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Fact Check: सुप्रीम कोर्ट ने नहीं किया है वक्फ (संशोधन) अधिनियम को रिजेक्ट, अगली सुनवाई तक नई नियुक्तियों पर लगी है रोक  

विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया। वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ दायर याचिकाओं पर 17 अप्रैल 2025 को हुई सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिन का समय दिया, जिसके बाद याचिकाकर्ताओं को 5 दिन में प्रत्युत्तर दाखिल करना होगा। न्यायालय ने केंद्र का जवाब आने तक वक्फ घोषित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है और बोर्ड तथा परिषदों में नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 5 मई 2025 को होगी

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद वक्फ संशोधन बिल अब कानून बन चुका है। इसके बाद, इस कानून के खिलाफ 70 से अधिक याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय में दायर की गईं। 17 अप्रैल 2025 को हुई सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिन का समय दिया। इस बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम को रद्द कर दिया है।

विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया। वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ दायर याचिकाओं पर 17 अप्रैल 2025 को हुई सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिन का समय दिया , जिसके बाद याचिकाकर्ताओं को 5 दिन में प्रत्युत्तर दाखिल करना होगा। न्यायालय ने केंद्र का जवाब आने तक वक्फ घोषित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है और बोर्ड तथा परिषदों में नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 5 मई 2025 को होगी, जहाँ मुख्य रूप से 5 प्रमुख आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।

क्‍या हो रहा है वायरल

geyas_idrisi नाम के थ्रेड्स यूजर ने 23 अप्रैल 2015 को इस पोस्ट को शेयर किया जिसके ऊपर लिखा था “आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला वक़्फ़ बिल हुआ Reject”

पड़ताल

 इस दावे की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड सर्च का सहारा लिया। हमें कहीं भी वक्फ (संशोधन) अधिनियम को रद्द किये जाने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली।

दरअसल, राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद वक्फ संशोधन कानून बन चुका है। इसके विरोध में सर्वोच्च न्यायालय में 70 से अधिक याचिकाएं दायर की गई हैं। इस मामले में 17 अप्रैल 2025 को हुई सुनवाई के संबंध में, दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, “वक्फ संशोधन कानून पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में दूसरे दिन करीब 1 घंटे सुनवाई हुई। कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिन का वक्त दिया है। सरकार के जवाब के बाद याचिकाकर्ताओं को 5 दिन में जवाब देना होगा। अगली सुनवाई 5 मई को दोपहर 2 बजे होगी।”

इसी जानकारी की पुष्टि हमें दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट में भी मिली। जिसमें बताया गया है कि अधिनियम पर अगली सुनवाई 5 मई 2025 को होगी। खबर के अनुसार, न्यायालय ने केंद्र का जवाब आने तक वक्फ घोषित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है और बोर्ड तथा परिषदों में नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है।

इसके अतिरिक्त, एस.सी. ऑब्जर्वर की रिपोर्ट में भी इस बात का उल्लेख है कि न्यायालय ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 5 मई को होगी। इस रिपोर्ट में पहले दिन की सुनवाई के मुख्य तर्कों को भी शामिल किया गया है।

इस विषय में पुष्टि के लिए हमने सुप्रीम कोर्ट के वकील समहर सिंह से बात की। उन्होंने बताया, “यह पोस्ट फर्जी है। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम को रद्द नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं की अगली सुनवाई 5.5.2025 को तय की है। हालांकि, कोर्ट ने चुनौती की योग्यता पर कोई ठोस आदेश पारित नहीं किया है। अगली सुनवाई तक वक्फ संपत्तियों और नियुक्तियों पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया है।”

फर्जी पोस्ट शेयर करने वाले थ्रेड्स यूजर geyas_idrisi को 22  यूजर फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया। वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ दायर याचिकाओं पर 17 अप्रैल 2025 को हुई सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 7 दिन का समय दिया, जिसके बाद याचिकाकर्ताओं को 5 दिन में प्रत्युत्तर दाखिल करना होगा। न्यायालय ने केंद्र का जवाब आने तक वक्फ घोषित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है और बोर्ड तथा परिषदों में नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 5 मई 2025 को होगी

  • Claim Review : सुप्रीम कोर्ट ने किया वक्फ (संशोधन) अधिनियम को रिजेक्ट
  • Claimed By : Threads user named geyas_idrisi
  • Fact Check : झूठ

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