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Fact Check : फलोदी में नहीं मिली तीन हजार साल पुरानी गुफा, असंबंधित तस्वीर वायरल

विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इस दावे की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। वायरल तस्‍वीर और इससे जुड़े वीडियो इंटरनेट पर काफी समय से मौजूद है।

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया के कई प्‍लेटफॉर्म्‍स पर एक तस्‍वीर वायरल हो रही है। किसी गुफा की इस तस्‍वीर को राजस्‍थान के फलोदी का बताकर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि वहां तीन हजार साल पुरानी गुफा मिली है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इस दावे की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। वायरल तस्‍वीर और इससे जुड़े वीडियो इंटरनेट पर काफी समय से मौजूद है। विश्‍वास न्‍यूज स्‍वतंत्र रुप से इसकी पुष्टि नहीं करता है, लेकिन तय है कि फलोदी में तीन हजार साल पुरानी गुफा के नाम से वायरल तस्‍वीर राजस्‍थान की नहीं है।

क्‍या हो रहा है वायरल

मेवाड़ी-राणा कुँ.सुनील सिहँ सिसोदिया नाम के फेसबुक पेज पर आठ अप्रैल को एक तस्‍वीर को पोस्‍ट करते हुए दावा किया गया, “फलोदी में मिली 3000 हजार साल पुरानी एतिहासिक गुफा। इसकी क्या कहानी है क्या इतिहास है कोई नहीं जानता।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने फलोदी के नाम पर वायरल तस्‍वीर की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जो इस बात की पुष्टि कर सके कि फलोदी में ऐसी कोई गुफा मिली है, जैसा कि दावा किया गया है।

सर्च को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल लेंस टूल का इस्‍तेमाल किया । सर्च के दौरान हमें छह फरवरी 2025 को पोस्‍ट एक वीडियो मिला। वीडियो को ध्‍यान से देखने पर हमें वायरल तस्‍वीर वाला हिस्‍सा नजर आया। Tawanda Muperuka नाम के यूजर ने इस वीडियो को जिम्बाब्वे की सोने की खान का बताया।

विश्‍वास न्‍यूज स्‍वतंत्र रुप से इसकी पुष्टि नहीं करता है, लेकिन तय है कि फलोदी में तीन हजार साल पुरानी गुफा के नाम से वायरल तस्‍वीर राजस्‍थान की नहीं है।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए फलोदी के पत्रकार जितेंद्र छंगाणी से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्‍ट को शेयर किया। उन्‍होंने जानकारी देते हुए बताया कि वायरल पोस्‍ट फेक है। फलोदी में ऐसी कोई गुफा नहीं मिली है।

पड़ताल के अंत में हमने फेसबुक यूजर मेवाड़ी-राणा कुँ.सुनील सिहँ सिसोदिया के अकाउंट की जांच की। इसे 24 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर भादरा का रहने वाला है।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में पता चला कि फलोदी में गुफा मिलने के नाम पर वायरल हुई पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। वहां इस तरह की कोई गुफा नहीं मिली है। वायरल तस्‍वीर एक वीडियो का ग्रैब है। असली वीडिया इंटरनेट पर पहले से मौजूद है।

  • Claim Review : फलोदी में मिली 3000 हजार साल पुरानी एतिहासिक गुफा।
  • Claimed By : FB User Mewadi Rana
  • Fact Check : झूठ

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