Fact Check: फुटबॉल मैच के बाद फ्रांस में हुई हिंसा का नहीं, बल्कि इंडोनेशिया में हुए एक प्रदर्शन का है यह वीडियो
पथराव कर रहे लोगों के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ। असल में वायरल वीडियो इंडोनेशिया में हुए एक प्रदर्शन का है, फ्रांस का नहीं।
- By: Pragya Shukla
- Published: Jun 2, 2026 at 06:18 PM
- Updated: Jun 3, 2026 at 02:59 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। चैंपियंस लीग फुटबॉल प्रतियोगिता में पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) की जीत और इंग्लैंड के क्लब आर्सेनल की हार के बाद फैंस हिंसक हो गए। इसके बाद फ्रांस के कई इलाकों में दंगे शुरू हो गए। इसी से जोड़ते हुए पुलिस पर हमला करते हुए कुछ लोगों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी पुलिस को डंडे और पत्थरों से मार रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो फ्रांस में हुई हालिया हिंसा का है।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल दावा गलत साबित हुआ। असल में वायरल वीडियो का फ्रांस से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो इंडोनेशिया में हुए एक प्रदर्शन का है। सोशल मीडिया पर पहले भी यह वीडियो अलग-अलग दावे से वायरल हो चुका है। विश्वास न्यूज ने उस दौरान भी इसकी पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Sunil Kumar Gautam’ ने 1 जून 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “इससे अच्छा तो यूपी पुलिस के होमगार्ड को इन पेरिस पुलिस का कमिश्नर बना देना चाहिए..!! योगीजी को 2 दिन दे दो फ्रांस वालों खटिया ख़डी और बिस्तर गोल ना कर दें फिर कहना ऐसे जाहिलों के लिए बाबा काल हैं।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
साल 2025 में यह वीडियो नेपाल प्रदर्शन के नाम पर वायरल हुआ था। उस समय विश्वास न्यूज ने इसकी पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
हमें उस दौरान यह वीडियो ‘Nigerian Military Gallery’ नाम के एक फेसबुक पेज पर 2 सितंबर 2025 को शेयर किया हुआ मिला था। कैप्शन में वीडियो को इंडोनेशिया में हुए विरोध प्रदर्शन का बताया गया है।

हमें वीडियो से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘carnegieendowment’ की वेबसाइट पर 3 सितंबर 2025 को प्रकाशित मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया में सांसदों के वेतन में हुई बढ़ोतरी को लेकर हजारों लोगों ने राष्ट्रीय संसद के सामने प्रदर्शन किया था।
इस बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने ‘दैनिक जागरण’ के संवाददाता जेपी रंजन से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। चैंपियंस लीग फुटबॉल प्रतियोगिता में पीएसजी की जीत के बाद फ्रांस में हिंसा तो हुई है, लेकिन यह वीडियो वहां का नहीं है।
क्या है संदर्भ?
चैंपियंस लीग 2026 में पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) ने आर्सेनल को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के बाद फ्रांस में हिंसा शुरू हो गई। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और हिंसक झड़पें हुईं। इस हिंसा के बाद पुलिस ने पेरिस में 280 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को करीब सात हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को यूपी का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में पुलिस पर पथराव कर रहे लोगों के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ। असल में वायरल वीडियो इंडोनेशिया में हुए एक प्रदर्शन का है, फ्रांस का नहीं।
- Claim Review : फ्रांस में पुलिस पर पथराव करते उपद्रवी।
- Claimed By : FB User Sunil Kumar Gautam
- Fact Check : झूठ
- Vishvas News Report, Published on 10 Sep 2025
- FB Post by Nigerian Military Gallery, Posted on 1 Sep 2025
- News Report by Carnegie Endowment, Published on 3 Sep 2025
- News Report by Aljazeera, 31 May 2026
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