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Fact Check: सऊदी अरब में नहीं हुई है ऐसी कोई घटना, वायरल दावा झूठा है

  • By Vishvas News
  • Updated: November 5, 2020

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज़)। तमिल अखबार की एक क्लिपिंग को पोस्ट करके सोशल मीडिया पर एक दावा किया किया जा रहा है कि सऊदी अरब में छह स्कूली लड़कियों को लड़कों के साथ अपना जन्मदिन मनाने के लिए उनके सिर काटने का आदेश दिया गया है।

Vishvas News की जांच में दावा फर्जी साबित हुआ। सऊदी जर्नलिस्ट एसोसिएशन की कानूनी समिति के प्रमुख ने विश्वास न्यूज़ से बात करते हुए स्पष्ट किया कि सऊदी अरब में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

क्‍या है वायरल पोस्‍ट में

एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने 2 नवंबर को तमिल अखबार की क्लिपिंग साझा करते हुए लिखा, “Saudi Arabia orders 6 School Girls to be Beheaded for celebrating their birthday with Boys! If this is the kind of Barbaric Culture that Muslim’s want under Sharia,Let’s start imposing it on Muslims For Love Jihad Cases! @YGMadhuvanthi @HRajaBJP @MNageswarRaoIPS @SanjeevSanskrit” जिसका हिंदी अनुवाद होता है “सऊदी अरब में छह स्कूली लड़कियों को लड़कों के साथ अपना जन्मदिन मनाने के लिए सिर कलम करने का आदेश दिया गया है …”

वायरल पोस्ट का आर्काइव लिंक यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

हमने घटना के बारे में सबसे पहले इंटरनेट पर खोज की। दावे की पुष्टि के लिए हमें कोई प्रामाणिक न्यूज़ रिपोर्ट नहीं मिली।

हालांकि, हमने कुछ वेबसाइटों पर 2017 में यह खबर प्रकाशित मिली।

हमने पाया कि वायरल अख़बार की क्लिपिंग में प्रकाशित भीड़ के सामने एक महिला की तस्वीर, इन ख़बरों में इस्तेमाल की गई तस्वीर से मेल खाती है। हमने तस्वीर के स्रोत की पहचान करने के लिए गूगल रिवर्स इमेज सर्च टूल का उपयोग करके इस तस्वीर को खोजा। हमें यह तस्वीर 1 सितंबर 2015 को रॉयटर्स की वेबसाइट पर प्रकाशित एक खबर में मिली। तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा था, “एक अफ़ग़ान न्यायाधीश ने अफ़ग़ानिस्तान के घोर प्रांत में भीड़ के सामने एक महिला को कोड़े से मारने का हुक्म दिया। एक अफगान पुरुष और महिला को एडल्टरी के लिए दोषी पाया गया था तो महिला को सोमवार को भीड़ के सामने 100 कोड़े मारने की सजा मिली। फोटो 31 अगस्त, 2015 को लिया गया था।”

इससे यह पुष्टि हो जाती है कि तस्वीर वायरल पोस्ट में किये जा रहे दावे से सम्बंधित नहीं है। अब हमने दावे की जांच शुरू की। हमने दावे को सत्यापित करने के लिए सऊदी जर्नलिस्ट एसोसिएशन की कानूनी समिति के प्रमुख डॉ एस एल अलजाइद से संपर्क किया। अलजाइद ने कहा “यह बिल्कुल अविश्वसनीय है। यह फर्जी खबर है। लोग यहां बिना किसी समस्या के हर रोज जन्मदिन मना रहे हैं। ऐसी कोई घटना अतीत में भी नहीं हुई है। ”

वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले ट्विटर यूजर की सोशल स्कैनिंग से पता चला कि ट्विटर पर उनके 1,608 फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: वायरल पोस्ट फर्जी है। सऊदी अरब में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है जैसा कि दावा किया गया है।

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