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Fact Check : उर्फी जावेद की गिरफ्तारी के दावे के साथ वायरल हुआ पुराना और प्रमोशनल वीडियो

उर्फी जावेद की गिरफ्तारी का दावा गलत है। असल में उर्फी जावेद का वायरल वीडियो करीब दो साल पुराना है और स्क्रिप्टेड है। ड्रेस की एक कंपनी के लिए उर्फी जावेद ने यह प्रमोशनल वीडियो बनाया था। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने इसकी आलोचना की थी और पुलिस की वर्दी का गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर मामला दर्ज किया था।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर उर्फी जावेद का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस की तरह यूनिफॉर्म पहने हुए कुछ लोगों को उर्फी जावेद को अपने साथ ले जाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अपने अजीबोगरीब फैशन के लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में उर्फी जावेद का वायरल वीडियो करीब दो साल पुराना है और स्क्रिप्टेड है। ड्रेस की एक कंपनी के लिए उर्फी जावेद ने यह प्रमोशनल वीडियो बनाया था। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने इसकी आलोचना की थी और पुलिस की वर्दी का गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर मामला दर्ज किया था।

क्या हो रहा है वायरल ?

इंस्टाग्राम यूजर facts_premi_390 ने 24 मई 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “Police ने Urfi Javed की…निकाली सारी अकड़”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो से जुड़ी एक रिपोर्ट दैनिक जागरण की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 5 नवंबर 2023 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, उर्फी जावेद गिरफ्तार असली नहीं, बल्कि नकली थी और स्क्रिप्टेड थी। ये वीडियो एक पब्लिसिटी स्टंट था।

जनसत्ता की वेबसाइट पर 4 नवंबर 2023 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, यह एक प्रमोशनल वीडियो था। उर्फी ने एक ड्रेस की एक कंपनी के लिए ये प्रमोशनल वीडियो शूट किया था। हालांकि, इस वीडियो के बाद मुंबई पुलिस ने प्रतिक्रिया देते हुए इस स्टंट की आलोचना की थी। पुलिस की वर्दी का गलत तरीके से इस्तेमाल करने के लिए मुंबई पुलिस ने उर्फी जावेद के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

हमें पड़ताल के दौरान मुंबई पुलिस की ओर से की गई पोस्ट भी मिली। मुंबई पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा था, “चीप पब्लिसिटी स्टंट के लिए कोई देश के कानून का उल्लंघन नहीं कर सकता! मुंबई पुलिस द्वारा कथित तौर पर अश्लीलता के मामले में एक महिला को गिरफ्तार किए जाने का वायरल वीडियो सच नहीं है – यह वर्दी का दुरुपयोग है। फर्जी वीडियो में शामिल लोगों के खिलाफ ओशिवारा थाने में धारा 171, 419, 500, 34 आईपीसी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है, नकली इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है और वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।”

अधिक जानकारी के लिए हमने मुंबई में एंटरटेनमेंट को कवर करने वालीं दैनिक जागरण की वरिष्ठ पत्रकार स्मिता श्रीवास्तव से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि उर्फी का वायरल वीडियो पुराना है। यह वीडियो असली नहीं, बल्कि प्रमोशनल था।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया यूजर इसी तरह के फर्जी दावों को शेयर करता है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि उर्फी जावेद की गिरफ्तारी का दावा गलत है। असल में उर्फी जावेद का वायरल वीडियो करीब दो साल पुराना है और स्क्रिप्टेड है। ड्रेस की एक कंपनी के लिए उर्फी जावेद ने यह प्रमोशनल वीडियो बनाया था। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने इसकी आलोचना की थी और पुलिस की वर्दी का गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर मामला दर्ज किया था।

  • Claim Review : उर्फी जावेद हुई गिरफ्तार।
  • Claimed By : Inst user facts_premi_390
  • Fact Check : झूठ

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