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Fact Check : संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल के बोर्ड को लेकर गलत दावा हुआ वायरल

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि यह दावा गलत है। हिंदी-इंग्लिश में लिखे हॉस्पिटल के नाम के बोर्ड अभी भी वहां पर मौजूद है।

  • By Vishvas News
  • Updated: November 19, 2021

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक बिल्डिंग की तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल की है, जहाँ ‘आम आदमी पार्टी ने हिंदी-इंग्लिश में लिखे हॉस्पिटल के नाम के बोर्ड को हटवाकर उर्दू भाषा में लगवा दिया है।’ विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। हिंदी-इंग्लिश में लिखे हॉस्पिटल के नाम के बोर्ड अभी भी वहां पर मौजूद हैं।

क्या है वायरल पोस्ट में?

ट्विटर यूजर ‘Vipin Dalal’ ने संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल की बिल्डिंग की एक तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है – ”दिल्ली सरकार की घटिया सोच एक और प्रमाण संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल का बोर्ड उर्दू में परिवर्तन किया इस तरह का घटिया व्यक्तित्व आने वाले भविष्य में हमारी संस्कृति का विनाश करेगा जागो दिल्ली वालों जागो।” वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां पर देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने पड़ताल शुरू करते हुए सबसे पहले गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया, लेकिन हमें वायरल दावे से जुड़ी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद हमने इस दावे को आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट को खंगालना शुरू किया। हमें वहां पर भी दावे से जुड़ी कोई जानकारी हासिल नहीं हुई। इससे हमें इस दावे के गलत होने का संदेह हुआ।

हमने अधिक जानकारी के लिए हमारी सहयोगी वेबसाइट दैनिक जागरण के पत्रकार प्रतीक से संपर्क किया। हमने वायरल पोस्ट को उनके साथ वॉट्सऐप पर शेयर किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा पूरी तरह से गलत है। हॉस्पिटल पर तीन भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में बोर्ड लगा हुआ है। हिंदी-इंग्लिश दोनों ही भाषाओं में हॉस्पिटल पर लगा बोर्ड अभी भी वहां पर मौजूद है। बोर्ड्स को वहां से नहीं हटाया गया है। उन्होंने हमारे साथ अस्पताल की कुछ तस्वीरों को भी शेयर किया।

पड़ताल के अंत में हमने दावे को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट की स्‍कैनिंग की। हमें पता चला कि इस यूजर को 57 लोग फॉलो करते हैं। यह प्रोफाइल जून 2021 से ट्विटर पर सक्रिय है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि यह दावा गलत है। हिंदी-इंग्लिश में लिखे हॉस्पिटल के नाम के बोर्ड अभी भी वहां पर मौजूद है।

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