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Fact check: भारतीय रेलवे नहीं दे रहा तीन महीने का फ्री रिचार्ज, वायरल लिंक फर्जी

भारतीय रेल के नाम पर फ्री रिचार्ज को लेकर किया जा रहा वायरल दावा गलत है। भारतीय रेल की तरफ से ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है। असल में फर्जी लिंक को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना नुकसानदेह हो सकता है। ऐसा करने से हैकर्स आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं या आपके निजी डेटा की चोरी कर सकते हैं।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: May 22, 2025 at 03:34 PM
  • Updated: May 23, 2025 at 02:31 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेल सभी को तीन महीने का फ्री रिचार्ज दे रहा है। पोस्ट में बताया जा रहा है कि वीडियो को सात लोगों के साथ शेयर करने के बाद बायो में दिए गए लिंक पर क्लिक कर फ्री रिचार्ज किया जा सकता है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। भारतीय रेल की तरफ से ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है। असल में फर्जी लिंक को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना नुकसानदेह हो सकता है। ऐसा करने से हैकर्स आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं या आपके निजी डेटा की चोरी कर सकते हैं।

क्या हो रहा है वायरल ?

इंस्टाग्राम यूजर ‘free_bike_free’ ने 21 मई 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “रेलवे विभाग की सूचना Free Recharge जल्दी करो।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित की-वर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई जानकारी या विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। 

हमने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए रेलवे के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट को भी खंगाला। लेकिन, हमें दावे से जुड़ी कोई जानकारी वहां पर भी नहीं मिली। 

हमारे सिस्टम में सेफ्टी टूल्स मौजूद हैं, उनकी मदद से हमने वीडियो में बताए गए लिंंक पर क्लिक किया। हमारे सामने zsiot.org नाम की एक वेबसाइट खुलकर सामने आ गई। इस पेज पर हीरो स्प्लेंडर बाइक के बारे में बताया गया है। वेबसाइट को खंगालने पर हमने पाया कि यह भारत सरकार की वेबसाइट नहीं है। जैसा वीडियो में बताया गया है हमने वैसा ही किया। हमने पेज के नीचे जाकर रिचार्ज पर क्लिक किया। हमें वेबसाइट पर मौजूद एक अन्य पेज पर रीडायरेक्ट कर दिया गया। इस पेज की शुरुआत में लिखा हुआ था कि फ्री रिचार्ज एप को डाउनलोड करें। हमने इस पर क्लिक किया। इसके बाद, हमें एक गेमिंग वेबसाइट पर रीडायरेक्ट कर दिया गया।

हमारी अब तक की पड़ताल से यह साबित होता है कि फ्री रिचार्ज के नाम से वायरल वेबसाइट का लिंक फर्जी है और इसे गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

कई वीडियो को एडिट कर इस वायरल वीडियो को बनाया गया है। ऐसे में हमने उनके बारे में सच्चाई जानने के लिए इनविड टूल का इस्तेमाल किया। हमने टूल की मदद से वीडियो के कई की-फ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें पहला वीडियो, जिसमें लोग रेलवे ट्रैक को पार कर रहे हैं, उसका लंबा वर्जन Kisan Shorts यू-ट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 30 सितंबर 2022 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो रेलवे ट्रैक को खतरनाक तरीके से पार करते हुए लोगों का है।

https://www.youtube.com/watch?v=NhkKygu1V6Q&list=PLWjzRAVkRjM9IM5CTpM6MBs9854xmxt7J&index=3

वीडियो में नजर आ रही एंकर के बारे में जानने के लिए हमने उस फ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें एंकर का एक वीडियो OTV News English के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 9 जुलाई 2023 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, यह OTV News की एआई एंकर है।

वीडियो के हमें डीपफेक होने की भी संभावना नजर आई। ऐसे में हमने हाइव मोडरेशन टूल की मदद से वीडियो को चेक किया। टूल ने वीडियो के कई हिस्सों के  88 फीसदी तक एआई की मदद से बने होने की संभावना जताई। वहीं, ऑडियो के 99 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना जताई।

हमने अधिक जानकारी के लिए साइबर एक्सपर्ट एवं सेंटर फॉर रिसर्च ऑन साइबर क्राइम एंड साइबर लॉ के चेयरमैन अनुज अग्रवाल से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया, “किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना कई तरह से खतरनाक हो सकता है। हैकर्स या तो यूजर को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है या फिर वो उसकी निजी जानकारी को चोरी कर गलत तरीके से उसका इस्तेमाल कर सकता है। ऐसे में सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है। हैकर्स यूजर्स को फ्री की चीजों का लालच देकर ही फंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यूजर को तुरंत जल्दबाजी में लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए, बल्कि, ऐसे समय में आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया पर जाकर ऑफर की पुष्टि करनी चाहिए।”

पड़ताल के आखिर में हमने गलत पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर इसी तरह की फर्जी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर के 2 लाख 82 हजार (282K) फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि भारतीय रेल के नाम पर फ्री रिचार्ज को लेकर किया जा रहा वायरल दावा गलत है। भारतीय रेल की तरफ से ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है। असल में फर्जी लिंक को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना नुकसानदेह हो सकता है। ऐसा करने से हैकर्स आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं या आपके निजी डेटा की चोरी कर सकते हैं।

  • Claim Review : रेलवे दे रहा है तीन महीने का फ्री रिचार्ज।
  • Claimed By : Inst user free_bike_free
  • Fact Check : झूठ

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