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Fact Check: मस्जिद में तोड़फोड़ और आगजनी के इन दोनों वीडियो का नहीं है भारत से संबंध, नेपाल के वीडियो वायरल

विश्वास न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि मस्जिद में तोड़फोड़ और आगजनी के ये दोनों वीडियो भारत के नहीं हैं। हमने पाया कि यह घटना नेपाल के रौतहट जिले के गौर नगरपालिका क्षेत्र की है, जहां हाल ही में दो समुदायों के बीच तनाव के बाद हिंसा भड़कने और कर्फ्यू की स्थिति बनी थी। उत्तर प्रदेश के बदायूं या गुजरात के वडोदरा स्थित गोरवा क्षेत्र की किसी भी मस्जिद में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

  • By: Umam Noor
  • Published: Feb 24, 2026 at 08:32 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक ही मस्जिद से जुड़े दो अलग-अलग वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में मस्जिद के अंदर आग लगी हुई दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि यह घटना उत्तर प्रदेश के बदायूं की है, जहां कुछ लोगों ने मस्जिद में आग लगा दी। वहीं, दूसरे वीडियो में कुछ लोग मस्जिद के दरवाजे के पास तोड़फोड़ करते हुए और जलती मशाल लिए मस्जिद के अंदर जाते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को गुजरात के वडोदरा के गोरवा क्षेत्र का बताते हुए दावा किया जा रहा है कि उपद्रवियों ने मस्जिद में घुसकर आगजनी कीऔर उसे नुकसान पहुंचाया है। दोनों वीडियो को अलग-अलग राज्यों से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि मस्जिद में तोड़फोड़ और आगजनी के ये दोनों वीडियो भारत के नहीं हैं। हमने पाया कि यह घटना नेपाल के रौतहट जिले के गौर नगरपालिका क्षेत्र की है, जहां हाल ही में दो समुदायों के बीच तनाव के बाद हिंसा भड़कने और कर्फ्यू की स्थिति बनी थी। उत्तर प्रदेश के बदायूं या गुजरात के वडोदरा स्थित गोरवा क्षेत्र की किसी भी मस्जिद में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

इंस्टाग्राम यूजर फलक अंसारी ने वायरल वीडियो को 23 फरवरी 2026 को पोस्ट करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश बदायूं की एक मस्जिद में गैर मुसलमानों के द्वारा मस्जिद में आग लगाई गई।”

वायरल हो रहे दूसरे वीडियो को अवामे आजम नाम के फेसबुक यूजर ने 23 फरवरी 2026 को पोस्ट करते हुए लिखा, “#गोरवा नगर पालिका मस्जिद के सीसीटीवी फुटेज में देखो चप्पल भी चुरा ले गये ओर आग लगा दी मस्जिद के अंदर घुस कर तोड़ फोड़ की #gorvamasjid #AwazEAwam #viralvideo #indian #gujrat”.

पड़ताल

हमने अपनी पड़ताल को दो भागों में बांटा, पहले हिस्से में हमने पहले वीडियो और उसके दावे की पड़ताल की। वहीं, दूसरे हिस्से में हमने गुजरात  की मस्जिद के हवाले से वायरल हो रहे वीडियो और दावे की पड़ताल की।

पहला वीडियो

इस वीडियो में मस्जिद के अंदर एक जगह आग लगी हुई देखी जा सकती है। इसके साथ  यह दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के बदायूं का है। पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को गौर से सुना। वीडियो में एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, “यह गौर मस्जिद है किसी गैर मुस्लिम ने यहां आकर आग लगा दिया है।”

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने ‘गौर मस्जिद में आग’ के अलग-अलग कीवर्ड के साथ वायरल वीडियो को सर्च करना शुरू किया। सर्च में हमें यह वीडियो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया हुआ मिला। यहां फरवरी 2026 को अपलोड हुए इन वीडियो के साथ नेपाली भाषा के कैप्शन का इस्तेमाल किया गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह गौर नगरपालिका की मस्जिद का वीडियो है।  

इसी कड़ी में सर्च करने पर हमें ‘DOAM डोक्युमेंटिंग ऑपरेशन अगेंस्ट मुस्लिम’ नाम के एक फेसबुक पेज पर वायरल वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। 24 फरवरी 2026 को अपलोड हुए इस वीडियो में बताया गया, “गौर वार्ड 5, रौतहट नेपाल की एक मस्जिद के अंदर हिंदुत्ववादी भीड़ ने हमला किया और आग लगा दिया।”

नेपाल मुस्लिम नाम के वेरिफाइड फेसबुक पेज पर भी वायरल वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। 22 फरवरी 2026 को पोस्ट हुए वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, “मुस्लिम समुदाय ने गौर में एक मस्जिद में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि किसी धार्मिक स्थल के खिलाफ ऐसी हरकत निंदनीय है और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले पर प्रशासन ने कहा है कि घटना की जांच चल रही है और सभी से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई है।”

न्यूज सर्च किए जाने पर हमें यह वीडियो इंडिया न्यूज की वेबसाइट पर भी अपलोड किया हुआ मिला। 24 फरवरी 2026 की खबर में बताया गया, “गौर में मस्जिद पर हुए हमले ने इलाके के सांप्रदायिक सौहार्द को हिला कर रख दिया है, उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और आगजनी की इस घटना की चौतरफा निंदा हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के जरिए हमलावरों की पहचान कर रहे हैं, इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक सहिष्णुता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।”

अब तक की पड़ताल से यह तो साफ था कि वीडियो नेपाल का है। हालांकि, पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो के साथ किए जा रहे दावे की पड़ताल की। दावे के अनुसार, यह घटना उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुई थी। सबसे पहले हमने इस मामले का न्यूज सर्च किया, लेकिन हमें ऐसी कोई भी खबर नहीं मिली, अगर ऐसी कोई घटना हुई होती तो उसकी खबर कहीं न कहीं जरूर मौजूद होती।

पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी दैनिक जागरण में बदायूं के चीफ रिपोर्टर अंकित गुप्ता से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि बदायूं की किसी भी मस्जिद में उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और आगजनी का कोई मामला सामने नहीं आया है।

दूसरा वीडियो

इस वीडियो में कुछ उपद्रवियों को मस्जिद के अंदर तोड़फोड़ करते और जलती मशाल लिए मस्जिद के अंदर जाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह गुजरात की गोरवा नगरपालिका का है।

पड़ताल को शुरु करते हुए हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के की- फ्रेम्स को सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो नेपाल के ही हवाले से अपलोड किया हुआ मिला। 23 फरवरी 2026 की पोस्ट में बताया गया है कि यह नेपाल के गौर मस्जिद में हुई घटना से सम्बंधित वीडियो है।

हमने पाया कि पहला और दूसरा वीडियो, दोनों एक ही मस्जिद के हैं। पहले वीडियो में नजर आ रहा गेट दूसरे वीडियो में भी देखा जा सकता है। नीचे स्क्रीनशॉट देखें।

मामले से जुड़ा न्यूज सर्च किए जाने पर हमें नेपाल की कई न्यूज वेबसाइट पर ख़बरें मिलीं। ‘martandsaptahik’ की खबर में बताया गया, ”गौर नगरपालिका–6 स्थित सनगढा गांव में दो समुदायों के बीच हुई झड़प के उग्र रूप लेने के बाद तनाव हो गया । मुस्लिम समुदाय की मस्जिद में नमाज के दौरान हिंदू समुदाय द्वारा बाजा बजाए जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। यह विवाद गौर के वार्ड नंबर 4, 5 और 6 तक फैल गया, जहां झड़पें हुईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग और अश्रुगैस के गोले दागे। झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों में आगजनी की और घरों में तोड़फोड़ की। पुलिस के अनुसार कुछ लोग सामान्य रूप से घायल भी हुए हैं।”

‘annapurnapost’ की 20 फरवरी की खबर के अनुसार, ”रौतहट के गौर नगरपालिका में चल रहे एक विवाह जुलूस और मस्जिद में नमाज के दौरान हुए विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद दोनों समुदायों के बीच झड़प, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने कर्फ्यू लागू किया। झड़प में कई लोग घायल हुए और पुलिस ने मामले में जनमत पार्टी के जिला संयोजक शेख जमशेद समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर कार्रवाई की जा रही है।”

अब तक कि पड़ताल से यह तो साफ था कि वीडियो नेपाल का है। हालांकि, पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने इसके साथ किए जा रहे दावे की भी पड़ताल की। दावे के अनुसार, यह घटना गुजरात में वडोदरा के गोरवा नगरपालिका मस्जिद में हुई थी।

सबसे पहले हमने गुजरात सरकार की वेबसाइट पर मौजूद नगरपालिका की लिस्ट चेक की। सर्च में हमें गोरवा नाम की कोई भी नगरपालिका गुजरात में नहीं मिली। आगे की पड़ताल में हमें पता चला कि गोरवा गुजरात का एक एरिया है, जो वीएमसी (वडोदरा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन) के अंदर आता है।  

वायरल दावे से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी दैनिक जागरण में वडोदरा के इंचार्ज प्रशांत से संपर्क किया। उन्होंने गोरवा पुलिस थाने के इंचार्ज किरीट सिंह लाठियां के हवाले से हमें बताया कि ऐसी कोई घटना गोरवा की किसी मस्जिद में नहीं हुई है।

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर फलक अंसारी की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 42 हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि मस्जिद में तोड़फोड़ और आगजनी के ये दोनों वीडियो भारत के नहीं हैं। हमने पाया कि यह घटना नेपाल के रौतहट जिले के गौर नगरपालिका क्षेत्र की है, जहां हाल ही में दो समुदायों के बीच तनाव के बाद हिंसा भड़कने और कर्फ्यू की स्थिति बनी थी। उत्तर प्रदेश के बदायूं या गुजरात के वडोदरा स्थित गोरवा क्षेत्र की किसी भी मस्जिद में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

  • Claim Review : बदायूं और वडोदरा की मस्जिद में आगजनी और तोड़-फोड़।
  • Claimed By : इंस्टाग्राम यूजर फलक अंसारी
  • Fact Check : झूठ

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