Fact Check: टीजीटी परीक्षा को लेकर वायरल यह नोटिस फर्जी, सरकार ने किया खंडन
टीजीटी परीक्षा के नाम से वायरल कथित नोटिस फेक है। इस नोटिस के खिलाफ विभाग की ओर से शिकायत भी दर्ज की गई है। हालांकि, परीक्षाएं कब होगी सरकार की ओर से इसे लेकर कोई जानकारी नहीं जारी की गई है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Jul 23, 2025 at 03:31 PM
- Updated: Jul 23, 2025 at 05:27 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश की टीजीटी परीक्षा के स्थगित किये जाने के नाम से एक कथित नोटिस तेजी से वायरल हो रहा है। नोटिस में कहा जा रहा है कि आयोग की अध्यक्ष महोदया के सुपौत्र का मुंडन होने की वजह से परीक्षा को रद्द किया जा रहा है। मुंडन संपन्न होने के बाद परीक्षा की अगली तारीख निर्धारित की जायेगी।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल नोटिस फेक है। इस नोटिस के खिलाफ विभाग की ओर से शिकायत भी दर्ज की गई है। हालांकि, परीक्षाएं कब होगी सरकार की ओर से इसे लेकर कोई जानकारी नहीं जारी की गई है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘बिपिन यादव’ ने 23 जुलाई 2025 को वायरल नोटिस को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “यूपी: प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) की 21 और 22 जुलाई को होने वाली लिखित परीक्षा स्थगित*कारण जानकर आप भी रह जाएंगे दंग!!* SM पर वायरल शासनादेश के मुताबिक आयोग की अध्यक्ष के पौत्र के मुंडन की वजह से परीक्षा रद्द की गई है। अगली तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट अमर उजाला की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 22 जुलाई 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने एक नोटिस जारी कर बताया है कि टीजीटी परीक्षा को लेकर वायरल लेटर फर्जी है। रिपोर्ट में आयोग की तरफ से जारी नोटिस भी मौजूद है।
अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पर पढ़ सकते हैं।

पत्रिका डॉट कॉम की वेबसाइट पर 18 जुलाई 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “आयोग की ओर से TGT परीक्षा की तारीख 21 और 22 जुलाई 2025 घोषित की गई थी। लेकिन परीक्षा को लेकर कोई सूचना ना जारी करने पर प्रतियोगियों ने प्रदर्शन किया। फिर परीक्षा नियंत्रक देवेंद्र प्रताप सिंह ने मौखिक रूप से यह जानकारी दी थी कि परीक्षा 30 और 31 जुलाई को कराई जाएगी। इसके बावजूद अभी तक आयोग की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।”

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पर पढ़ सकते हैं।
हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट दैनिक जागरण के ई-पेपर में 22 जुलाई को प्रकाशित मिली।

अधिक जानकारी के लिए हमने प्रयागराज में शिक्षा से जुड़ी खबरों को कवर करने वाले रिपोर्ट अवधेश पांडे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल नोटिस फर्जी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अधिकारियों ने कमिश्नर को लेटर लिखकर शिकायत भी दर्ज की है और इस तरह की फर्जी पोस्ट को वायरल करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात की है। उन्होंने शिकायत की कॉपी और सरकार की ओर से जारी नोटिस हमारे साथ शेयर किया।

अंत में हमने गलत दावे को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को पांच हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि टीजीटी परीक्षा के नाम से वायरल नोटिस फेक है। इस नोटिस के खिलाफ विभाग की ओर से शिकायत भी दर्ज की गई है। हालांकि, परीक्षाएं कब होगी सरकार की ओर से इसे लेकर कोई जानकारी नहीं जारी की गई है।
- Claim Review : यूपी सरकार ने नोटिस जारी कर टीजीटी परीक्षा को रद्द करने का कारण बताया।
- Claimed By : FB User बिपिन यादव
- Fact Check : झूठ
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