कपिल देव कामत आठवीं पास हैं, न कि तीसरी पास। कमल देव कामत बिहार के पूर्व पंचायती राज मंत्री थे, जिनका वर्ष 2020 में कोविड के कारण निधन हो गया।

वायरल मैसेज के मुताबिक संतोष निराला ने 12वीं तक पढ़ाई की है। हालांकि, उनके पास पटना के एएन कॉलेज से स्नातक की डिग्री है। संतोष निराला पूर्व परिवहन मंत्री हैं और एससी/एसटी विभाग के प्रमुख नहीं हैं।

अब्दुल जलील मस्तान ने वायरल मैसेज के मुताबिक 8वीं तक पढ़ाई की है। वह चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार पूर्णिया से 12वीं पास हैं। वायरल संदेश के अनुसार अब्दुल जलील मस्तान पूर्व विधायक और योजना मंत्री हैं। फिलहाल उनके पास कोई कैबिनेट पद नहीं है।

वायरल संदेश के अनुसार चंद्रशेखर ने चौथी कक्षा तक पढ़ाई की है, लेकिन चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट हैं। चंद्रशेखर बिहार में शिक्षा मंत्री हैं और आपदा प्रबंधन के नहीं, जैसा कि पोस्ट में दावा किया गया है।

वायरल पोस्ट के मुताबिक जय कुमार सिंह ने 10वीं तक पढ़ाई की है, लेकिन चुनावी हलफनामे के मुताबिक वह ग्रेजुएट हैं। जय कुमार भी विधायक हैं न कि उद्योग मंत्री, जैसा कि पोस्ट में बताया गया है।

कृष्ण चंद्र वर्मा बिहार के मंत्री नहीं हैं जैसा कि वायरल संदेश में कहा गया है।

खुर्शीद फिरोज अहमद ने सिर्फ 5वीं तक पढ़ाई नहीं की है। वह 10वीं पास हैं। खुर्शीद फिरोज अहमद पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण और गन्ना उद्योग मंत्री हैं, वर्तमान में कार्यालय में नहीं हैं।

शैलेश कुमार 12वीं पास हैं और उन्होंने सिर्फ दूसरी कक्षा तक पढ़ाई नहीं की है, जैसा कि वायरल संदेश से पता चलता है। वायरल पोस्ट में कहा गया है कि शैलेश कुमार ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री हैं। असल में उनके पास अभी कोई कैबिनेट पद नहीं है।

आलोक मेहता ग्रेजुएट हैं और उन्होंने सिर्फ तीसरी कक्षा तक पढ़ाई नहीं की है, जैसा कि वायरल संदेश से पता चलता है। आलोक मेहता बिहार के विधायक हैं, मंत्री नहीं।

और अंत में, शिव चंद्र राम हलफनामे के अनुसार स्नातक हैं और अनपढ़ नहीं हैं जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया है। वह पूर्व कला, संस्कृति और खेल मंत्री और पूर्व विधायक हैं और कृषि मंत्री नहीं हैं जैसा कि पोस्टव में दावा किया गया है।

जांच के अगले चरण में विश्वास न्यूज दैनिक जागरण के बिहार संपादक आलोक मिश्रा से संपर्क साधा। उन्होंने कहा, ‘सूची में 20 में से 12 नेता कैबिनेट में नहीं हैं। अशोक चौधरी और आलोक मेहता ने पीएचडी की है। तेजस्वी यादव 9वीं पास हैं जबकि तेज प्रताप 12वीं पास हैं। कैबिनेट विभागों को भी सूची में गलत तरीके से वर्णित किया गया है। यह संदेश भ्रामक है। सभी विवरण सत्य नहीं हैं।” उनके मुताबिक बिहार सरकार की ओर से ऐसा कोई आरटीआई जवाब जारी नहीं किया गया है।

जांच के आखिरी चरण में हमने वायरल मैसेज को शेयर करने वाले यूजर का बैकग्राउंड चेक किया। अमिताभ चौधरी पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के रहने वाले हैं और फेसबुक पर उनके 542 दोस्त हैं।

निष्कर्ष: बिहार के विभिन्न मंत्रियों के शिक्षा विवरण की वायरल सूची भ्रामक निकली। सूची में मंत्रियों के विभाग भी गलत हैं। बिहार सरकार की ओर से ऐसा कोई आरटीआई जवाब नहीं दिया गया।

  • Claim Review : बिहार सरकार का आरटीआई जवाब :: बिहार कैबिनेट सदस्य .. उनके विभाग .. शैक्षिक योग्यता
  • Claimed By : Facebook user Amitabha Choudhury
  • Fact Check : भ्रामक
भ्रामक
फेक न्यूज की प्रकृति को बताने वाला सिंबल
  • सच
  • भ्रामक
  • झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later