Fact Check: पहलगाम आतंकी हमले पर बोल रहा व्यक्ति भारतीय सैनिक नहीं, पाकिस्तानी हैंडल से फैलाया गया झूठ
भारतीय सेना के यूनिफॉर्म में नजर आ रहे सैनिक के दावे से वायरल हो रहा वीडियो फेक है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि पहलगाम में हुआ हमला आतंकी हमला नहीं था, बल्कि यह 'पूर्व नियोजित' था। यह वीडियो पाकिस्तान का दुष्प्रचार है और जिस हैंडल से इसे एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किया गया था, उसे अब डिलीट किया जा चुका है। इस वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति का भारतीय सेना से कोई संबंध नहीं है।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Apr 25, 2025 at 01:41 PM
- Updated: Apr 25, 2025 at 05:02 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय सेना के यूनिफॉर्म पहने एक व्यक्ति को कथित तौर पर यह कहते हुए देखा और सुना जा सकता है कि पहलगाम में हुआ हमला, आतंकी हमला नहीं था, बल्कि यह ‘पूर्व नियोजित’ था। वायरल वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि यह जानकारी देता व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि भारतीय सेना का ‘सिपाही’ अशोक कुमार है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। वास्तव में यह वीडियो किसी भारतीय सैनिक का नहीं, बल्कि पाकिस्तान की तरफ से फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा का हिस्सा है। एक्स हैंडल @War_Analysts से इस वीडियो को शेयर किया गया था और अब इस हैंडल (https://x.com/War_Analysts) को डिलीट किया जा चुका है। सेना ने इस वीडियो को “फेक” बताते हुए कहा कि इसमें नजर आ रहे व्यक्ति का भारतीय सेना से कोई संबंध नहीं है।
इससे पहले भी सोशल मीडिया पर भारतीय सेना के अधिकारी के नाम से ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें यह दावा किया गया था कि भारतीय सेना के 25 जवानों की मौत के बाद आहत होकर कर्नल विजय आचार्य नाम के अधिकारी ने अपना इस्तीफा दे दिया था। विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इसे पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा पाया था, जिसमें सेना के रिटायर्ड अधिकारी की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए प्रॉक्सी अकाउंट से फेक दावा किया गया था।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘the_haq_words’ (अकरम पटेल) ने इस वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर किया किया है, जिसमें कहा गया है, “भारतीय सेना के सिपाही अशोक कुमार ने वह बात कही जो मीडिया नहीं कहेगा: पहलगाम वैसा नहीं है जैसा दिखाया गया है। *खुफिया तंत्र विफल रहा। सवालों को नज़रअंदाज़ किया गया। क्या जनता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है?*हमें तो पहले ही शक था यह हमला बीजेपी का काम है।”
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
हमें सर्च में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें इस बात का जिक्र हो कि वायरल वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति भारतीय सेना का अधिकारी है। आधिकारिक स्रोत और न्यूज रिपोर्ट्स इस बात की पुष्टि करती हैं कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला द रेजिस्टेंस फ्रंट ने किया था, जो आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा का प्रॉक्सी संगठन है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, “जनवरी 2023 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संगठन को आतंकी संगठन घोषित कर दिया था।” वायरल वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति जिस यूनिफॉर्म में नजर आ रहा है, वह सेना का पुराना यूनिफॉर्म है। भारतीय सेना का यूनिफॉर्म अब बदल चुका है, जिसे 2022 में आर्मी डे परेड के मौके पर लॉन्च किया गया था।
कई अन्य न्यूज रिपोर्ट्स में भी भारतीय सेना के नए यूनिफॉर्म का जिक्र है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना ने कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइन और ट्रेड मार्क्स ऑफिस में इस नए यूनिफॉर्म में आवेदन किया है और उसे उम्मीद है कि जल्द ही उसे इस यूनिफॉर्मस का आईपीआर यानी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स मिल जाएगा।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, सेना ने पुरानी वर्दी के इस्तेमाल की समय सीमा में इजाफा करते हुए इसे जून 2026 तक कर दिया है। पुरानी वर्दी का मौजूदा स्टॉक जून 2026 तक सेवा में रहेगा, जबकि पहले इसकी समयसीमा जून 2025 थी।
वायरल वीडियो में कई कट लगे हुए हैं, जो इसके एडिटेड होने की पुष्टि करता है। वीडियो में किए गए दावे को लेकर विश्वास न्यूज ने भारतीय सेना से संपर्क किया।
सेना के प्रवक्ता ने इस वीडियो के “फेक” होने की पुष्टि करते हुए बताया कि इसमें नजर आ रहा व्यक्ति भारतीय सेना से जुड़ा हुआ नहीं है।
इसके बाद हमने इस वीडियो को लेकर डिजिटल फोरेंसिक की मदद ली। सर्च में हमें कई सोशल मीडिया यूजर्स की प्रोफाइल पर इस वीडियो का स्क्रीनशॉट मिला, जिसमें इसे @War_Analysts नाम के हैंडल से शेयर किया गया था।
हालांकि, अब इस हैंडल को डिलीट किया जा चुका है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद PahalgamDramaExposed, IndianFalseFlagExposed और IndianMediaExposed जैसे कोई हैशटैग ट्रेंड्स कर रहे थे, जिसमें पाकिस्तानी यूजर्स इस हमले को ‘पूर्व नियोजित’ हमला बता रहे थे।
गौरतलब है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कुल 26 लोग मारे गए हैं। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई थी, जिसमें सिंधु जल समझौता (1960) को स्थगति किए जाने समेत अन्य कार्रवाई का जिक्र था।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने श्रीनगर में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री श्रीनगर का दौरा कर चुके हैं।
गौरतलब है भारत के मामले में पाकिस्तान की तरफ से दुष्प्रचार का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें पाकिस्तानी हैंडल से भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा को फैलाया गया है।
ऐसा ही एक मामला रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर के प्रॉक्सी हैंडल से ट्वीट का था, जिसे हमने अपनी जांच में फेक पाया था। फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।
सोशल मीडिया पर समय-समय पर वायरल होने वाला ऐसा ही एक अन्य दावा भारतीय सेना में ‘मुस्लिम रेजिमेंट’ की मौजूदगी को लेकर किया जाता है, जिसे 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई लड़ाई के बाद इसलिए भंग कर दिया गया, क्योंकि सेना में मौजूद मुस्लिम रेजिमेंट ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ने से मना कर दिया था।
फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन का आर्टिकल ‘The ‘missing’ muslim regiment: Without comprehensive rebuttal, Pakistani propaganda dupes the gullible across the board’ इस मामले को पाकिस्तान के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) का दुष्प्रचार बताता है।
सर्च में हमें इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक अन्य आर्टिकल मिला, जिससे भारत के खिलाफ पाकिस्तानी ISPR के चलाए जा रहे ‘इन्फो वॉर’ के दावे की पुष्टि होती है। वायरल वीडियो को शेयर करने वाले यूजर को इंस्टाग्राम पर करीब 25 हजार लोग फॉलो करते हैं और यह प्रोफाइल विचारधारा विशेष से प्रेरित है।
निष्कर्ष: भारतीय सेना के यूनिफॉर्म में नजर आ रहे सैनिक के दावे से वायरल हो रहा वीडियो फेक है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि पहलगाम में हुआ हमला आतंकी हमला नहीं था, बल्कि यह ‘पूर्व नियोजित’ था। यह वीडियो पाकिस्तान का दुष्प्रचार है और जिस हैंडल से इसे एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किया गया था, उसे अब डिलीट किया जा चुका है। इस वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति का भारतीय सेना से कोई संबंध नहीं है।
- Claim Review : भारतीय सेना के जवान ने कहा कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला पूर्व नियोजित था।
- Claimed By : FB User-the_haq_words
- Fact Check : झूठ
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