X
X

Fact Check: क्रिसमस और प्रदूषण से जोड़कर वायरल हो रहा लालटेन बैलून का यह वीडियो भारत नहीं, थाईलैंड का है

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि आसमान में उड़ाए जा रहे कागज के लालटेनों के इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है  और न ही यह वीडियो क्रिसमस के मौके का है। यह नवंबर में थाईलैंड में हुए लैंटर्न फेस्टिवल का वीडियो है। 

  • By: Umam Noor
  • Published: Dec 30, 2025 at 05:44 PM
  • Updated: Dec 30, 2025 at 06:30 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहर इस समय गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में हैं। राजधानी दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लंबे वक्त से ‘खराब’ से ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है। अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग एक खुले मैदान में बड़ी संख्या में कागज के लालटेन आसमान में उड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करते हुए यूजर दावा कर रहे हैं कि यह भारत का वीडियो है, जहां क्रिसमस के मौके पर प्रदूषण के बावजूद लालटेन उड़ाए गए हैं। वीडियो को शेयर करते हुए तंज भी किया जा रहा कि दिवाली के पटाखों से ही सिर्फ वायु प्रदूषण होता है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि आसमान में उड़ाए जा रहे कागज के लालटेनों के इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। और न ही यह वीडियो क्रिसमस के मौके का है। यह नवंबर में  थाईलैंड में हुए लैंटर्न फेस्टिवल का वीडियो है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

फेसबुक यूजर ‘पंकज विश्वकर्मा जर्नलिस्ट ‘ ने वायरल पोस्ट को 26 दिसंबर को शेयर करते हुए लिखा, “मैरी क्रिसमस झिंगा बेल करने वाले लोग कल रात को इतने सारे बैलून उड़ा दिए। इससे वायु प्रदूषण ठीक रहेगा सिर्फ दिवाली के पटाखे से वायु प्रदूषण खराब हो जाता है।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के की- फ्रेम्स निकाले और उन्हें गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो मार्कोज वाज नाम के एक फेसबुक पेज पर अपलोड किया हुआ मिला। यहां वीडियो को 6 नवंबर को पोस्ट किया गया है। वहीं, वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, यह थाईलैंड के  लैंटर्न फेस्टिवल का वीडियो है।

इस प्रोफाइल पर हमें इसी मौके की और भी तस्वीर तथा वीडियो नवंबर को पोस्ट किए हुए मिले।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने इस फेस्टिवल के बारे में गूगल ओपन सर्च के जरिए जानकारी हासिल करने की कोशिश की। mundoasiatours नाम की एक टूरिज्म वेबसाइट पर हमें इसी उत्सव से जुड़ी जानकारी मिली। इसके मुताबिक, यह लालटेन फेस्टिवल थाईलैंड के चियांग माई में होता है, जिसे यी पेंग के नाम से भी जाना जाता है। यह थाईलैंड के सबसे शानदार इवेंट्स में से एक है। 2025 में, लालटेन फेस्टिवल 5 और 6 नवंबर को हुआ। इस फेस्टिवल के दौरान लोग टेम्पल  और नदी के किनारों पर इकट्ठा होकर कागज से बनाई हुई  लालटेन आसमान में छोड़ते हैं।

इस उत्सव के बारे में हमें और भी कई वेबसाइट पर जानकारी मिली।

गौरतलब है कि दिल्ली समेत देश के और भी कई हिस्सों में इस समय वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर बना हुआ है। इसके चलते कई शहरों में पॉल्यूशन खराब से लेकर गंभीर श्रेणी में दर्ज की जा रही है और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वायरल पोस्ट से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने थाईलैंड के पत्रकार मैट हंट से संपर्क किया और वीडियो उनके साथ शेयर किया। उन्होंने हमें बताया कि यह थाईलैंड के एक उत्सव का वीडियो है। उन्होंने यह भी बताया कि यह उत्सव पूरे थाईलैंड में नहीं होता, बल्कि कुछ खास इलाकों में होता है।

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर ‘पंकज विश्वकर्मा जर्नलिस्ट’ की सोशल स्कैनिंग में हमने पाया कि यूजर को 4 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर के बायो के  अनुसार, वह लखनऊ स्थित पत्रकार है ।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि आसमान में उड़ाए जा रहे कागज के लालटेनों के इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है  और न ही यह वीडियो क्रिसमस के मौके का है। यह नवंबर में थाईलैंड में हुए लैंटर्न फेस्टिवल का वीडियो है। 

  • Claim Review : भारत में वायु प्रदूषण के बीच क्रिसमस पर लालटेन बैलून उड़ाए गए।
  • Claimed By : फेसबुक यूजर 'पंकज विश्वकर्मा जर्नलिस्ट'
  • Fact Check : झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later