Fact Check: अजमेर में क्षतिग्रस्त मंदिर को गिराए जाने का वीडियो गलत दावे से वायरल
अजमेर में भारी बारिश के कारण मलूसर रोड स्थित मंदिर का एक हिस्सा गिर गया था। इसके बाद किसी हादसे की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों की सहमति से प्रशासन ने मंदिर का ढहा दिया था। उस मामले के वीडियो को गलत सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया गया है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Aug 29, 2025 at 03:57 PM
- Updated: Aug 29, 2025 at 04:40 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। राजस्थान के अजमेर से जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर भड़काऊ और सांप्रदायिक दावे से वायरल हो रहा है। वीडियो में जेसीबी से एक मंदिर को गिराते हुए दिखाया गया है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि अजमेर में मंदिर को मस्जिद के रास्ते में आने की वजह से तोड़ दिया गया है।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि बारिश की वजह से मंदिर का एक हिस्सा गिर गया था। किसी हादसे से बचने के लिए सबकी सहमति के बाद मंदिर को ढहाया गया था। उसी जगह पर नए मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इस मामले के वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया गया है।
वायरल पोस्ट
इंस्टाग्राम यूजर bjeshruchi ने 26 अगस्त को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर लिखा है, “आजमेर मस्जिद के आड़े आया मंदिर तोड़ दिया“

पड़ताल
वायरल वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च करने पर हमें न्यूज 18, राजस्थान के यूट्यूब चैनल पर 26 जुलाई 2025 को अपलोड वीडियो न्यूज मिली। इसके अनुसार, अजमेर में 50 साल पुराने एक मंदिर का हिस्सा भारी बारिश के कारण गिर गया था, जिसके बाद हादसे का डर बना हुआ था। प्रशासन ने इसको देखते हुए आपसी सहमति से पूरे मंदिर को ढहा दिया। मंदिर को ढहाने से पहले सभी मूर्तियां वहां से हटा ली गई थीं। पुराने मंदिर की जगह जल्द नया मंदिर बनाया जाएगा। वीडियो न्यूज में बारिश के कारण मंदिर का एक हिस्सा ढहने की फुटेज और वायरल वीडियो क्लिप को भी देखा जा सकता है।
राजस्थान के स्थानीय यूट्यूब चैनल MTTV INDIA पर भी इस खबर को देखा जा सकता है। इसमें वहां के स्थानीय निवासी का बयान भी है। इसके अनुसार, बारिश के कारण अजमेर के मलूसर रोड स्थित शिव मंदिर का पिछला हिस्सा गिर गया था। इसके बाद हादसे की आंशका को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर से मूर्तियों को निकलवाकर बाकी हिस्से को ढहा दिया। इस वीडियो न्यूज को भी 26 जुलाई को अपलोड किया गया है। इसमें भी वायरल वीडियो क्लिप को देखा जा सकता है।
दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर 26 जुलाई को छपी खबर के अनुसार, अजमेर में तेज हवाओं के साथ शहर के कुछ इलाकों में बारिश हुई। बारिश के कारण मलूसर रोड स्थित केके कॉलोनी में कृष्ण कन्हैया मंदिर का पिछला हिस्सा बावड़ी में गिर गया। इसके बाद प्रशासन ने स्थानीय लोगों से चर्चा कर मंदिर भवन को गिरा दिया।

राजस्थान पत्रिका के फेसबुक पेज पर 26 जुलाई को इससे संबंधित वीडियो न्यूज को अपलोड किया गया है।

इस बारे में हमने अजमेर के स्थानीय पत्रकार मनीष सिंह से संपर्क किया। उनका कहना है कि मंदिर का पिछला हिस्सा बारिश के कारण गिर गया था। हादसे की आंशका को देखते हुए प्रशासन ने बाकी हिस्से को गिरा दिया था। अजमेर दरगाह और मलूसर रोड का रूट अलग है। उसकी वजह से मंदिर गिराए जाने का दावा गलत है।
अजमेर में मंदिर गिराने के वीडियो को गलत दावे से शेयर करने वाले यूजर एक विचारधारा से प्रभावित हैं और इस तरह की अन्य भड़काऊ और सांप्रदायिक पोस्ट शेयर की हैं।
निष्कर्ष: अजमेर में भारी बारिश के कारण मलूसर रोड स्थित मंदिर का एक हिस्सा गिर गया था। इसके बाद किसी हादसे की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों की सहमति से प्रशासन ने मंदिर का ढहा दिया था। उस मामले के वीडियो को गलत सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया गया है।
- Claim Review : अजमेर में मंदिर को मस्जिद के रास्ते में आने की वजह से तोड़ दिया गया है।
- Claimed By : Insta User- bjeshruchi
- Fact Check : झूठ
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