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Fact Check : यह वीडियो असली डायनासोर का नहीं, बल्कि प्रमोशन के लिए इस्तेमाल किए गए एक मॉडल का है

विश्वास न्यूज ने जांच में पाया कि डायनासोर का वायरल किया जा रहा वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि कानपुर में एक कंपनी द्वारा प्रमोशन के लिए डायनासोर की पोशाक का इस्तेमाल किया गया था। वीडियो को असली बताकर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है।  

  • By: Jyoti Kumari
  • Published: Jul 23, 2025 at 03:12 PM
  • Updated: Jul 24, 2025 at 10:09 AM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक डायनासोर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें पिंजरे में बंद डायनासोर के साथ लोगों को वीडियो बनाते और फोटो क्लिक करते हुए देखा जा सकता है। अब कुछ यूजर्स इस वीडियो को असली समझकर शेयर कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा डायनासोर असली है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वीडियो में दिख रहा डायनासोर वास्तविक नहीं है, बल्कि कानपुर के साकेत नगर में प्रमोशन के लिए एक कंपनी द्वारा इस्तेमाल किया गया नकली डायनासोर है। जिसे असली समझकर शेयर किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर nalandavlogra ने (आर्काइव लिंक) 20 जुलाई 2025 को वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “कानपुर में पकड़ा गया डायनासोर।”

वीडियो पर लिखा हुआ है, “कानपुर में पकड़ा गया डायनासोर देखने के लिए लगी भीड़। फिर से देखने को मिलेगा डायनासोर।”

पड़ताल

वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने संबंधित कीवर्ड से सर्च किया। हमें पंजाब केसरी की वेबसाइट पर वीडियो से जुड़ी खबर मिली। खबर को 8 जून 2025 को प्रकशित किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार,”उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में सड़क पर डायनासोर नजर आया। जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। हालांकि, यह असली डायनासोर नहीं है। दरअसल, एक स्थानीय कंपनी ने अपने प्रोडक्ट का प्रचार करने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया। इस प्रचार में एक व्यक्ति ने अत्याधुनिक डायनासोर की पोशाक पहन रखी थी। ये न सिर्फ चलती-फिरती है, बल्कि गले से दहाड़ने वाली आवाजें भी निकालती है।”

हमें Liberty Wire नाम के एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर किया हुआ मिला। 15 जुलाई 2025 को शेयर की गई पोस्ट के कैप्शन में बताया गया,कानपुर के साकेत नगर में एक कंपनी ने प्रचार का अनोखा तरीका अपनाया। इसमें डायनासोर की पोशाक का इस्तेमाल किया गया। जिसने सड़क पर लोगों का ध्यान खींचा। लोगों ने डायनासोर के साथ फोटो खिंचाई और वीडियो बनाया।”

सर्च के दौरान हमें वीडियो से जुड़ी कई अन्य न्यूज रिपोर्ट्स भी मिली।

वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे साथी दैनिक जागरण में कानपुर के आउटपुट हेड दिवाकर मिश्रा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। कानपुर स्थित ब्लू वर्ड वाटर पार्क का प्रचार है।

अंत में हमने वीडियो को शेयर करने वाले यूजर को स्कैन किया। पता चला यूजर को 5 हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने जांच में पाया कि डायनासोर का वायरल किया जा रहा वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि कानपुर में एक कंपनी द्वारा प्रमोशन के लिए डायनासोर की पोशाक का इस्तेमाल किया गया था। वीडियो को असली बताकर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है।  

  • Claim Review : कानपुर में पकड़ा गया डायनासोर।
  • Claimed By : फेसबुक यूजर -nalandavlogra
  • Fact Check : झूठ

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