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Fact Check : हिंदू युवकों ने नहीं की मुस्लिम युवती के साथ मारपीट, घटना में कोई सांप्रदायिक रंग नहीं

मुस्लिम महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले युवकों के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। घटना में कई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। असल में महिला में महिला एक फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट का काम करती है। वो अपने एक हिंदू सहकर्मी के साथ काम के सिलसिले में बाइक पर जा रही थी। इसी दौरान कुछ मुस्लिम युवकों ने उसे हिंदू लड़के के साथ बाइक पर जाता देख मारपीट करना शुरू कर दिया।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Apr 15, 2025 at 05:35 PM
  • Updated: Apr 16, 2025 at 11:08 AM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक महिला के साथ बदतमीजी करते कुछ लोगों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ युवक महिला से  बदसलूकी करते और कपड़े खींचते हुए नजर आ रहे हैं। घटना को सांप्रदायिक रंग देते हुए वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मुजफ्फरनगर में कुछ हिंदू युवकों ने मुस्लिम महिला के साथ बदतमीजी की और उसका बुर्का उतार दिया। चोटी खींची और कपड़े उतारने का भी प्रयास किया। इस मामले में छह हिंदू युवकों को गिरफ्तार किया गया है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। घटना में कई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। असल में महिला में महिला एक फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट का काम करती है। वो अपने एक हिंदू सहकर्मी के साथ काम के सिलसिले में बाइक पर जा रही थी। इसी दौरान कुछ मुस्लिम युवकों ने उसे हिंदू लड़के के साथ बाइक पर जाता देख मारपीट करना शुरू कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया है।

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर मुस्तफा खान ने 15 अप्रैल 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “मुजफ्फरनगर में हिंदू युवक ने मुस्लिम लड़की का बुर्का उतार दिया….और चोटी खींची,कपड़े उतारने की भि कोशिश की। इस मामले में छे लोगो की गिरफ्तारी हुई है। लेकिन इनको लड़की को हाथ लगाने का अधिकार किसने दिया। ऐसे पिल्लो को देश निकाला दे देना चाहिए।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट अमर उजाला की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 14 अप्रैल 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “मीनाक्षी चौक के पास हिंदू युवक के साथ बाइक पर जा रही मुस्लिम युवती व युवक को रोक कर आधा दर्जन से अधिक युवकों ने पीटा। पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी। खालापार थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की। वीडियो में युवकों की पहचान कर छह आरोपी मुस्लिम युवकों  शोएब व शमी व सरताज, शादाब, उमर, अर्श को गिरफ्तार कर लिया। सीओ सिटी राजू कुमार साव का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।”

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट दैनिक जागरण के ई-पेपर पर प्रकाशित मिला। रिपोर्ट को 14  अप्रैल 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, महिला एक फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट का काम करती है। वो कलेक्शन के सिलसिले में ही अपने सहकर्मी सचिन के साथ सुजडू गई थी और वहां से लौट रही थी। इसी दौरान खालापार में दर्जी वाली गली में हिंदू युवक को मुस्लिम युवती के साथ देखकर मुस्लिम समूह के लोगों ने उन्हें वहां रोक लिया। फिर दोनों के साथ  साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की।

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है। 

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट मुजफ्फरनगर पुलिस के आधिकारिक एक अकाउंट पर मिली। पोस्ट को 13 अप्रैल 2025 को किया गया था। पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “दिनांक 12.04.25 का थानाक्षेत्र खालापार में उर्त्कष स्माल फाईनेंस बैंक के कर्मियो के साथ कुछ व्यक्तियों द्वारा दुर्व्यवहार व मारपीट की गयी थी। थाना खालापार पुलिस द्वारा तत्काल सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर 06 अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया।”

हमारी पास इस घटना से जुड़ी एफआईआर कॉपी मौजूद है। एफआईआर में मारपीट और अभद्रता से जुड़ी धरायें लगाई गई हैं। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता 115(2), 352, 191(2), 74 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

अधिक जानकारी के लिए हमने खालापार कोतवाली प्रभारी, महावीर सिंह चौहान से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा भ्रामक है। असल में महिला एक फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट के तौर पर काम करती है। महिला अपने काम के सिलसिले में ही अपनी कंपनी के एक साथी सचिन के साथ वापस लौट रही थी। इसी दौरान मुस्लिम समुदाय के एक समूह ने उनके साथ मारपीट की। इस घटना में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और वो सभी मुस्लिम है। इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।

अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर को छह हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि मुस्लिम महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले युवकों के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। घटना में कई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। असल में महिला में महिला एक फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट का काम करती है। वो अपने एक हिंदू सहकर्मी के साथ काम के सिलसिले में बाइक पर जा रही थी। इसी दौरान कुछ मुस्लिम युवकों ने उसे हिंदू लड़के के साथ बाइक पर जाता देख मारपीट करना शुरू कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया है।

  • Claim Review : हिंदू युवकों ने मुस्लिम महिला के साथ मारपीट की।
  • Claimed By : FB User Mustufa Khan
  • Fact Check : भ्रामक

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