Fact Check: पुलिस पर पथराव करते प्रदर्शनकारियों का वीडियो नेपाल हिंसा का नहीं, वायरल दावा गलत
पुलिस पर पथराव करते प्रदर्शनकारियों का वायरल वीडियो नेपाल का नहीं, बल्कि इंडोनेशिया का है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Sep 10, 2025 at 05:21 PM
- Updated: Sep 10, 2025 at 05:43 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में सोशल मीडिया बैन को लेकर शुरू हुए प्रदर्शन ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया है। प्रदर्शनकारी हथियारों से लैस होकर उग्र हो गए और उन्होंने पीएम, राष्ट्रपति के निजी आवास और संसद भवन में आग लगा दी। इसी हिंसक प्रदर्शन से जोड़ते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पुलिस पर पत्थर और डंडा मारते हुए देखा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वायरल वीडियो नेपाल का नहीं, बल्कि इंडोनेशिया में हुए एक प्रदर्शन का है। इंडोनेशिया के प्रदर्शन के वीडियो को अब गलत दावे के साथ नेपाल का बताकर शेयर किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘EagleVision Eye’ ने 10 सितंबर 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “नेपाल में प्रदर्शन के दौरान सेना को इस तरह करना पड़ा बचाव , लेकिन फ़िर भी हमला करते रहे प्रदर्शनकारी!”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने उसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘Nigerian Military Gallery’ नाम के एक फेसबुक पेज पर मिला। वीडियो को 2 सितंबर 2025 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो इंडोनेशिया में हुए विरोध प्रदर्शन का है।

पड़ताल के दौरान हमें वायरल वीडियो इसी जानकारी के साथ इंस्टाग्राम, यूट्यूब (यहां, यहां और यहां) और एक्स पर इसी जानकारी के साथ 2 सितंबर 2025 को अपलोड हुआ मिला।
प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘carnegieendowment’ की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 3 सितंबर 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया में सांसदों की वेतन में हुई बढ़ोतरी को लेकर हजारों लोगों ने राष्ट्रीय संसद के सामने प्रदर्शन किया। दरअसल सांसदों की वेतन में करीब दस फीसदी तक की बढ़ोतरी की जा रही थी। इसे और बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर लोगों के मन में गुस्सा था। उन्होंने इसे लेकर प्रदर्शन करना शुरू किया और फिर देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसक हो गया।

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।
हमें वायरल वीडियो से मिलता-जुलता वीडियो ‘Associated Press’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को इंडोनेशिया के प्रदर्शन का बताते हुए शेयर किया गया था।
हमने वायरल वीडियो में नजर आ रहे पीले रंग के बैनर के बारे में भी सर्च किया। हमने पाया कि बोर्ड पर ‘Diabetasol” लिखा हुआ है। इसके बारे में सर्च करने पर हमें इसका अधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट मिला। इंडोनेशिया का डायबिटीज से जुड़ा एक ब्रांड हैं।

हमने वायरल वीडियो और इंडोनेशिया पुलिस की तस्वीर की तुलना की। दोनों के बीच की सामनता को नीचे देखा जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए हमने काठमांडू के स्वतंत्रत पत्रकार अनुज अरोरा संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि नेपाल में काफी हिंसक प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन यह वीडियो यहां का नहीं है।
आजतक की वेबसाइट पर 10 सितंबर 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “नेपाल में पिछले दो दिनों में विरोध प्रदर्शन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। सोमवार को राजधानी काठमांडू की सड़कों पर स्कूल और कॉलेज के छात्र सोशल मीडिया बैन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सिर्फ 24 घंटे में ही यह स्थिति हिंसक मोड़ लेने लगी। अज्ञात हथियारबंद लोग विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनकर सरकार के खिलाफ हिंसा का रास्ता अपना रहे हैं। हालात बिगड़ते देख नेपाल की सेना को हालात संभालने का जिम्मा सौंपा गया। हालांकि, एक दिन पहले प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सेना से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन सेना ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था। इसी के बाद ओली को इस्तीफा देना पड़ा और वे हेलिकॉप्टर से सुरक्षित स्थान पर चले गए। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन, संसद, सुप्रीम कोर्ट और प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचकर आगजनी कर चुके हैं। कई मंत्रियों के घरों को भी निशाना बनाया गया। यहां तक कि उन्हें सड़कों पर पिटाई का सामना करना पड़ा।”
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को करीब पांच हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पुलिस पर पथराव करते प्रदर्शनकारियों का वायरल वीडियो नेपाल का नहीं, बल्कि इंडोनेशिया का है। इंडोनेशिया के प्रदर्शन के वीडियो को अब गलत दावे के साथ नेपाल का बताकर शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : नेपाल में हुए प्रदर्शन का वीडियो।
- Claimed By : FB User EagleVision Eye
- Fact Check : झूठ
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