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Fact Check: मक्‍का में हज के दौरान नहीं गिरी इमारत, एआई वीडियो के जरिए फैलाया गया झूठ

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। इस वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई  की मदद से एडिट किया गया है। वहीं, यह वीडियो सोशल मीडिया पर अक्टूबर 2025 से मौजूद है। इसके अलावा इस साल यानी 2026 में हज करीब पांच महीने बाद मई में होंगे।

  • By: Umam Noor
  • Published: Jan 9, 2026 at 05:08 PM
  • Updated: Mar 26, 2026 at 05:21 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सऊदी अरब के शहर मक्का के हवाले से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में बहुत-से लोगों को हज और उमराह के दौरान पहनी जाने वाली पोशाक एहराम (एक तरीके की सफ़ेद पोशाक) में देखा जा सकता है। वीडियो में कई लोग भागते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं, धूल का गुबार भी नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर करते हुए यूजर दावा कर रहे हैं कि सऊदी अरब के शहर मक्का का वीडियो है, जहां हज 2026 के दौरान इमारत ढह गई है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। इस वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से एडिट किया गया है। वहीं, यह वीडियो सोशल मीडिया पर अक्टूबर 2025 से मौजूद है। इसके अलावा इस साल यानी 2026 में हज करीब पांच महीने बाद मई में होंगे।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

इंस्टाग्राम यूजर ‘दानिश अल्वी’ ने 3 जनवरी को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “मक्का में इमारत का हिस्सा ढहा, हाजियों में अफरा-तफरी का माहौल 2026.”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो कई सोशल मीडिया हैंडल पर सामान दावे के साथ नवंबर 2025 को अपलोड किया हुआ मिला।

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें यह वीडियो विरासत इंडिया नाम के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर 30 अक्टूबर 2025 को शेयर किया हुआ मिला।

इस मामले से जुड़ा न्यूज सर्च किए जाने पर हमें इस घटना से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं मिली। जिससे हमें इस वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ।

इसी कड़ी में हमने पड़ताल को आगे बढ़ाया और वायरल वीडियो को InVid  टूल में उपलोड किया। यहां मिले नतीजे के अनुसार, यह 54 फीसदी एआई निर्मित हो सकता है।

जांच के अगले चरण में ज्यादा पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस (TIA) की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की टीम ने अलग-अलग टूल्‍स की मदद से वायरल वीडियो का एनालिसिस किया।

IsitAI टूल के एनालिसिस ने वायरल वीडियो के कीफ्रेम के 99 फीसदी एआई होने की संभावना जताई।

AIorNot टूल के नतीजों से भी वीडियो का कीफ्रेम 75 फ़ीसदी एआई निर्मित होने की आशंका जताई।

‘वाज इट एआई डॉट कॉम’ पर भी इस वीडियो के कीफ्रेम को एआई निर्मित होने की संभावना जताई गई। 

सर्च में हमें Haramain Archive नाम के फेसबुक पेज मिला। इसमें अक्टूबर 2025 को कुछ तस्वीरें पोस्ट की गई हैं। पोस्ट के मुताबिक, “‘विजन 2030’ के लिए मक्का में ध्वस्तीकरण और डेवलपमेंट का काम जारी है।”

वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे के साथ संपर्क किया। उन्होंने बताया कि इस वीडियो में कुछ हिस्सा असली नजर आ रहा है, लेकिन इसमें एआई की मदद से बदलाव किये गए हैं। जैसे पीछे नजर आ रही धूल, जब धूल का गुबार बढ़ता हुआ दिख रहा है, तब भी लोग आसानी से चल रहे हैं।

काबिले  गौर है कि हज 2026 मई के महीने में होगा, इस मामले से जुड़ी जानकारी यहां पढ़ी जा सकती है।

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर ‘दानिश अल्वी’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 11 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

डिस्क्लेमर: इस फैक्ट चेक रिपोर्ट में पहले उपयोग किया गया एक टूल विश्वसनीयता के मानकों के मुताबिक नहीं था। समीक्षा के बाद इस टूल के रेफरेंस और उसके नतीजों को हटा दिया गया है, जिससे फैक्ट चेक रिपोर्ट के नतीजों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हटाए गए टूल के स्थान पर अब प्रमाणित और विश्वसनीय स्रोतों का उपयोग किया गया है। यह अपडेट पूरी तरह से निर्धारित SoP के ढांचे के भीतर किया गया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। इस वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई  की मदद से एडिट किया गया है। वहीं, यह वीडियो सोशल मीडिया पर अक्टूबर 2025 से मौजूद है। इसके अलावा इस साल यानी 2026 में हज करीब पांच महीने बाद मई में होंगे।

  • Claim Review : मक्का में इमारत का हिस्सा ढहा.
  • Claimed By : इंस्टाग्राम यूजर 'दानिश अल्वी'
  • Fact Check : झूठ

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