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Explainer: रोमांस स्कैम में AI टूल के इस्तेमाल से कर रहे ठगी

मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही रोमांस स्कैम के पीड़ितों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। आइए, ऑनलाइन ठगी के इस खेल को समझते हैं।

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नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही ऐप यूजर्स की संख्या भी बढ़ रही है। डेटिंग ऐप की बात करें तो पिछले कुछ साल में यह क्षेत्र भी काफी फलाफूला है। इंडिया टुडे की वेबसाइट पर 19 अप्रैल 2024 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, पांच साल पहले भारत में 2 करोड़ लोग डेटिंग ऐप का इस्तेमाल करते थे, लेकिन 2023 में यह संख्या बढ़कर आठ करोड़ से ज्यादा हो गई।

इसकी लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही इसके जरिए होने वाली धोखाधड़ी भी बढ़ गई। पिछले कुछ समय में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। इसके लिए एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी प्रयोग किया जा रहा है।

मैकफी की एक स्टडी के तहत भारत सहित दुनिया भर के सात देशों में सात हजार लोगों पर सर्वे किया गया। इसमें डेटिंग ऐप पर एआई के इस्तेमाल की बात सामने आई। धोखेबाज एआई टूल्स का इस्तेमाल कर ऑनलाइन प्यार की तलाश कर रहे लोगों को धोखा देने के लिए भरोसेमंद संदेश और आकर्षक प्रोफाइल पिक बना सकते हैं। इस सर्वे में पता चला कि डेटिंग वेबसाइट या ऐप पर करीब 77 फीसदी भारतीयों का सामना फेक प्रोफाइल या एआई संभावित तस्वीरों से हुआ। जबकि 39 फीसदी भारतीयों ने कहा कि ऑनलाइन प्रेम की चाहत में उनकी बातचीत एक स्कैमर के साथ हुई। वहीं, 26 फीसदी ने कहा कि उनको बाद में पता चला कि जिससे वह बात कर रहे थे, वह वास्तव में एक AI-जनरेटेड बॉट था और कोई वास्तविक व्यक्ति नहीं था।

डेटिंग ऐप स्कैम

इंडिया टुडे की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, डेटिंग ऐप स्कैम कई तरह के होते हैं।

रोमांस स्कैम: स्कैमर्स अक्सर आकर्षक तस्वीरों के साथ नकली प्रोफाइल बनाते हैं, ताकि यूजर को सुरक्षा का झूठा भरोसा दिला सकें। संबंध बनने के बाद वे पैसे मांगना शुरू कर देते हैं, आमतौर पर आपात स्थिति या यात्रा खर्च के लिए।

लोकेशन स्कैम: कुछ धोखेबाज महंगे रेस्तरां में मिलने का प्रबंध करते हैं और फिर स्थिति का फायदा उठाकर पीड़ित से भारी भरकम बिल का भुगतान कराते हैं। कुछ मामलों में ये मुनाफे को बांटने के लिए रेस्तरां के साथ मिलकर काम करते हैं।

फर्जी निवेश: ठग यूजर्स को नकली व्यवसायों या योजनाओं में निवेश करने के लिए राजी करते हैं और उन्हें अच्छे रिटर्न का वादा करते हैं। एक बार जब पैसा ट्रांसफर हो जाता है, तो ठग गायब हो जाता है।

क्या है रोमांस स्कैम?

आप किसी डेटिंग वेबसाइट या ऐप पर किसी खास व्यक्ति से मिलते हैं। जल्द ही वे आपको प्लेटफॉर्म से बाहर ईमेल, कॉल या मैसेज करना चाहते हैं। वे कहते हैं कि यह सच्चा प्यार है, लेकिन वे बहुत दूर रहते हैं- शायद काम के लिए या क्योंकि वे सरकारी नौकरी में हैं। फिर वे पैसे मांगना शुरू कर देते हैं। शायद यह आपसे मिलने के लिए हवाई जहाज का टिकट हो। या आपातकालीन सर्जरी। या कुछ और जरूरी काम।

रोमांस स्कैमर्स डेटिंग साइट्स और ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं या इंस्टाग्राम या फेसबुक जैसी लोकप्रिय सोशल मीडिया साइट्स के जरिए आपसे संपर्क करते हैं। स्कैमर्स भरोसा बनाने के लिए आपके साथ रिश्ता बनाते हैं, कभी-कभी दिन में कई बार बात करते हैं या चैट करते हैं। फिर, वे एक कहानी बनाते हैं और पैसे मांगते हैं।

केस स्टडी

रोमांस स्कैम: इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के अनुसार, मुंबई की 43 वर्षीय आर्ट डायरेक्टर एक डेटिंग ऐप पर ‘अद्वैत’ नामक एक व्यक्ति से मिली। दोनों में दोस्ती हो गई, जिसके बाद उसको ‘अद्वैत’ पर भरोसा हो गया। अद्वैत ने दावा किया कि वह विदेश में है और 16 सितंबर को मुंबई आने वाला है। उस दिन महिला के पास एक कॉल आया और कॉलर ने खुद को दिल्ली का कस्टम अधिकारी बताया। कॉल करने वाले ने उन्हें बताया कि अद्वैत को यूरो के साथ एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया है। उसकी रिहाई के एवज में UPI से 3.37 लाख रुपये मांगे गए। उन्होंने रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जालसाज ने आगे के खर्चों के लिए अतिरिक्त 4.99 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद उनको ठगी का पता चला।

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लोकेशन स्कैम: दैनिक जागरण की खबर के अनुसार, मुंबई पुलिस की गिरफ्त में आए अंकुर मीणा ने पुलिस को बताया था कि डेटिंग ऐप में काम करने वाली लड़कियों को प्रशिक्षित किया जाता है। हर 10-15 दिन में लड़कियों का नया बैच मुंबई आता था। अंकुर मीणा को डेटिंग ऐप घोटाले का कथित मास्टरमाइंड बताया गया। अंकुर महिलाओं की फर्जी प्रोफाइल का इस्तेमाल करके लोगों को अपने जाल में फंसाता था और रुपये ऐंठता था।

फर्जी निवेश: एनडीटीवी की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, लाओस में बंधक बनाए गए 47 भारतीयों को छुड़ाया गया। उन्हें भारतीयों को ऑनलाइन ठगने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इनको वहां नौकरी का लालच देकर बुलाया गया था और उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए। उनको वहां पर महिलाओं के फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और फोटो के साथ दिखने के लिए मजबूर किया जाता है और उन्हें रोज टारगेट दिए जाते हैं। वे डेटिंग ऐप पर महिलाओं के रूप में पेश आते हैं और टारगेट के साथ चैट करते हैं। बचाए गए लोगों में से एक ने बताया कि कुछ समय बाद वे टारगेट को क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए मना लेते हैं। भारत में कई लोग इस तरह से ठगे गए।

ये सावधानी बरतें

रजिस्टर करने से पहले डेटिंग ऐप या मैट्रिमोनियल साइट की प्रामाणिकता की जांच करें और रजिस्टर करने के लिए एक नई ईमेल आईडी बनाएं।

– कुछ समय पहले मिल लोगों से कभी कोई निजी तस्वीर या बैंक अकाउंट या अन्य फाइनेंशियल जानकारी शेयर न करें।

– मैट्रिमोनियल साइट पर एनआरआई प्रोफाइल वाले संभावित दूल्हे पर विचार करते समय बहुत सावधान रहें।

– हमेशा उस व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से मिलें, जिसे आप ऑनलाइन जानते हैं और उससे पर्याप्त प्रश्न पूछें।

– अपनी बैंकिंग जानकारी, अपनी पहचान या पासपोर्ट की कॉपियां या कोई अन्य संवेदनशील जानकारी किसी को ऑनलाइन या किसी ऐसी साइट पर न दें, जो वैध न हो।

– बिना जांच के अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।

– धोखाधड़ी की आशंका पर रिश्ता खत्म कर दें और इसकी रिपोर्ट करें।

– अपने नजदीकी साइबर क्राइम सेल या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

– ऐसी धोखाधड़ी के बारे में अन्य लोगों को भी सूचित करें।

– अगर बैंकिंग से संबंधित कोई जानकारी शेयर की है, तो अपने बैंक से संपर्क करें।

एक्सपर्ट की राय

इस बारे में साइबर एक्सपर्ट एवं साइबर लॉ के चेयरमैन अनुज अग्रवाल ने कहा कि डेटिंग ऐप पर काफी सावधान रहने की जरूरत है। निवेश के लिए कहने वालों से सतर्क रहें। अक्सर ये आपका भरोसा जीतकर निवेश करने के लिए कहते हैं। किसी के साथ अपनी बैंकिंग डिटेल या निजी तस्वीरें शेयर मत करें। वह इसका दुरुपयोग कर सकता है। इस तरह का कोई स्कैम होने पर साइबर सेल या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।

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