Fact Check: जावेद अख्तर की AI निर्मित तस्वीर, इस्लाम कबूल किए जाने के दावे से वायरल
विश्वास न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो में इस्तेमाल की गई तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई है। जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर इस दावे का खंडन करते हुए इसे फर्जी और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
- By: Umam Noor
- Published: Jan 3, 2026 at 03:46 PM
- Updated: Mar 26, 2026 at 05:22 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। कुछ दिन पहले बॉलीवुड के गीतकार जावेद अख्तर और मुफ्ती शुमाइल नदवी के बीच ‘ईश्वर के अस्तिव’ विषय पर बहस हुई थी। जिसके बाद अब एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि जावेद अख्तर ने इस्लाम कबूल कर लिया है। इस वीडियो में जावेद अख्तर को एक मस्जिद के अंदर कुर्ता-पायजामा, धार्मिक टोपी और लाल स्कार्फ में दिखाया गया है।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो में इस्तेमाल की गई तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई है और जावेद अख्तर के इस्लाम कबूल करने का दावा पूरी तरह फर्जी है। खुद जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर इस दावे का खंडन करते हुए इसे फर्जी और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
फेसबुक यूजर ‘राजू खान’ ने 2 जनवरी को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “जावेद अख्तर नास्तिक से आस्तिक हो गए अल्लाह इनकी गुनाहों को माफ करे।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने न्यूज सर्च किया। सर्च में हमें जावेद अख्तर के इस्लाम कुबूल किए जाने से जुड़ी कोई खबर नहीं मिली। अगर ऐसे किसी भी खबर में सच्चाई होती तो मीडिया में जरूर मौजूद होती।
इसी बुनियाद पर पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमने जावेद अख्तर के एक्स हैंडल को चेक किया। हमें एक जनवरी 2026 को इसी मामले से जुड़ी पोस्ट मिली। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि, ”मेरे नाम से एक फर्जी वीडियो फैलाया जा रहा है, जिसमें मेरी कंप्यूटर से बनाई गई नकली तस्वीर दिखाई गई है। उस तस्वीर में मेरे सिर पर टोपी लगाई गई है और यह दावा किया जा रहा है कि मैं आखिरकार गॉड की तरफ आ गया हूं। यह पूरी तरह बकवास है। मैं इस मामले को साइबर पुलिस में रिपोर्ट करने पर गंभीरता से विचार कर रहा हूँ। और मेरी छवि व विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाने वाले व्यक्ति और इसे आगे फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हूँ।”
इस मामले से जुड़ी खबर हमें द हिंदू और टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर भी 2 जनवरी 2026 को छपी हुई मिली। खबर में बताया गया, वरिष्ठ गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर फैल रहे AI से बनाई गई तस्वी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे भ्रामक बताया और कहा कि वह इस मामले की साइबर पुलिस में शिकायत कर सकते हैं।
बता दें, जावेद अख्तर सार्वजनिक तौर पर खुद को नास्तिक बताते रहे हैं। 29 अगस्त 2025 को द इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक चर्चा में उन्होंने बताया था कि वह खुद को नास्तिक क्यों मानते हैं। इससे जुड़ा वीडियो नीचे इंडियन एक्सप्रेस के यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल वीडियो से जावेद अख्तर की तस्वीर को क्रॉप किया। और उसे एआई तस्वीरों की जांच करने वाले टूल हाइव मॉडरेशन पर अपलोड किया। नतीजे के अनुसार, इस तस्वीर के एआई निर्मित होने की संभावना 96 फीसद है।

वायरल पोस्ट से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण में मुंबई से बॉलीवुड को कवर करने वालीं सीनियर संवाददाता स्मिता श्रीवास्तव से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह दावा पूरी तरह से फर्जी है। इसका खंडन जावेद अख्तर ने एक्स पोस्ट में भी किया है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर फेसबुक यूजर ‘राजू खान’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को डेढ़ हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर के बायो के अनुसार, वह लखनऊ के रहने वाले हैं।
डिस्क्लेमर: इस फैक्ट चेक रिपोर्ट में पहले उपयोग किया गया एक टूल विश्वसनीयता के मानकों के मुताबिक नहीं था। समीक्षा के बाद इस टूल के रेफरेंस और उसके नतीजों को हटा दिया गया है, जिससे फैक्ट चेक रिपोर्ट के नतीजों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हटाए गए टूल के स्थान पर अब प्रमाणित और विश्वसनीय स्रोतों का उपयोग किया गया है। यह अपडेट पूरी तरह से निर्धारित SoP के ढांचे के भीतर किया गया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो में इस्तेमाल की गई तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई है। जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर इस दावे का खंडन करते हुए इसे फर्जी और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
- Claim Review : जावेद अख्तर ने इस्लाम कबूल कर लिया है।
- Claimed By : फेसबुक यूजर 'राजू खान'
- Fact Check : झूठ
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