Fact Check: उज्जैन में एक साल पहले लोगों पर इजरायल के खिलाफ नारेबाजी का आरोप लगा था, वीडियो अब गलत दावे से वायरल
पिछले साल उज्जैन का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें लोगों को कथित रूप से इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए देखा गया था। उस वीडियो को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Apr 3, 2025 at 04:16 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। देश में 31 मार्च को ईद मनाई गई थी। अब ईद से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। कुछ यूजर्स एक वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि उज्जैन के उन्हेल में ईद के दिन हिंदुओं की बर्बादी के नारे लगाए गए। पोस्ट के साथ शेयर किए गए वीडियो में भीड़ को नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो में लोगों को इजरायल के खिलाफ नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि वायरल वीडियो करीब एक साल पहले का है। अप्रैल 2024 में उज्जैन का यह वीडियो वायरल हुआ था, इसमें भीड़ को कथित रूप से इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करते देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच की बात कही थी। उस वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर ‘राजेंद्र शर्मा’ ने 2 अप्रैल को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,
“उन्हेल, उज्जैन: EID पर हिंदुओं की बरबादी की दुवा करते मुसलमान। EID के दिन ये दुवा मांग रहे हैं कि – “हिंदू बर्बाद होगा, इंशाअल्ला, इंशाअल्ला
और ये सब कोई चोरी छिपे नहीं बोला जा रहा है, बल्कि मंदिर के पास सड़क पर खड़े होकर बोल रहे हैं।“

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया। Punjab Kesari – Madhya Pradesh/Chhattisgarh के फेसबुक पेज पर 12 अप्रैल 2024 को इससे संबंधित वीडियो न्यूज को देखा जा सकता है। इसमें वायरल वीडियो को भी देखा जा सकता है। इसके साथ में लिखा है, “उज्जैन में इजराइल के खिलाफ नारेबाजी का वीडियो वायरल। एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। उज्जैन के एसपी के मुताबिक, वीडियो की जांच कराई जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर 12 अप्रैल 2024 को छपी खबर के अनुसार, “उज्जैन के उन्हेल में ईद की नमाज के बाद लोगों ने एक जगह पर इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान हिन्दुस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। एसपी ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने कहा कि वह वीडियो की आवाज को दिखवा रहे हैं।”

नईदुनिया की वेबसाइट पर 13 अप्रैल 2024 को छपी खबर में लिखा है, “उन्हेल में इजराइल के खिलाफ नारे लगाए जाने का वीडियो वायरल हुआ था। इसे लेकर हिंदूवादी संगठन के लोगों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपा था। प्रथम दृष्टया वीडियो से छेड़छाड़ कर वायरल करने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस वीडियो की जांच करवा रही है। फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है।”

इससे यह तो साफ हो गया कि वीडियो में कथित रूप से लोगों को इजरायल के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा जा सकता है, लेकिन हमें ऐसी कोई मीडिया रिपेार्ट नहीं मिली, जिससे यह साबित हो सके कि उस दौरान हिंदू विरोधी नारे लगाए गए थे।
इस बारे में उज्जैन में नईदुनिया के क्राइम रिपोर्टर अमित का कहना है कि यह वीडियो एक साल पहले का है। उस दरैान रैली में इजरायल के विरुद्ध नारे लगाए जाने की शिकायत दी गई थी। हिंदुओं के खिलाफ नारे लगाए जाने का कोई मामला नहीं है। पुलिस ने मामले में जांच की बात कही थी।
वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर एक विचारधारा से प्रभावित हैं और उनके करीब 8600 फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: पिछले साल उज्जैन का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें लोगों को कथित रूप से इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए देखा गया था। उस वीडियो को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : उज्जैन के उन्हेल में ईद के दिन हिंदुओं की बर्बादी के नारे लगाए गए।
- Claimed By : FB User- राजेंद्र शर्मा
- Fact Check : झूठ
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