Fact Check: सड़क पर रखे कफन की तस्वीर असली नहीं, ईरान में गाजा को लेकर 2023 में हुए प्रदर्शन की है
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल की जा रही तस्वीर साल 2023 में ईरान में गाजा को लेकर हुए एक प्रदर्शन के दौरान की है। पुरानी और प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीर को असली समझते हुए भ्रामक दावे के साथ फैलाया जा रहा है।
- By: Umam Noor
- Published: Apr 1, 2025 at 02:50 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमेें बहुत-से कफ़न जमीन में रखे हुए देखे जा सकते हैं। तस्वीर को गाजा की बताकर शेयर करते हुए यूजर दावा कर रहे हैं कि यह फिलिस्तीन के गाजा में मारे गए लोगों की तस्वीर है। फोटो को सामान्य दावे के साथ अलग- अलग प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल की जा रही तस्वीर साल 2023 में ईरान में गाजा को लेकर हुए एक प्रदर्शन के दौरान की है। पुरानी और प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीर को असली समझते हुए भ्रामक दावे के साथ फैलाया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ने वायरल फोटो को शेयर करते हुए लिखा, ”जिस दुआ पर आमीन बोला जाऐ वो दुआ कभी रद्द नही होती या अललाह फिलिस्तीन के मासूमों को जन्नतुल फिरदोष में आला से आला मुकाम आता फरमा आमीन।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिये वायरल फोटो को सर्च किया। सर्च किये जाने पर हमें यह तस्वीर रॉयटर्स की वेबसाइट पर अपलोड हुई मिली। 18 नवंबर 2023 की इस खबर में बताया गया कि गाजा युद्ध में बच्चों और अन्य नागरिकों की मौत के विरोध में शनिवार को हजारों ईरानियों ने राज्य प्रायोजित मार्च में हिस्सा लिया।

इसी बुनियाद पर अपनी पड़ताल को हमने आगे बढ़ाया और हमें ईरान की तसनीम न्यूज की वेबसइट पर इससे जुडी खबर मिली। नवंबर 2023 की इस खबर में बताया गया कि इजरायली हमले में मारे गए गाजा के बच्चों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए 13 नवंबर को तेहरान के फिलिस्तीन स्क्वायर में लाइव संगीत के साथ ‘सिम्फनी ऑफ द किल्ड’ नामक एक इंस्टॉलेशन आर्ट प्रदर्शन आयोजित किया गया।
इस खबर में इस प्रदशन की और भी तस्वीरें मिली, जिन्हें यहां देखा जा सकता है।
वायरल तस्वीर से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने ईरान में रहने वाली पत्रकार फातिमा करीम खान से संपर्क किया और वायरल पोस्ट उनके साथ शेयर की। उन्होंने हमें पुष्टि करते हुए बताया कि यह तस्वीर एक प्रदर्शन की है, जो डेढ़ साल पहले हुआ था।
अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 24 हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल की जा रही तस्वीर साल 2023 में ईरान में गाजा को लेकर हुए एक प्रदर्शन के दौरान की है। पुरानी और प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीर को असली समझते हुए भ्रामक दावे के साथ फैलाया जा रहा है।
- Claim Review : यह फिलिस्तीन के गाजा में मारे गए लोगों की तस्वीर है।
- Claimed By : FB User- Rafeeq Siddiqui
- Fact Check : भ्रामक
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