Fact Check: 6 साल पुराने हनी ट्रैप से जुड़ी खबर को अब शेयर करके फैलाया जा रहा है झूठ, भ्रामक है वायरल पोस्ट
विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। 6 साल पुरानी खबर के कंटेंट को अब वायरल करके भ्रम फैलाया जा रहा है। 2019 में मध्य प्रदेश में हनी ट्रैप का मामला सामने आया था।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Dec 5, 2025 at 03:31 PM
- Updated: Dec 5, 2025 at 04:08 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप केस में कई साल पहले कई महिलाओं, राजनेता और अफसरों का नाम आया था। अब वर्ष 2025 में आरोपी रहीं तीन महिलाओं की पुरानी तस्वीर को अब वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में 5 महिलाओं ने अफसर-नेताओं के वीडियो बनाकर करोड़ों रुपए ऐंठे हैं। मध्य प्रदेश की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। यह भ्रामक साबित हुई। दरअसल, 6 साल पहले हनी ट्रैन का मामला सामने आया था। मई 2024 में कोर्ट में आरोपी आरती दयाल, श्वेता जैन और अभिषेक सिंह ठाकुर को जमानत मिल गई थी। जनवरी 2025 में विशेष कोर्ट ने आरोपियो के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे। पुरानी घटना से जुड़ी खबर अब वायरल करके भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।
क्या हो रहा वायरल
फेसबुक यूजर विजय कुमार ने तीन महिलाओं की एक तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया, “5 महिलाओं ने मिलकर 20 अफसर-नेताओं को प्रेम जाल में फंसाया और उनसे कथित तौर पर ₹15 करोड़ रुपये ऐंठे। पुलिस ने इन महिलाओं के मोबाइल से शारीरिक संबंध से जुड़े 90 वीडियो बरामद किए हैं। पीड़ितों में 2 SDM, 3 DSP और कई मंत्री विधायकों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। ये महिलाएं शारीरिक संबंध के वीडियो बनाकर, उन्हें वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलती थीं। 90 वीडियो भोपाल और जबलपुर पुलिस द्वारा जब्त किए गए हैं और पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। सोशल मीडिया पोस्ट में विधायकों और मंत्रियों को सावधान रहने की अपील की गई है, क्योंकि इनकी फ्रैंचाइजी राजस्थान और यूपी में भी हो सकती है।”

यह पोस्ट 4 दिसंबर को शेयर की गई। इस सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले कीवर्ड सर्च के जरिए संबंधित तस्वीर से जुड़ी खबरें खोजना शुरू किया।
हमें 6 साल पहले भास्कर डॉट कॉम पर पब्लिश एक खबर मिली। इसमें लिखा गया, “नेताओं-अफसरों को ब्लैकमेल कर करोड़ों वसूलने वाली पांचों महिलाओं के बारे में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस और एटीएस को पता चला है कि इन महिलाओं ने करीब 20 लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए और इन्हें वायरल करने की धमकी देकर उनसे करीब 15 करोड़ रुपए की वसूली की है। किसी से 50 लाख तो किसी से तीन करोड़ रुपए तक की वसूली की गई। इनसे जब्त मोबाइल और 8 सिम की जांच में करीब 90 वीडियो भी मिले हैं। इनमें से 30 वीडियो आईएएस, आईपीएस अफसरों और नेताओं के हैं।”

जनवरी 2025 को पत्रिका डॉट कॉम की खबर से पता चला कि विशेष अदालत ने इस केस में 8 लोगों पर आरोप तय कर दिए। विशेष न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने आरोपी मोनिका उर्फ सीमा यादव, आरती दयाल, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी, श्वेता विजय जैन, रूपा अहिरवार, अभिषेक ठाकुर और ओमप्रकाश के खिलाफ आरोप तय किए।
क्या है पूरा मामला
17 सितंबर 2019 को पहली बार मध्य प्रदेश का चर्चित हनी ट्रैप कांड सामने आया था। दरअसल, इंदौर नगर निगम में कार्यरत इंजीनियर हरभजन सिंह ने शहर के एक थाने में खुद को ब्लैकमेल किए जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में परतें दर परतें खुलती गईं। इसमें नेताओं, अफसरों और पत्रकारों की भी संदिग्ध भूमिका सामने आने लगी। एफआईआर में हरभजन सिंह ने दावा किया था कि उन्हें 29 वर्षीय आरती दयाल नाम की एक महिला द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। उस वक्त पुलिस की जांच में पता चला कि एक गैर सरकारी संगठन ने कथित तौर पर राजनेताओं, नौकरशाहों और कई बड़े रसूखदारों को ब्लैकमेल करने के लिए उनके अश्लील वीडियो बनाए थे। पुलिस ने भोपाल की संदिग्ध मास्टरमाइंड श्वेता स्वप्निल जैन सहित पांच महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया था।
विश्वास न्यूज ने अधिक जानकारी के लिए नईदुनिया के मध्य प्रदेश के ब्यूरो चीफ धनंजय प्रताप सिंह से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में हनीट्रैप का मामला वर्ष 2019 में सामने आया था। उसी से जुड़ी फोटो और कंटेंट को अब वायरल करके भ्रम फैलाया जा रहा है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। 6 साल पुरानी खबर के कंटेंट को अब वायरल करके भ्रम फैलाया जा रहा है। 2019 में मध्य प्रदेश में हनी ट्रैप का मामला सामने आया था।
- Claim Review : 5 महिलाओं ने हाल ही में अफसर-नेताओं के वीडियो बनाकर करोड़ों रूपए ऐंठे, पुलिस कर रही है जांच।
- Claimed By : FB User Vijay Kumar
- Fact Check : भ्रामक
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