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Fact Check: राफेल मामले में गोपनीय चिट्ठी के लीक होने का दावा फेक, पाकिस्तानी हैंडल से फैलाया जा रहा प्रोपेगेंडा

राफेल विवाद के संबंध में विदेश मंत्री जयशंकर के भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू को लिखी गई गोपनीय चिट्ठी के लीक होने का दावा फेक है और इस दावे से वायरल हो रही चिट्ठी क्रिएटेड है, जिसे पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल ने प्रोपेगेंडा के मकसद से शेयर किया है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर एक्स पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के नाम से भारत में फ्रांस के राजदूत  थियरी माथू को लिखी कथित चिट्ठी का स्क्रीनशॉट शेयर हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह लीक हुई गोपनीय चिट्ठी है, जिसमें एस जयशंकर नौसेना के लिए उपयोग होने वाले राफेल विमानों की चिट्ठी की डिलीवरी से संबंधित टाइमलाइन के मीडिया में लीक होने पर चिंता जताते नजर आ रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। जिस कथित चिट्ठी के आधार पर ऐसा दावा किया जा रहा है वह क्रिएटेड और पाकिस्तान स्थित हैंडल से फैलाया जा रहा प्रोपेगेंडा है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Discourse Lab’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “Jaishankar’s letter to France confirms one thing: the Rafale controversy is far from over. New Delhi is struggling to contain the fallout of leaked communications.”

“जयशंकर के फ्रांस को लिखे पत्र से एक बात साफ होती है कि राफेल विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। नई दिल्ली लीक हुए कम्युनिकेशन के नतीजों को संभालने के लिए अभी भी जूझ रही है।”

पड़ताल

वायरल पोस्ट में जिस चिट्ठी को शेयर किया गया है, वह कहीं से भी विदेश मंत्री एस जयशंकर की तरफ से लिखी आधिकारिक चिट्ठी जैसी नजर नहीं आ रही है। ‘S jaishankar letter’ की वर्ड के आधार पर सोशल मीडिया सर्च में हमें ‘@HRNagendra1’ हैंडल से शेयर की हुई चिट्ठी मिली, जिसमें उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की तरफ से उनकी पुनर्नियुक्ति पर मिली चिट्ठी की प्रति को शेयर किया है।

यह चिट्ठी भारत के विदेश मंत्री की तरफ से लिखी आधिकारिक चिट्ठी है, जिस पर अशोक स्तंभ  का चिह्न और एस जयशंकर का हस्ताक्षर मौजूद है। इस चिट्ठी की तुलना वायरल पोस्ट में शेयर की गई चिट्ठी से करने पर दोनों के बीच का अंतर स्पष्ट हो जाता है।

इसके अलावा हमें एस जयशंकर के आधिकारिक हैंडल से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को लिखी गई चिट्ठी का जवाब मिला और इस पर भी अशोक स्तंभ के प्रतीक चिह्न और जयशंकर के हस्ताक्षर को देखा जा सकता है।

वायरल दावे को लेकर हमने भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक हैंडल को चेक किया और सर्च में हमें विदेश मंत्रालय के फैक्ट चेक के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया हुआ ट्वीट मिला, जिसमें इस चिट्ठी को फेक बताया गया है।

हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल हो रही चिट्ठी फेक है। वायरल दावे को लेकर हमने विदेश मामलों को कवर करने वाले सीनियर जर्नलिस्ट मधुरेंद्र कुमार से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह फेक चिट्ठी है।

वायरल चिट्ठी को शेयर करने वाला हैंडल पाकिस्तान से संचालित किया जाता है, जो एक्स पर अप्रैल 2025 से सक्रिय है और अप्रैल 2025 में इस हैंडल ने अपने यूजर नेम में बदलाव किया है।

वायरल चिट्ठी को शेयर करने वाला हैंडल पाकिस्तान से संचालित किया जाता है, जो एक्स पर अप्रैल 2025 से सक्रिय है।

विदेश और एआई से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज के दुनिया और एआई चेक में पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: राफेल विवाद के संबंध में विदेश मंत्री जयशंकर के भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू को लिखी गई गोपनीय चिट्ठी के लीक होने का दावा फेक है और इस दावे से वायरल हो रही चिट्ठी क्रिएटेड है, जिसे पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल ने प्रोपेगेंडा के मकसद से शेयर किया है।

  • Claim Review : राफेल की डिलीवरी टाइमलाइन लीक होने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लिखी फ्रांसीसी राजदूत को चिट्ठी।
  • Claimed By : X User- @LabDiscourse
  • Fact Check : झूठ

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