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Fact Check : पीएम मोदी के तीन साल पुराने भाषण के एक अंश के साथ की गई छेड़छाड़, पांच हजार मिलने वाली बात गलत

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। पता चला कि पीएम मोदी के भाषण के एक हिस्‍से का दुरुपयोग करते हुए वायरल वीडियो को तैयार किया गया है।

  • By: Ashish Maharishi
  • Published: Nov 14, 2025 at 04:46 PM
  • Updated: Nov 14, 2025 at 05:11 PM

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया के विभिन्‍न प्‍लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के एक छोटे-से हिस्‍से को एडिट करके वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो में पीएम मोदी की क्लिप के साथ एक एंकर को यह बोलते हुए दिखाया गया है कि राशन कार्ड वालों को पांच हजार रुपये हर महीने मिलेंगे। साथ में एक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरने के लिए भी कहा गया।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। पता चला कि पीएम मोदी के भाषण के एक हिस्‍से का दुरुपयोग करते हुए वायरल वीडियो को तैयार किया गया है। राशन कार्ड को पांच हजार रुपये जैसी कोई योजना सरकार की ओर से नहीं चलाई जा रही है। हमारी जांच में वायरल पोस्‍ट फेक साबित हुई।

क्‍या हो रहा है वायरल

Singh Sahab नाम के एक फेसबुक यूजर ने 10 नवंबर को एक वीडियो पोस्‍ट किया। इसमें दावा किया गया कि राशन कार्ड वालों को हर महीने में पांच हजार रूपए मिलेगा।

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो में इस्‍तेमाल की गई पीएम मोदी की क्लिप की जांच की। इसके लिए हमने इस क्लिप के कई कीफ्रेम्‍स निकाले । फिर इन्‍हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। हमें भाजपा के यूट्यूब चैनल पर पीएम मोदी के भाषण का पूरा वीडियो मिला। 31 मई 2022 का यह वीडियो हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का साबित हुआ। पीएम मोदी शिमला में गरीब कल्‍याण सम्‍मेलन में जनता को संबोधित कर रहे थे।

वीडियो में पीएम मोदी को 1:05:09 टाइम लाइन पर डायरेक्‍ट बेनिफिट स्‍क्रीम के बारे में बोलते हुए देखा जा सकता है। पीएम मोदी इसमें कहते हैं कि 10 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधे 21 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर हो गए। यह हमारे छोटे किसानों की सेवा के लिए है। पीएम मोदी ने पूरे भाषण में कहीं भी राशन कार्ड वालों को पांच हजार रुपये देने की बात नहीं कही।

पड़ताल के दूसरे चरण में हमने एंकर वाले हिस्‍से की जांच की। इसके कई कीफ्रेम्‍स निकालकर हमने Hive Moderation एआई टूल से चेक किया । इसके रिजल्‍ट से पता चला कि यह 99% एआई निर्मित हो सकता है।

अब हमें यह जानना था कि क्‍या वास्‍तव में ऐसी कोई सरकारी योजना है, जैसा कि दावा किया गया। इसके लिए हमने सरकारी स्कीम्स पर भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट myscheme.gov.in पर जाकर इस बारे में सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल के अगले चरण में साइबर एक्‍सपर्ट चातक वाजपेयी से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि इस तरह की वायरल पोस्‍ट के जरिए लोगों के मोबाइल नंबर, जन्‍मतिथि, राशन कार्ड और आधार कार्ड जैसी निजी जानकारी ली जाती है। इसके बाद लालच देकर लोगों को ठगा जाता है। इसलिए यदि किसी भी प्रकार के फाइनेंशियल फ्रॉड से बचना है तो इस तरह के वीडियो पर बिल्कुल भी भरोसा न करें।

पड़ताल के अंत में हमने फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की। पता चला कि यूजर राजस्‍थान के कोटा का रहने वाला है। यूजर की प्रोफाइल पर एआई निर्मित कई फर्जी वीडियो मिले।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की जांच में पता चला कि पीएम मोदी के भाषण के एक हिस्‍से का दुरुपयोग करके वायरल वीडियो तैयार किया गया है। सरकार की ओर से राशन कार्ड वालों को पांच हजार रुपये देने जैसी कोई सरकारी योजना अस्तित्व में नहीं है।

  • Claim Review : राशन कार्ड वालों को मिलेगा पांच हजार रूपए
  • Claimed By : FB User Singh Sahab
  • Fact Check : झूठ

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