Fact Check: बंदर के हनुमान जी का चित्र बनाने का यह वीडियो एआई निर्मित
बंदर के हनुमान का चित्र बनाने का वायरल वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एआई निर्मित है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Oct 11, 2025 at 03:44 PM
- Updated: Mar 26, 2026 at 12:28 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक बंदर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बंदर को भगवान हनुमान का चित्र बनाते हुए देखा जा सकता है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एक गांव में ये अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां पर बंदर ने चारकोल से भगवान का चित्र बनाया। चित्र देखकर वहां मौजूद स्थानीय लोग दंग रह गए।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एआई निर्मित है। बंदर के वीडियो को असल में एआई की मदद से बनाया गया है, जिसे अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Sita Ram Nayak’ ने 11 अक्टूबर 2025 को वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “बंदर ने हनुमान का चित्र बनाया! भारत के एक गाँव में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक शरारती बंदर ने कोयले का एक टुकड़ा उठाया और मंदिर की दीवार पर चित्र बनाना शुरू कर दिया। सभी को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि धीरे-धीरे उस चित्र ने भगवान हनुमान का रूप ले लिया। स्थानीय लोग दंग रह गए जब जानवर लगातार आगे बढ़ता रहा, उसके प्रहार अद्भुत रूप से सटीक थे, और एक ऐसी छवि छोड़ गए जिसे भक्तगण दिव्य संकेत कह रहे हैं। वीडियो में कैद यह दुर्लभ क्षण वायरल हो गया।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। फिर हमने वीडियो को गौर से देखा। हमने पाया कि वीडियो में मौजूद लोगों के चेहरों की बनावट काफी अजीब है। ऐसे ऐसे में हमें वीडियो के एआई की मदद से बने होने का संदेह हुआ।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें एआई टूल्स की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो multiverse matrix नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। वीडियो को 9 अक्टूबर 2025 को शेयर किया गया था। अकाउंट को खंगालने पर हमने पाया कि इस पर एआई से बने वीडियो को शेयर किया जाता है। अकाउंट पर और भी इसी तरह के वीडियो मौजूद हैं। साथ ही वीडियो के कैप्शन में उन टूल के बारे में भी बताया गया है, जिनकी मदद से इन्हें बनाया गया है।


पड़ताल के दौरान हमने वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल की मदद से भी सर्च किया। हमने hive moderation टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने भी वीडियो को डीपफेक बताया। टूल ने 84 फीसदी तक वीडियो के डीपफेक होने की संभावना जताई।

हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को एआई और नॉट टूल की मदद से सर्च किया। इस टूल ने भी कीफ्रेम्स के एआई होने की संभावना जताई।
हमने वीडियो को लेकर एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे के साथ संपर्क किया। उनका कहना है कि वीडियो को गौर से देखने पर पता चलता है कि इसे एआई की मदद से बनाया गया है, क्योंकि वीडियो में जो लोग नजर आ रहे हैं उनके चेहरे और शरीर की बनावट काफी अजीब है और ठीक से बनी नहीं है। ऐसा तब होता है, जब वीडियो को एआई टूल से बनाया जाता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को तीन हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि बंदर के हनुमान का चित्र बनाने का वायरल वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एआई निर्मित है। बंदर के वीडियो को असल में एआई की मदद से बनाया गया है, जिसे अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
- Claim Review : बंदर ने बनाई भगवान हनुमान की तस्वीर।
- Claimed By : FB User Sita Ram Nayak
- Fact Check : झूठ
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