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Fact Check : पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजे गए राशन का बताकर शेयर किया जा रहा वीडियो मराठा आंदोलन का है

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए भेजे गए राशन का नहीं है। असल में वीडियो मुंबई में हुए मराठा आरक्षण आंदोलन का है, जब आंदोलन खत्म होने के बाद लोग रोटी और सारा सामान छोड़ के चले गए थे। उसी वीडियो को अब पंजाब का बताकर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है। वीडियो का पंजाब से कोई संबंध नहीं है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इससे जानमाल को बहुत नुकसान हुआ है। पंजाब में राहत एवं बचाव का कार्य चल रहा है। कई राज्यों से लोग राशन और अन्य राहत सामग्री भेज रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें जमीन पर बहुत सारी रोटियां और अन्य समान बिखरा हुआ पड़ा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पंजाब का है। जहां राशन अब ऐसे पड़ा हुआ है।

विश्वास न्यूज ने वीडियो की जांच की तो पता चला कि यह वीडियो पंजाब का नहीं है। असल में यह वीडियो मुंबई में हुए मराठा आरक्षण आंदोलन के बाद का है। आंदोलन खत्म होने के बाद सारे लोग सब ऐसे ही  छोडकर चले गये थे। उसी वीडियो को अब कुछ लोग पंजाब की हालिया स्थिति से जोड़कर शेयर कर रहे हैं।

वायरल पोस्ट

फेसबुक यूजर linesatyam ने 9 सितंबर 2025 को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर लिखा है, “पंजाब में अब राशन की कोई जरूरत नहीं है।”

वीडियो पर लिखा हुआ है: पंजाब में भेजे गए राशन की हालत।

इंस्टाग्राम यूजर rohtak__te ने इस वीडियो को शेयर कर दावा किया है की यह वीडियो हरियाणा की तरफ से पंजाब में भेजे राशन का है।

पड़ताल

वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने इसका कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। mumbaiculture.in नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो अपलोड मिला। 4 सितंबर 2025 को इस वीडियो को पोस्ट किया गया है। कैप्शन के अनुसार, “बीएमसी ने 29 अगस्त से 2 सितंबर के बीच मराठा मोर्चा के दौरान सीएसएमटी, आजाद मैदान और आसपास के इलाकों से 125 मीट्रिक टन से अधिक कचरा साफ किया।”

हमें MUMB.AI नाम के एक्स हैंडल पर वीडियो से मिलता-जुलता वीडियो मिला। 5 सितंबर 2025 को वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया,”वीडियो मुंबई में हुए मराठा प्रोटेस्ट का है। प्रोटेस्ट के बाद 125 टन से अधिक कचरा साफ किया गया था।”

https://twitter.com/Mumb_Ai/status/1963899719932899589

वायरल वीडियो से मिलती-जुलती तस्वीरें loksatta live के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिली। 2 सितंबर 2025 को की गई पोस्ट में बताया गया,”मनोज जारंगे पाटिल 29 अगस्त से मुंबई के आज़ाद मैदान में मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे थे। उनके साथ मुंबई से हज़ारों मराठा आंदोलनकारी भी शामिल हुए थे। इन प्रदर्शनकारियों के खाने-पीने की व्यवस्था के लिए राज्य भर के गाँवों से मदद पहुँचाई गई थी। नवी मुंबई सिडको बिल्डिंग के बाहर चपाती और अन्य सामान की तस्वीर देखी जा सकती है।”

वायरल वीडियो से जुड़ी अन्य पोस्ट यहां देखें।

जांच में आगे हमने वायरल वीडियो में नजर आ रहे शख्स के वीडियो को सर्च किया। पता चला कि यह वीडियो सिंगर और सोशल वर्कर हरप्रीत मान का है। हरप्रीत मान @khalsa_help_foundation के फाउंडर हैं। हरप्रीत के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो 7 सितंबर 2025 को अपलोड किया गया है। वीडियो में उन्हें यह बोलते हुए सुना जा सकता है,”यहां राशन की जरूरत नहीं है। यहां राशन बहुत आ गया है। जिसने जो भी कलेक्शन की हुई है वो रोक दें। दस से पंद्रह दिन में बता दिया जायेगा कि किस चीज़ की जरूरत है। राशन की ट्रॉलियां बहुत आ रही है। आपसे रिक्वेस्ट है अभी राशन ना भेजें। अगर किसी को करनी है, मेडिसिन की सेवा करे। वीडियो को शेयर कर दें, ज्यादा से ज्यादा।”

वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए हमने मराठी जागरण के डिप्टी एडिटर विनोद राठौड़ से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया,”यह वीडियो मुंबई का है, जब मराठा आरक्षण पर आंदोलन खत्म होने के बाद सारे लोग खाना-पानी यहीं छोडकर चले गये थे। उसके बाद बीएमसी वर्कर्स ने छोड़े गये समान को जमा किया।”

अंत में हमने वीडियो को शेयर करने वाले यूजर को स्कैन किया। पता चला कि यूजर को 4,247 लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए भेजे गए राशन का नहीं है। असल में वीडियो मुंबई में हुए मराठा आरक्षण आंदोलन का है, जब आंदोलन खत्म होने के बाद लोग रोटी और सारा सामान छोड़ के चले गए थे। उसी वीडियो को अब पंजाब का बताकर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है। वीडियो का पंजाब से कोई संबंध नहीं है।

  • Claim Review : पंजाब में भेजे गए राशन का वीडियो।
  • Claimed By : फेसबुक यूजर -linesatyam
  • Fact Check : झूठ

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