Fact Check: पारदर्शी फूल की यह तस्वीर असल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई है
सोशल मीडिया पर वायरल पारदर्शी फूल की तस्वीर को लेकर दावा किया गया कि यह जापान के “घोस्ट फ्लावर” की तस्वीर है। हालांकि, विश्वास न्यूज की जांच में यह पता चला कि यह तस्वीर असली नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाई गई है। असली फूल डिफाइलिया ग्रेई अर्ध-पारदर्शी होता है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Jan 22, 2025 at 01:55 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में एक पारदर्शी फूल को देखा जा सकता है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह जापान के घोस्ट फ्लावर की तस्वीर है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि ये बात सही है कि डिफाइलिया ग्रेई नाम का एक फूल होता है, जो पानी के संपर्क में आते ही अर्ध-पारदर्शी हो जाता है। मगर वायरल तस्वीर असली नहीं है, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है।।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
वायरल पोस्ट को 13 जनवरी को शेयर करते हुए फेसबुक यूजर Vineeta Prasad ने लिखा, “हे भगवान, आज तक मैंने इसे ज्यादा सुंदर फूल नहीं देखे थे। उत्तरी जापान और चीन के जंगलों में आप इन फूलों को देख सकते हैं जो देखने में तो सामान्य लगते हैं लेकिन जब ये पानी के संपर्क में आते हैं तो इनकी पंखुड़ियाँ पारदर्शी हो जाती हैं। इसका नाम कंकाल फूल या कांच का फूल है, इसका वैज्ञानिक नाम डिफाइलिया ग्रेई है।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।
पड़ताल
अपनी पड़ताल शुरू करते हुए हमने सबसे पहले “कंकाल फूल” और “कांच का फूल” को कीवर्ड सर्च किया। हमें पता चला कि डिफाइलिया ग्रेई नाम का एक फूल होता है, जिसे “कंकाल फूल” या “कांच का फूल” भी कहा जाता है। ये पानी के संपर्क में आते ही अर्ध-पारदर्शी हो जाता है। हमें इस फूल की बहुत-सी तस्वीरें मिली, मगर ये वायरल तस्वीर से अलग थी। जहाँ वायरल तस्वीर में दिख रहे फूल की पंखुड़ियां बिल्कुल पारदर्शी थीं, वहीं असली फूल की पत्तियां पंखुड़ियां अर्ध-पारदर्शी दिख रहीं थीं।
हमें इसके एआई निर्मित होने का शक हुआ। हमने तस्वीरों को एक-एक कर एआई इमेज डिटेक्शन टूल हाइव मॉडरेशन से चेक करना शुरू किया।
पहली तस्वीर
एआई इमेज डिटेक्शन टूल हाइव मॉडरेशन ने इस तस्वीर के एआई निर्मित होने की संभावना 99.9 प्रतिशत बताई।

दूसरी तस्वीर
एआई इमेज डिटेक्शन टूल हाइव मॉडरेशन ने इस तस्वीर के एआई निर्मित होने की संभावना 89.2 प्रतिशत बताई।

तीसरी तस्वीर
एआई इमेज डिटेक्शन टूल हाइव मॉडरेशन ने इस तस्वीर के एआई निर्मित होने की संभावना 99.9 प्रतिशत बताई।

चौथी तस्वीर
एआई इमेज डिटेक्शन टूल हाइव मॉडरेशन ने इस तस्वीर के एआई निर्मित होने की संभावना 99.9 प्रतिशत बताई।

पांचवीं तस्वीर
एआई इमेज डिटेक्शन टूल हाइव मॉडरेशन ने इस तस्वीर के एआई निर्मित होने की संभावना 99.9 प्रतिशत बताई।

हमने इस विषय में एआई विशेषज्ञ अज़हर माचवे से भी बात की। उन्होंने भी कन्फर्म किया कि यह एआई से बनी तस्वीर है।
हमने इस मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त वनस्पति विज्ञान प्रोफेसर आर गीता से भी बात की। उन्होंने बताया डिफाइलिया ग्रेई नाम का एक फूल होता है, जो पानी के संपर्क में आते ही अर्ध-पारदर्शी हो जाता है। मगर वायरल तस्वीर में दिख रहे फूल की पंखुड़ियाँ बिल्कुल शीशे के सामान हैं। ये असली नहीं है।
तस्वीर को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Vineeta Prasad के 22000 से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर वायरल पारदर्शी फूल की तस्वीर को लेकर दावा किया गया कि यह जापान के “घोस्ट फ्लावर” की तस्वीर है। हालांकि, विश्वास न्यूज की जांच में यह पता चला कि यह तस्वीर असली नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाई गई है। असली फूल डिफाइलिया ग्रेई अर्ध-पारदर्शी होता है।
- Claim Review : यह जापान के घोस्ट फ्लावर की तस्वीर है।
- Claimed By : Facebook User Vineeta Prasad
- Fact Check : झूठ
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