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Fact Check: पटना के इमारत-ए-शरिया में नेतृत्व को लेकर विवाद के वीडियो को भ्रामक दावे से किया जा रहा शेयर

पटना के फुलवारी शरीफ में स्थित इमारत-ए-शरिया मुख्यालय में नेतृत्व को लेकर दो गुटों में जमकर टकराव हुआ, जिसके बाद पुलिस को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। इसी वीडियो को पुलिसिया कार्रवाई के भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक के संसद में पेश होने से पहले जारी सियासी घमासान के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि पटना में मुस्लिमों के बड़े संगठन इमारत शरिया पर पुलिस ने कार्रवाई की है। दावा किया जा रहा है कि वक्फ विधेयक का समर्थन नहीं करने पर पुलिस ने इमारत शरिया के खिलाफ कार्रवाई की है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। वायरल वीडियो पटना के फुलवारी शरीफ में स्थित इमारत-ए-शरिया मु्ख्यालय में नेतृत्व को लेकर हुए टकराव से संबंधित है, जहां अमीर-ए-शरियत और नाजिम के पद पर कब्जे को लेकर स्थित धक्का-मुक्की तक पहुंच गई और फिर पुलिस को इस मामले में बचाव करने के लिए आना पड़ा। इसी वीडियो को पुलिसिया कार्रवाई के भ्रामक दावे से शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘ragib_siddique’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “मुस्लिम के बड़े संगठन इमारत शरिया पर हमला, वक़्फ़ बिल का विरोध करना पड़ा महंगा ? नीतीश कुमार की पुलिस ने इमारत ने घेरा, मिल्लत पर बड़ा हमला…अब अगर नही जागे मुसलमान तो सोंच लो की म्यांमार बनते देर नही लगेगी फिर कहाँ जाके एक दूसरे की टांग खींचोगे|…अब समय है एक होने का जब हमारे आलिमे दिन ही नही रहेंगे तो फिर झाल ही बजाना पड़ेगा।”

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट।

कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो के आधार पर की-वर्ड सर्च में हमें ऐसी कई रिपोर्ट्स मिली, जिसमें इस घटना का जिक्र है। भास्कर.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, “पटना के फुलवारी शरीफ स्थित इमारत-ए-शरिया मुख्यालय में नेतृत्व को लेकर शनिवार को जमकर बवाल हुआ। अमीर ए शरियत और नाजिम के पद पर कब्जा को लेकर दो गुटों के बीच धक्का-मुक्की हो गई।”

एक अन्य स्थानीय न्यूज पोर्टल वॉयस ऑफ बिहार.इन की 30 मार्च 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, “पटना के फुलवारी शरीफ में स्थित इमारत-ए-शरिया मुख्यालय शनिवार को एक बड़े बवाल का गवाह बना। यहाँ नेतृत्व को लेकर दो गुटों में जमकर टकराव हुआ। अमीर-ए-शरियत और नाजिम के पद पर कब्जे की होड़ में धक्का-मुक्की तक बात पहुँच गई। एक तरफ मौजूदा अमीर-ए-शरियत हजरत अहमद वली फैसल रहमानी का गुट था, तो दूसरी ओर पूर्व सचिव मौलाना शिबली अलकासमी और पूर्व नाजिम मौलाना अनीसुर रहमान कासमी ने उनकी नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को बीच-बचाव के लिए भारी बल के साथ मौके पर उतरना पड़ा। “

फर्स्ट बिहार.कॉम की रिपोर्ट (आर्काइव लिंक) के मुताबिक, “पटना के फुलवारी शरीफ में स्थित इमारत-ए-शरिया मुख्यालय शनिवार को एक बड़े बवाल का गवाह बना। यहाँ नेतृत्व को लेकर दो गुटों में जमकर टकराव हुआ। अमीर-ए-शरियत और नाजिम के पद पर कब्जे की होड़ में धक्का-मुक्की तक बात पहुँच गई। एक तरफ मौजूदा अमीर-ए-शरियत हजरत अहमद वली फैसल रहमानी का गुट था, तो दूसरी ओर पूर्व सचिव मौलाना शिबली अलकासमी और पूर्व नाजिम मौलाना अनीसुर रहमान कासमी ने उनकी नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को बीच-बचाव के लिए भारी बल के साथ मौके पर उतरना पड़ा।”

हमारी पड़ताल से स्पष्ट है कि इमारत शरिया का मामला दो गुटों के बीच के टकराव के बाद पुलिस के हस्तक्षेप से जुड़ा हुआ मामला है।

वायरल वीडियो को लेकर हमने इस मामले को कवर करने वाले दैनिक जागरण के पटना के संवाददाता नकी इमाम से संपर्क किया। उन्होंने बताया, “यह दो गुटों के बीच नेतृत्व को लेकर हुई झगड़े से संबंधित मामला था।”

वायरल वीडियो को भ्रामक दावे से शेयर करने वाले यूजर को थ्रेड पर करीब 100 लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: पटना के फुलवारी शरीफ में स्थित इमारत-ए-शरिया मुख्यालय में नेतृत्व को लेकर दो गुटों में जमकर टकराव हुआ, जिसके बाद पुलिस को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। इसी वीडियो को पुलिसिया कार्रवाई के भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : मुस्लिम के बड़े संगठन इमारत शरिया की इमारत को पुलिस ने घेरा।
  • Claimed By : Thread User-ragib_siddique
  • Fact Check : भ्रामक

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