Fact Check: घर से लड़कियों को छुड़ाने का स्क्रिप्टेड वीडियो सांप्रदायिक दावे से वायरल
घर में बंधक बनाई गई लड़कियों को बचाने का वीडियो स्क्रिप्टेड है। इसमें दो सेकंड के लिए शुरू में डिस्क्लेमर दिया गया है। हालांकि, डिस्क्लेमर की अवधि काफी कम होने और केवल एक ही बार देने की वजह से यूजर्स भ्रम में पड़कर गलत सांप्रदायिक दावा कर रहे हैं।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Mar 15, 2025 at 05:01 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सांप्रदायिक दावे के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक घर में अलमारी के अंदर तीन लड़कियों को बंधक बनाकर रखे हुए देखा जा सकता है। वीडियो में तीनों को कहते हुए सुना जा सकता है कि उनको किडनैप किया गया है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि खास समुदाय के लोग दिल्ली में जॉब कंसल्टेंसी एजेंसी चलाते हैं, जिसमें नौकरी का लालच देकर वे हिंदू लड़कियों को फंसाते हैं और अरब देशों में बेच देते हैं।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में पता चला कि वायरल वीडियो स्क्रिप्टेड है। इसमें 10-11 सेकंड के बीच डिस्क्लेमर को देखा जा सकता है, जिसमें लिखा है कि यह वीडियो मनोरंजन के मकसद से बनाया गया है। हालांकि, डिस्क्लेमर केवल दो सेकंड का है और वीडियो में केवल एक बार ही दिखता है, जिस वजह से इस वीडियो के असली होने का भ्रम होता है।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर Sharda Dubey ने 14 मार्च को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,
“दिल्ली में विदेशी जॉब कॉल सेंटर में जॉब दिलाने के नाम पर कुछ तथाकथित लोग जो खुद एक खास समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जॉब कंसल्टेंसी एजेंसी चला रहे हैं, जिसमें वे नौकरी के बहाने सिर्फ हिंदू लड़कियों और महिलाओं को बुलाते हैं और उन सभी को अरब देशों में बेच देते हैं। आजकल हिंदू समाज की लड़कियों पर पश्चिमी संस्कृति का नशा चढ़ा हुआ है, इसलिए आज दिल्ली में एक संस्कारी युवक ने दिल्ली के ही एक घर से 3 लड़कियों को उठा लिया, देखिए सबकी क्या हालत है। इस वीडियो को अपने सभी कॉन्टैक्ट नंबर और ग्रुप में भेजें और हां इसे उन सभी लड़कियों के साथ शेयर करें जो पश्चिमी संस्कृति के दीवाने ऐसे भेड़ियों के जाल में फंस रही हैं।“

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो को ध्यान से देखा। इसमें 10 सेकंड पर डिस्क्लेमर दिखता है। इसमें लिखा है, “इस वीडियो में दी गई सामग्री को केवल मनोरंजन के उद्देश्य से माना जाना चाहिए। इस वीडियो से प्रेरित होकर आप जो भी कार्रवाई करते हैं, वह आपके जोखिम पर है और हम इस वीडियो में उपलब्ध जानकारी के उपयोग के संबंध में किसी भी नुकसान और क्षति के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे। हम प्रत्येक व्यक्ति, पेशे और संगठन का सम्मान करते हैं, हम जो भी रोल प्ले करते हैं, वह केवल आपका मनोरंजन करने के लिए होता है और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं होता है।”

इसका कीफ्रेम निकालकर इसे गूगल लेंस से सर्च करने पर हमें यह वीडियो Naveen Jangra यूट्यूब चैनल पर 12 फरवरी 2023 को अपलोड मिला। इसमें भी 20-21 सेकंड के दरमियान डिस्क्लेमर को देखा जा सकता है।
इस यूट्यूब चैनल पर अन्य स्क्रिप्टेड वीडियो भी अपलोड हैं, जिसमें वायरल वीडियो में दिख रहे कलाकारों को देखा जा सकता है।
नवीन जांगरा के इंस्टाग्राम हैंडल पर यूजर को वीडियो क्रिएटर लिखा गया है।
इस बारे में हमने नवीन जांगरा से ईमेल के जरिए संपर्क किया। उन्होंने इस वीडियो को स्क्रिप्टेड बताया।
स्क्रिप्टेड वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के नौ हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: घर में बंधक बनाई गई लड़कियों को बचाने का वीडियो स्क्रिप्टेड है। इसमें दो सेकंड के लिए शुरू में डिस्क्लेमर दिया गया है। हालांकि, डिस्क्लेमर की अवधि काफी कम होने और केवल एक ही बार देने की वजह से यूजर्स भ्रम में पड़कर गलत सांप्रदायिक दावा कर रहे हैं।
- Claim Review : खास समुदाय के लोग दिल्ली में जॉब कंसल्टेंसी एजेंसी चलाते हैं, जिसमें नौकरी का लालच देकर वे हिंदू लड़कियों को फंसाते हैं और अरब देशों में बेच देते हैं।
- Claimed By : FB User- Sharda Dubey
- Fact Check : झूठ
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