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Fact Check: मोसाद मुख्यालय को उड़ाए जाने के दावे से वायरल वीडियो और तस्वीर AI क्रिएटेड है

ईरान के हमले में इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद के मुख्यालय के पूरी तरह से तबाह हो जाने के दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो और तस्वीरें वास्तविक नहीं, बल्कि एआई क्रिएटेड है। गौरतलब है कि 13 जून के बाद ईरान और इजरायल एक-दूसरे पर लगातार हमला कर रहे हैं।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। इजरायल ने ऑपरेशन ‘राइजिंग लॉयन’ के तहत ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर पलटवार किया। दोनों देशों के बीज जारी इस सैन्य संघर्ष के बीच भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स एक वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि ईरान ने इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के मुख्यालय को तबाह कर दिया है। वायरल वीडियो में मोसाद के नाम की बिल्डिंग को तबाह दोते हुए देखा जा सकता है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि एआई क्रिएटेड है। कई न्यूज रिपोर्ट्स में ईरान के हवाले से तेल अवीव स्थित मोसाद मुख्यालय को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, इजरायल ने इस दावे का खंडन किया है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “मोसाद को लेकर पूरी दुनियाँ में इजराइली डंका पीट रहा था कि ये मेरी intelligence एजेन्सी मोसाद बहोत ताक़तवर है

ईरान ने एक ही hypersonic मिसाइल से पूरा मोसाद हैड क्वार्टर हवा में उड़ा दिया।”

वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट।वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट।

वहीं कुछ यूजर्स एक तस्वीर को समान संदर्भ में शेयर कर रहे हैं।

https://twitter.com/FakhreA01172676/status/1935060398299918800

पड़ताल

वीडियो में ब्लास्ट के बाद की घटनाएं स्वाभाविक नहीं लग रही है, जिससे इस वीडियो के एआई क्रिएटेड होने का संदेह होता है। इसलिए हमने इस वीडियो को अलग-अलग एआई डिटेक्टर टूल की मदद से चेक किया। बफलो यूनिवर्सिटी के डीपफेक-ओ-मीटर के कई डिटेक्टर्स की एनालिसिस में इस वीडियो के एआई से क्रिएटेड होने की पुष्टि होती है।

AVSRDD (2025) डिटेक्टर्स की एनालिलिस रिपोर्ट में इस वीडियो के100 फीसदी एआई से क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि होती है।

AltFreezing (2023) की एनालिसिस इस वीडियो के 64 फीसदी, LSDA (2024) की एनालिसिस रिपोर्ट इस वीडियो के 70 फीसदी, TALL (2023) डिटेक्टर की एनालिसिस इस वीडियो के 100 फीसदी और WAV2LIP-STA (2022) डिटेक्टर इस वीडियो के 76% एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि करता है।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी एमसीए की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की टीम ने इस अन्य टूल्स की मदद से इस वीडियो का विश्लेषण किया, जिसमें इसके एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि होती है। हालांकि, वीडियो की क्वालिटी के बेहतर नहीं होने की वजह से कुछ टूल्स की एनालिसिस में इसके एआई से बने होने की संभावना निम्नतम रही।

wasitAI टूल इस मल्टीमीडिया के एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि करता है। हाइव एआई की एनालिसिस के मुताबिक, इस वीडियो को मिडजर्नी से बनाए जाने की संभावना है।

वायरल तस्वीर

इस तस्वीर में नजर आ रही इमारत पर ‘MOSAD’ लिखा हुआ है, जो गलत है। मोसाद की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी का वास्तविक नाम ‘MOSSAD’ है।

यह तस्वीर भी देखने में स्वाभाविक नहीं, बल्कि क्रिएटेड नजर आती है। इसलिए हमने इसे wasitai और बफलो यूनिवर्सिटी के डीपफेक-ओ-मीटर के कई डिटेक्टर्स (एनालिसिस रिपोर्ट) पर चेक किया।

सभी में इस तस्वीर के एआई से क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि होती है।

वायरल दावे को लेकर हमने इजरायल में मौजूद भारत के वरिष्ठ टीवी पत्रकार मधुरेंद्र कुमार से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि ईरान के हमले में मोसाद के मुख्यालय के पूरी तरह से ध्वस्त होने का दावा गलत है।

वायरल वीडियो को फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब 11 हजार लोग फॉलो करते हैं और इस प्रोफाइल से विचारधारा विशेष से प्रेरित सामग्री को शेयर किया जाता है।

गौरतलब है कि इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन‘ के तहत ईरान के परमाणु संयंत्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के कई ठिकानों पर मिसाइल से हमला किया है। दोनों देशों के बीच जारी इस संघर्ष में ईरान ने इजरायल के मोसाद मुख्यालय को ध्वस्त किए जाने का दावा किया है, जिसे इजरायल ने खारिज कर दिया है।

NDTV की न्यूज रिपोर्ट ने इजरायली सेना के हवाले से बताया है कि ईरान के मिसाइल ने बस पार्किंग को निशाना बनाया। ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ की शुरुआत 13 जून को हुई थी, जिसके बाद से दोनों देशों एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ईरान के हमले में मोसाद के मुख्यालय को हुए नुकसान की मात्रा के दावे की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि इस दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो और तस्वीर वास्तविक नहीं, बल्कि एआई क्रिएटेड है।

निष्कर्ष: ईरान के हमले में इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद के मुख्यालय के पूरी तरह से तबाह हो जाने के दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो और तस्वीरें वास्तविक नहीं, बल्कि एआई क्रिएटेड है। गौरतलब है कि 13 जून के बाद ईरान और इजरायल एक-दूसरे पर लगातार हमला कर रहे हैं।

  • Claim Review : ईरान ने मिसाइल दाग कर मोसाद के मुख्यालय को ध्वस्त किया।
  • Claimed By : FB User-Riyasat Zafar
  • Fact Check : झूठ

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