Fact Check: पहलगाम हमले के बाद पकड़े गए आतंकी की पिटाई के दावे से वायरल वीडियो पाकिस्तान का है
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों के एक आतंकवादी की पिटाई के दावे से वायरल हो रहा वीडियो वास्तव में पाकिस्तान का है, जिसमें पाकिस्तानी आर्मी के जवान बलूच युवक को पीट रहे हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्तानी पत्रकार और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो को जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के अत्याचार के फेक दावे के साथ शेयर किया था।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Apr 29, 2025 at 04:19 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी है और इस सिलसिले में सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तारियां भी हुई हैं। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया यूजर्स एक वीडियो को शेयर कर रहे हैं, जिसमें सेना की वर्दी में नजर आ रहे लोगों को एक व्यक्ति की बर्बरतापूर्वक पिटाई करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पकड़े गए आतंकवादी की पिटाई का वीडियो है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल हो रहा वीडियो जम्मू-कश्मीर से संबंधित नहीं है, बल्कि यह वीडियो पाकिस्तानी आर्मी के बलूचियों पर किए जा रहे अत्याचार से संबंधित है। आर्टिकल 370 को समाप्त किए जाने के बाद पाकिस्तानी पत्रकार और सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को पहले कश्मीर में भारतीय सेना के अत्याचार के फेक दावे के साथ शेयर कर चुके हैं।
क्या है वायरल?
विश्वास न्यूज के टिपलाइन नंबर +91 9599299372 पर कई यूजर्स ने इस वीडियो को समान संदर्भ में शेयर किया है।

पड़ताल
सोशल मीडिया पर यह वीडियो पहले भी वायरल हो चुका है, जिसे विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में फेक पाया था। फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
वीडियो को गौर से देखने पर पता चलता है कि जिस जवान ने अपने पैरों से मार खा रहे युवक को दबोच रखा है, उसके यूनिफॉर्म पर पाकिस्तानी झंडा लगा हुआ है।
नए कीवर्ड के साथ हमें सोशल मीडिया सर्च में पांच जुलाई 2018 को बलूच रिपब्लिकन पार्टी (बीआरपी) के मुख्य प्रवक्ता शेर मोहम्मद बुग्त के वेरिफाइड हैंडल से किया गया ट्वीट (आर्काइव लिंक) मिला, जिसमें उन्होंने यही वीडियो शेयर करते हुए बताया कि कैसे पाकिस्तानी आर्मी निर्दोष बलूच छात्रों को प्रताड़ित कर रही है।

उन्होंने अपने ट्वीट में ह्यूमन राइट वॉच, संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को टैग करते हुए 10 दिसंबर 1984 के प्रस्ताव संख्या 39/46 के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की।
इस वीडियो को लेकर हमने जम्मू-कश्मीर को लंबे समय से कवर कर रहे और फिलहाल न्यूज एजेंसी एपी में काम कर रहे वरिष्ठ पत्रकार सालिक शेख से संपर्क किया और उन्होंने हमें बताया कि युवक की पिटाई वाला “वायरल वीडियो कश्मीर से संबंधित नहीं है।”
विश्वास न्यूज वायरल वीडियो के लोकेशन और तारीख की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन हम इस बात की पुष्टि करते हुए कि यह वीडियो पहलगाम में हुआ आतंकी हमले के बाद की कार्रवाई से संबंधित नहीं है।
गौरतलब है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कुल 26 लोग मारे गए हैं। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई थी, जिसमें सिंधु जल समझौता (1960) को स्थगित किए जाने का फैसला लिया गया।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने श्रीनगर में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री श्रीनगर का दौरा कर चुके हैं।
पहलगाम हमले से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों के एक आतंकवादी की पिटाई के दावे से वायरल हो रहा वीडियो वास्तव में पाकिस्तान का है, जिसमें पाकिस्तानी आर्मी के जवान बलूच युवक को पीट रहे हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्तानी पत्रकार और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो को जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के अत्याचार के फेक दावे के साथ शेयर किया था।
- Claim Review : पहलगाम आतंकी हमले के बाद पकड़े गए आतंकी के टॉर्चर का वीडियो।
- Claimed By : Tipline User
- Fact Check : झूठ
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