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Fact Check : 26 जनवरी पर कर्नाटक की झांकी में टीपू सुल्‍तान नहीं, मंदिरों को दर्शाया गया, पुरानी तस्‍वीर वायरल

कर्नाटक की गणतंत्र दिवस की झांकी को लेकर वायरल दावा भ्रामक है। असल में वायरल तस्वीर इस साल निकाली गई झांकी की नहीं, बल्कि साल 2014 में गणतंत्र दिवस के मौके पर निकाली गई थी।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर टीपू सुल्तान की झांकी की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्त्तव्य पथ पर कर्नाटक की ओर से टीपू सुल्तान को दर्शाते हुए झांकी निकाली गई।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। असल में वायरल तस्वीर इस साल निकाली गई झांकी की नहीं, बल्कि साल 2014 को गणतंत्र दिवस के मौके पर निकाली गई झांकी की है। इस साल कर्नाटक ने झांकी में लक्कुंडी के कलात्मक मंदिरों को दर्शाया था।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘जाट मांगीलाल गोदारा’ ने 27 जनवरी 2025 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “टीपू सुल्तान से इतनी नफरत है फिर भी झांकी निकालनी पड़ रही इसलिए मैं कहता हूं….मुसलमानों अपना मयार इतना बुलंद करो के नफरत करने वाले भी गुणगान पर मजबूर हो जाएं।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट इंडिया टुडे के आधिकारिक वेबसाइट पर मिला। रिपोर्ट को 26 जनवरी 2014 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक की ओर से टीपू सुल्तान को दर्शाते हुए झांकी निकाली गई थी। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर अन्य कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें कर्नाटक की ओर से निकाली गई झांकी का वीडियो एनडीटीवी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 28 जनवरी 2014 को अपलोड किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक ने टीपू सुल्तान की झांकी निकाली थी।

जांच के दौरान हमें इस साल कर्नाटक की ओर से निकाली गई झांकी का वीडियो संसद टीवी पर मिला। वीडियो को 26 जनवरी 2025 को अपलोड किया गया है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि इस बार कर्नाटक ने गणतंत्र दिवस के मौके पर टीपू सुल्तान को नहीं, बल्कि लक्कुंडी के कलात्मक मंदिरों को दर्शाया था।

अधिक जानकारी के लिए हमने  गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम को कवर करने वाले दैनिक जागरण के रिपोर्टर उदय जगताप से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा भ्रामक है। यह तस्वीर इस साल निकाली गई झांकी की नहीं है। इस साल कर्नाटक ने लक्कुंडी मंदिरों को दिखाया था और इसकी विशेषताओं के बारे में बताया था। 

अंत में हमने फोटो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर को 15 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को राजस्थान का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि कर्नाटक की गणतंत्र दिवस की झांकी को लेकर वायरल दावा भ्रामक है। असल में वायरल तस्वीर इस साल निकाली गई झांकी की नहीं, बल्कि साल 2014 में गणतंत्र दिवस के मौके पर निकाली गई झांकी की है। इस साल कर्नाटक ने झांकी में लक्कुंडी के कलात्मक मंदिरों को दर्शाया था।

  • Claim Review : कर्नाटक की गणतंत्र दिवस की झांकी में टीपू सुल्तान को दिखााया गया।
  • Claimed By : FB User जाट मांगीलाल गोदारा
  • Fact Check : भ्रामक

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