Fact Check: न्यूक्लियर रेडिएशन के कारण पाकिस्तानी नेता फवाद चौधरी के बीमार पड़ने का दावा गलत, वीडियो 2023 का है
पाकिस्तान में न्यूक्लियर रेडिएशन लीक होने की वजह से पूर्व मंत्री फवाद चौधरी के बीमार पड़ने का दावा गलत है। इस दावे से वायरल हो रहा वीडियो 2023 का है, जब फवाद चौधरी को यह लगा कि पुलिस उन्हें दोबारा गिरफ्तार करने आ रही है तो उन्होंने वापस इस्लामाबाद हाई कोर्ट परिसर की तरफ दौड़ लगा दी थी। 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारत की तरफ से पाकिस्तान के किसी भी न्यूक्लियर साइट को निशाना बनाए जाने का दावा गलत है। साथ ही, पाकिस्तान में रेडिएशन लीक होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- By: Abhishek Parashar
- Published: May 21, 2025 at 06:04 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के पाकिस्तान और उसके कब्जे वाली कश्मीर (पीओके) में की गई कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया यूजर्स पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी का वीडियो क्लिप शेयर कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि चौधरी, न्यूक्लियर रेडिएशन की वजह से बीमार हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। फवाद चौधरी का वीडियो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद का नहीं है, बल्कि वर्ष 2023 का है, जब गिरफ्तारी से बचने के लिए फवाद चौधरी दौड़ते हुए इस्लामाबाद हाई कोर्ट परिसर के अंदर भागे थे और फिर वकीलों ने उनकी मदद की थी।
बताते चलें कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने पाकिस्तान के किसी भी न्यूक्लियर साइट को निशाना नहीं बनाया है, जिसके आधार पर सोशल मीडिया यूजर्स पाकिस्तान में न्यूक्लियर रेडिएशन फैलने का दावा कर रहे हैं। साथ ही, कोई भी आधिकारिक रिपोर्ट पाकिस्तान में न्यूक्लियर रेडिएशन के लीक होने की पुष्टि नहीं करता है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी पाकिस्तान के किसी भी परमाणु संयंत्र से रेडिएशन लीक होने के दावे का खंडन किया है।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Kuldeep Mishra Fan Club’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है,”पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी को रेडिएशन के संपर्क में आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया…. पाकिस्तान में इस समय एक बड़ी विनाशकारी घटना घट रही है।”
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल वीडियो में कुछ लोगों को बदहवासी की हालत में फवाद चौधरी को सहारा देते हुए देखा जा सकता है। वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ऑरिजिनल वीडियो पाकिस्तानी डॉन न्यूज के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर मिला।

भारत में डॉन न्यूज का यू-ट्यूब चैनल प्रतिबंधित है, इसलिए हमने एक्सप्रेस वीपीएन टूल की मदद से इसे देखा। 16 मई 2023 को जारी इस वीडियो बुलेटिन के साथ उर्दू में दी गई जानकारी के मुताबिक (हिंदी में अनूदित), जब “पुलिस ने फवाद चौधरी को दोबारा गिरफ्तार करने की कोशिश की, तो वे कोर्ट परिसर की तरफ भागे।”
इसी आधार पर सर्च करने पर हमें कई न्यूज रिपोर्ट्स मिली, जिसमें इस घटना का समान संदर्भ में जिक्र है। हिंदुस्तान टाइम्स की 16 मई 2023 की रिपोर्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर वायरल वीडियो का फुटेज है।
हमारी जांच से स्पष्ट है कि फवाद चौधरी का यह वीडियो न तो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद का है और न ही यह उनके न्यूक्लियर रेडिएशन की वजह से बीमार पड़ने का है।
वायरल वीडियो क्लिप को लेकर हमने पाकिस्तान की फैक्ट चेकिंग संस्था सोच के सह-संस्थापक सुफयान सुल्तान से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “यह पुराना वीडियो है जब इमरान खान की पार्टी के फवाद चौधरी को लगा कि पुलिस उन्हें दोबारा गिरफ्तार करने आ रही है और फिर उन्होंने बचने के लिए हाई कोर्ट परिसर की तरफ दौड़ लगा दी थी।”
जागरण.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, “पिछले हफ्ते फवाद को गिरफ्तार कर लिया गया था। पीटीआई के वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी पूर्व पीएम इमरान खान के करीबी हैं। मंगलवार को जैसे ही इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने फवाद की रिहाई का आदेश दिया, वह कोर्ट परिसर से बाहर आए और अपनी सफेद एसयूवी में बैठ गए। हालांकि, कोर्ट के बाहर पुलिस को देखकर वह घबरा गए और जल्दी से कार का दरवाजा खोलकर अंदर बैठ गए।”
गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में न्यूक्लियर रेडिएशन का दावा किया जा रहा है। हालांकि, सरकार की तरफ से इस दावे का खंडन किया जा चुका है।
12 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के पाकिस्तान के न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाए जाने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए एयर मार्शल एके भारती ने कहा था, “हमें यह बताने के लिए शुक्रिया कि किराना हिल्स में पाकिस्तान के कुछ नाभिकीय केंद्र हैं। हमें इस बारे में पता नहीं था। (लेकिन) हमने किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया, चाहे वहां जो कुछ भी है।”
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरारष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के बाद पाकिस्तान के किसी भी नाभिकीय संयंत्र से कोई “रेडिएशन लीक नहीं” हुआ है।
वायरल वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब आठ हजार लोग फॉलो करते हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान की तरफ से सुनियोजित प्रोपेगेंडा के तहत फेक और भ्रामक दावे किए जा रहे हैं, जिसकी फैक्ट चेक रिपोर्ट को विश्वास न्यूज की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है। कुछ महत्वपूर्ण फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां, यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: पाकिस्तान में न्यूक्लियर रेडिएशन लीक होने की वजह से पूर्व मंत्री फवाद चौधरी के बीमार पड़ने का दावा गलत है। इस दावे से वायरल हो रहा वीडियो 2023 का है, जब फवाद चौधरी को यह लगा कि पुलिस उन्हें दोबारा गिरफ्तार करने आ रही है तो उन्होंने वापस इस्लामाबाद हाई कोर्ट परिसर की तरफ दौड़ लगा दी थी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत की तरफ से पाकिस्तान के किसी भी न्यूक्लियर साइट को निशाना बनाए जाने का दावा गलत है। साथ ही, पाकिस्तान में रेडिएशन लीक होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- Claim Review : पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी को रेडिएशन के संपर्क में आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- Claimed By : FB User-Kuldeep Mishra Fan Club
- Fact Check : झूठ
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